देशभर में बसों को लेकर बड़ा फैसला, NHRC ने सभी राज्यों को दिया निर्देश, कहा- एक्शन लेना होगा

By Ashish Meena
November 29, 2025

Sleeper Buses : रात की लंबी यात्रा के लिए अक्सर इस्तेमाल होने वाली स्लीपर बसों (Sleeper Buses) को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) ने महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया है।

आयोग ने देश के सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को आदेश दिया है कि वे सुरक्षा मानदंडों का उल्लंघन करने वाली हर स्लीपर कोच बस को तुरंत सड़कों से हटा दें।

क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला?
NHRC के अध्यक्ष प्रियांक कानूनगो ने यह निर्देश हाल के महीनों में स्लीपर बसों से जुड़े हादसों की बढ़ती संख्या और इन दुर्घटनाओं में यात्रियों की मौत के गंभीर मामलों को देखते हुए जारी किया है।

आयोग का स्पष्ट मानना है कि भारत में स्लीपर बसें अक्सर ओवरलोडिंग, खराब रखरखाव, अत्यधिक तेज रफ्तार और सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी के कारण दुर्घटनाग्रस्त हो जाती हैं।

इन लापरवाही और अनदेखी के कारण होने वाले हादसों में लोगों की मौत होना, भारतीय संविधान के अनुच्छेद-21 (जीवन का अधिकार) का सीधा-सीधा उल्लंघन है।

इस साल हुए कई दर्दनाक स्लीपर बस हादसों ने आयोग को यह निष्कर्ष निकालने पर मजबूर किया कि यात्रियों के ‘जीवन के अधिकार’ की रक्षा के लिए तत्काल और कठोर कदम उठाना आवश्यक है।

NHRC का निर्देश- सभी राज्यों को एक्शन लेना होगा
जारी निर्देशों में प्रियांक कानूनगो ने सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को यह सुनिश्चित करने को कहा है कि वे अपने-अपने अधिकार क्षेत्र में चलने वाली उन सभी स्लीपर बसों की सघन जाँच करें, जो केंद्र या राज्य सरकारों द्वारा निर्धारित सुरक्षा मानदंडों को पूरा नहीं करती हैं।

इस आदेश के बाद अब राज्य परिवहन विभागों पर यह दबाव होगा कि वे तुरंत एक व्यापक अभियान चलाकर ऐसी असुरक्षित बसों की पहचान करें और उन्हें सड़कों से हटाएँ। इस कदम से यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ परिवहन संचालकों को भी सुरक्षा नियमों के पालन के लिए मजबूर होना पड़ेगा।

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आशीष मीणा को पत्रकारिता में 5 साल हो चुके है। इंदौर के श्री अटल बिहारी वाजपेयी शासकीय कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय (DAVV) से आशीष मीणा ने पत्रकारिता की डिग्री हासिल की है। इंदौर के अग्निबाण जैसे कई प्रतिष्ठित अखबारों में काम करने के बाद आशीष मीणा ने यहां तक का सफर तय किया है।