चुनाव आयोग ने बढ़ाई SIR की समय सीमा, अब वोटर वेरिफिकेशन 11 दिसंबर तक चलेगा, नया शेड्यूल जारी
By Ashish Meena
November 30, 2025
SIR Deadline Extended : देश के 12 राज्यों में चल रही स्पेशल समरी रिवीजन (SIR) प्रक्रिया को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है। SIR फॉर्म जमा करने की अंतिम तिथि अब 4 दिसंबर नहीं रही। चुनाव आयोग ने इस प्रक्रिया को पूरा करने की समय सीमा को 7 दिन के लिए आगे बढ़ा दिया है।
यह निर्णय ऐसे समय में आया है जब कई जिलों और प्रदेशों से बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) पर काम के अत्यधिक दबाव की खबरें आ रही थीं। अधिकारियों और नागरिकों दोनों को राहत देते हुए, SIR प्रक्रिया पूरी करने की नई अंतिम तिथि अब 11 दिसंबर निर्धारित की गई है।
SIR प्रक्रिया में हुए महत्वपूर्ण बदलाव
इस बदलाव के कारण वोटर लिस्ट प्रकाशन की पूरी समय-सारणी में संशोधन किया गया है। पहले 9 दिसंबर 2025 को ड्राफ्ट वोटर लिस्ट सूची जारी होनी थी, अब इसे एक हफ्ते आगे बढ़ा दिया है। अब ये ड्राफ्ट 16 दिसंबर 2025 को पब्लिश किया जाएगा।
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तारीखों में क्या हुए बदलाव?
ड्राफ्ट पब्लिकेशन का समय 9 दिसंबर 2025 से बदलकर 16 दिसंबर 2025 कर दिया गया है। दावे और आपत्ति की तारीख 9 दिसंबर 2025 से 8 जनवरी 2026 के बजाय अब 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक बढ़ा दी गई है। अंतिम सूची प्रकाशन पहले 7 फरवरी 2026 को किया जाना था, जो अब 14 फरवरी 2026 को होगा। इस पूरी प्रक्रिया को एक हफ्ते आगे बढ़ा दिया गया है।
BLOs को मिली बड़ी राहत
यह फैसला बूथ लेवल अधिकारियों (BLOs) के लिए एक बड़ी राहत बनकर आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 4 दिसंबर की समय सीमा तक SIR फॉर्म जमा करने के भारी दबाव के चलते कई BLOs के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की खबरें सामने आई थीं।
सरकार के इस कदम से अब SIR प्रक्रिया में लगे अधिकारियों को पूरा काम निपटाने के लिए एक सप्ताह का अतिरिक्त समय मिल गया है। यह उन जिलों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहाँ अभी भी SIR फॉर्म भरने का 50% काम भी पूरा नहीं हो पाया है। साथ ही, यह उन नागरिकों के लिए भी राहत है जो अपने जरूरी दस्तावेज़ अभी तक जमा नहीं कर पाए थे।
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अगर आप वोटर लिस्ट में अपना नाम जुड़वाना या संशोधन करवाना चाहते हैं, तो नई समय सीमा का लाभ उठाएं और 15 जनवरी 2026 तक अपने दावे और आपत्ति जरूर दर्ज करा दें।
99.53% फॉर्म लोगों तक पहुंचे
शनिवार को चुनाव आयोग ने अपनी प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि 51 करोड़ मतदाताओं के लिए बनाए गए गणना फॉर्म में से 99.53% फॉर्म लोगों तक पहुंचा दिए गए हैं। इनमें से लगभग 79% फॉर्म का डिजिटलीकरण भी पूरा हो चुका है। यानी यानी घर-घर से BLO जो फॉर्म भरकर लाते हैं, उनमें लिखे नाम, पते और अन्य विवरण को ऑनलाइन सिस्टम में दर्ज किए जा चुके हैं।
मप्र समेत इन 12 राज्यों में हो रहा SIR
अंडमान निकोबार
छत्तीसगढ़
गोवा
गुजरात
केरल
लक्षद्वीप
मध्य प्रदेश
पुडुचेरी
राजस्थान
तमिलनाडु
उत्तर प्रदेश
पश्चिम बंगाल
SIR क्या है?
यह चुनाव आयोग की एक प्रक्रिया है। इसमें वोटर लिस्ट अपडेट की जाती है। इसमें 18 साल से ज्यादा के नए वोटर्स को जोड़ा जाता है। ऐसे लोग जिनकी मौत हो चुकी है। जो शिफ्ट हो चुके हैं उनके नाम हटाए जाते हैं। वोटर लिस्ट में नाम, पते में हुई गलतियों को भी ठीक किया जाता है। BLO घर-घर जाकर खुद फॉर्म भरवाते हैं।
SIR के लिए कौन से दस्तावेज मान्य
पेंशनर पहचान पत्र
किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र
जन्म प्रमाणपत्र
पासपोर्ट
10वीं की मार्कशीट
स्थायी निवास प्रमाणपत्र
वन अधिकार प्रमाणपत्र
जाति प्रमाणपत्र
राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) में नाम
परिवार रजिस्टर में नाम
जमीन या मकान आवंटन पत्र
आधार कार्ड
SIR मकसद क्या है?
1951 से लेकर 2004 तक का SIR हो गया है, लेकिन पिछले 21 साल से बाकी है। इस लंबे दौर में मतदाता सूची में कई परिवर्तन जरूरी हैं। जैसे लोगों का माइग्रेशन, दो जगह वोटर लिस्ट में नाम होना। डेथ के बाद भी नाम रहना। विदेशी नागरिकों का नाम सूची में आ जाने पर हटाना। कोई भी योग्य वोटर लिस्ट में न छूटे और कोई भी अयोग्य मतदाता सूची में शामिल न हो।
