50,000 सरकारी पदों पर भर्ती, कर्मचारियों और किसानों को भी बड़ी सौगात…इस दिन खुलेगा मोहन सरकार का पिटारा
By Ashish Meena
जनवरी 23, 2026
सरकारी पदों पर भर्ती: मध्यप्रदेश की राजनीति और अर्थव्यवस्था के लिए 16 फरवरी का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व वाली सरकार विधानसभा में राज्य का पहला ‘रोलिंग बजट’ (Rolling Budget) पेश करने जा रही है। 16 फरवरी से 6 मार्च तक चलने वाले इस बजट सत्र में सरकार केवल एक साल नहीं, बल्कि आगामी तीन वर्षों का वित्तीय रोडमैप जनता के सामने रखेगी।
क्या है रोलिंग बजट का नया कॉन्सेप्ट?
पारंपरिक बजट केवल एक वित्तीय वर्ष के लिए होता है, लेकिन रोलिंग बजट 2026-27 एक गतिशील व्यवस्था है। इसमें सरकार एक साथ तीन सालों (2026-27, 2027-28, और 2028-29) की कार्ययोजना पेश करेगी। यह बजट समय के साथ योजनाओं की प्रगति के आधार पर अपडेट होता रहेगा, जिससे परियोजनाओं के बीच में फंड की कमी नहीं होगी।
कर्मचारियों के लिए बड़ी सौगात
मोहन सरकार राज्य के 5 लाख कर्मचारियों और लगभग इतने ही पेंशनभोगियों के लिए बड़ी राहत देने जा रही है। बजट में कैशलेस स्वास्थ्य बीमा योजना का प्रावधान किया जा सकता है, जिसके तहत गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए 35 लाख रुपये तक का कवर मिलेगा। सबसे खास बात यह है कि इस योजना का लाभ कर्मचारी के साथ-साथ उनके आश्रित परिवार को भी मिलेगा।
50,000 सरकारी पदों पर भर्ती
प्रदेश के युवाओं के लिए बजट में नौकरियों का पिटारा खुलने वाला है। सरकार ने 50 हजार से अधिक रिक्त पदों को भरने का लक्ष्य रखा है। इन भर्तियों को MPPSC और कर्मचारी चयन मंडल (ESB) के माध्यम से पारदर्शी तरीके से पूरा किया जाएगा। इसके अलावा, स्वरोजगार के लिए स्टार्टअप फंड का भी विस्तार किया जा सकता है।
किसानों को मिलेगी बड़ी सौगात
किसान सम्मान निधि: सरकार किसानों की वार्षिक सम्मान निधि में बढ़ोतरी का संकेत दे चुकी है।
फूड प्रोसेसिंग यूनिट
हर जिले में स्थानीय फसलों के लिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट स्थापित की जाएंगी, ताकि किसानों को उनकी उपज का सही मूल्य मिल सके।
आदिवासी विकास
पीएम-जनमन योजना के तहत 22 आदिवासी जिलों में 1000 किमी लंबी नई सड़कें और पुल बनाने के लिए 800 करोड़ रुपये का विशेष प्रावधान किया जा रहा है।
शहरी परिवहन और बुनियादी ढांचा
बजट में मेट्रो प्रोजेक्ट के विस्तार, इलेक्ट्रिक बसों के संचालन और हर संभाग में बड़े अस्पतालों के निर्माण के लिए भारी निवेश की उम्मीद है। प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने के लिए भी अलग से सब्सिडी का प्रावधान किया जा सकता है।
मध्यप्रदेश का यह बजट केवल आंकड़ों का लेखा-जोखा नहीं, बल्कि राज्य को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। रोलिंग बजट के जरिए सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि वह लंबी अवधि के विकास पर ध्यान केंद्रित कर रही है।
