हेडफोन लगाए PUBG गेम खेल रहा था 22 साल का युवक, अचानक दिमाग की नस फटी, मौत, इकलौता चिराग बुझने से परिवार में कोहराम

By Ashish Meena
फ़रवरी 9, 2026

मोबाइल गेमिंग का जुनून अब जानलेवा साबित होने लगा है। गाजियाबाद में तीन बहनों की आत्महत्या के गम से अभी प्रदेश उबरा भी नहीं था कि मेरठ के खैरनगर इलाके से एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ पबजी (PUBG) गेम की लत ने 22 वर्षीय युवक मोहम्मद कैफ की जान ले ली। गेम खेलते समय पैदा हुए अत्यधिक तनाव के कारण युवक का ब्लड प्रेशर (BP) इतना बढ़ा कि उसके दिमाग की नस फट गई।

रात 3 बजे अचानक बेड से गिरा और फिर…

खैरनगर की गूलर वाली गली निवासी प्रॉपर्टी डीलर फारुक का इकलौता बेटा कैफ, शुक्रवार रात अपने कमरे में हेडफोन लगाकर पबजी खेल रहा था। पिछले चार महीनों से वह इस गेम का इस कदर आदी हो चुका था कि उसे दिन और रात का होश नहीं रहता था।

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शुक्रवार रात करीब 3 बजे, जब पूरा शहर सो रहा था, कैफ गेम के रोमांच और तनाव में डूबा हुआ था। अचानक वह बेड से नीचे गिर पड़ा। चीख सुनकर जब परिजन कमरे में पहुंचे, तो कैफ अचेत अवस्था में था।

डॉक्टर भी रह गए दंग

परिजन उसे तुरंत स्थानीय अस्पताल ले गए। इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर्स तब हैरान रह गए जब कैफ का ब्लड प्रेशर 300 के पार दर्ज किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, इतनी कम उम्र में इतना उच्च रक्तचाप केवल अत्यधिक मानसिक तनाव या उत्तेजना की स्थिति में ही संभव है।

हालत बिगड़ते देख उसे तत्काल दिल्ली रेफर किया गया, जहाँ दो दिनों तक वेंटिलेटर पर मौत से जूझने के बाद रविवार सुबह उसने दम तोड़ दिया। मेडिकल रिपोर्ट में मौत का कारण ब्रेन हैमरेज (Brain Hemorrhage) बताया गया है।

रील के शौक से ‘किलिंग जोन’ तक का सफर

कैफ के पिता फारुक ने बताया कि उनका बेटा पहले इंस्टाग्राम पर रील बनाने का शौकीन था, लेकिन धीरे-धीरे उसे ऑनलाइन गेमिंग का चस्का लग गया। “हमने उसे बहुत समझाया, कई बार टोका भी, लेकिन उसे पबजी का ऐसा जुनून सवार था कि वह पूरी-पूरी रात जागकर हेडफोन लगाकर चिल्लाता रहता था।” कैफ की मौत के बाद परिवार का इकलौता वारिस खत्म हो गया है, जिससे पूरे इलाके में मातम पसरा है।

एक्सपर्ट की राय: युवाओं के दिमाग पर ‘साइलेंट अटैक’

मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, पबजी जैसे गेम्स दिमाग में ‘डोपामाइन’ (Dopamine) और ‘एड्रेनालिन’ (Adrenaline) हार्मोन का स्तर अचानक बढ़ा देते हैं।

डोपामाइन: यह लत लगाता है और व्यक्ति को बार-बार खेलने के लिए उकसाता है।
एड्रेनालिन: यह शरीर को ‘लड़ो या भागो’ (Fight or Flight) की स्थिति में ले आता है, जिससे हृदय गति और ब्लड प्रेशर अचानक बढ़ जाता है।

निष्कर्ष और चेतावनी

मेरठ की यह घटना उन लाखों युवाओं और अभिभावकों के लिए एक चेतावनी है जो मोबाइल गेमिंग को केवल मनोरंजन समझते हैं। अगर आपका बच्चा भी देर रात तक जागकर गेम खेल रहा है या स्वभाव में चिड़चिड़ापन दिखा रहा है, तो यह गंभीर खतरे का संकेत हो सकता है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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