CM मोहन यादव ने किए बड़े ऐलान- समर्थन मूल्य पर होगी इस फसल की खरीदी, मूंग-उड़द पर मिलेगा बोनस, 30 लाख किसानों को दिए जाएंगे सोलर पंप

By Ashish Meena
जनवरी 11, 2026

MP News : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने रविवार को भोपाल में ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के अवसर पर कोकता बायपास स्थित आरटीओ ऑफिस के से लगभग 1101 ट्रैक्टरों की रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम यादव खुद ट्रैक्टर चलाकर रैली में शामिल हुए। इस दौरान उनके साथ कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, विधायक रामेश्वर शर्मा भी ट्रैक्टर पर सवार हुए।

खाद आपूर्ति पोर्टल का शुभारंभ किया
वहीं जंबूरी मैदान में आयोजित मुख्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ई-विकास पोर्टल, एग्री स्टैक वितरण प्रणाली और खाद आपूर्ति पोर्टल का शुभारंभ किया। इस नई व्यवस्था के तहत अब किसान पोर्टल और मोबाइल एप के माध्यम से खाद की आसान बुकिंग और सीधे डिलीवरी की सुविधा प्राप्त कर सकेंगे। इससे किसानों को खाद के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

कृषक कल्याण वर्ष-2026 का शुभारंभ:1101 ट्रैक्टर को दिखाई हरी झंडी,cm बोले-अब  खाद की जानकारी मोबाइल पर मिलेगी - Launch Of Farmers' Welfare Year-2026: 1101  Tractors Flagged Off ...

सीएम बोले- जो कहा करके दिखाया
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने “भगवान किसान बलराम की जय के जायके लगवाए। उन्होंने कहा कि दुनिया में प्रकृति के साथ जीवन जीने की परंपरा केवल भारत में है। किसान कल्याण वर्ष को प्रभावी बनाने के लिए सरकार ने केवल कृषि विभाग ही नहीं, बल्कि इससे जुड़े 16 मंत्रालयों को एक साथ जोड़ा है, ताकि गांवों में किसानों की आय बढ़ाई जा सके।

हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी
मुख्यमंत्री ने कहा कि आज की विशाल सभा देखकर उन्हें भगवान महाकाल का आशीर्वाद मिल रहा है। उन्होंने कहा कि यह प्रदेश नदियों का मायका है और नर्मदा पर बांध बनाकर पूरे मध्यप्रदेश को हरा-भरा किया गया। उन्होंने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि बांध निर्माण में भी कांग्रेस ने कंजूसी की, जबकि हमारी सरकार ने प्रदेश के विकास को नई दिशा दी।

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लाड़ली बहनों के लिए ये बोले सीएम
सीएम यादव ने कहा कि उनकी सरकार ने लाड़ली बहनों को 1500 रुपए प्रतिमाह देने का काम किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किसान सम्मान निधि के तहत 6 हजार रुपए दिए जाते हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इसमें 6 हजार रुपए और जोड़कर किसानों को सालाना 12 हजार रुपए देने की व्यवस्था शुरू की।

प्रदेश में नदियों को जोड़ा जा रहा
उन्होंने सरदार पटेल के सहकारी आंदोलन का उल्लेख करते हुए कहा कि हमारे देश में दूध-दही की नदियां बहती हैं, लेकिन कांग्रेस ने इस दिशा में कुछ नहीं किया। अब राज्य सरकार दूध डेयरी व्यवसाय को बढ़ावा देने के लिए किसानों को मदद करेगी। साथ ही नदी जोड़ो अभियान के तहत प्रदेश में नदियों को जोड़ा जा रहा है।

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हमने जो कहा, वह करके दिखाया
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब किसानों ने सोयाबीन बोई तो भावांतर योजना के जरिए उन्हें उचित मूल्य मिला। पहले कांग्रेस कहती थी कि यह संभव नहीं है, लेकिन हमने जो कहा, वह करके दिखाया।

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प्रदेश में फूड पार्क विकसित होंगे
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि किसानों के लिए यह केवल एक दिन का कार्यक्रम या कर्मकांड नहीं, बल्कि पूरा वर्ष 16 विभागों के माध्यम से काम करने का संकल्प है। उन्होंने कहा कि किसानों की उपज जल्दी खराब होने की समस्या को दूर करने के लिए प्रदेश में फूड पार्क विकसित किए जाएंगे, जिससे किसानों को उनकी फसल का सही मूल्य मिल सके। सरकार किसानों को सब्सिडी देकर इन उद्योगों में भागीदार भी बनाएगी।

30 लाख किसानों को मिलेंगे सोलर पंप
मुख्यमंत्री ने कहा कि अभी 5 हॉर्सपावर के बिजली कनेक्शन के लिए किसानों को 7,500 रुपए जमा करने पड़ते हैं, लेकिन सरकार तीन वर्षों में 30 लाख किसानों को सोलर पंप उपलब्ध कराएगी, जिससे उन्हें मुफ्त बिजली मिलेगी। उन्होंने भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष से आह्वान किया कि वे किसानों को संगठित कर इस योजना का लाभ दिलाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।

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यह इतिहास की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली
सीएम यादव ने कहा कि यह इतिहास की सबसे बड़ी ट्रैक्टर रैली है, जो किसानों के विश्वास और सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चना और सरसों की खेती पर विशेष शोध किया जाएगा और खाद की मारामारी की समस्या को स्थायी रूप से समाप्त किया जाएगा। खेती का रकबा बढ़ने से खाद की मांग भी बढ़ी है, जिसे देखते हुए आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है।

सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़ाई जाए
मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि किसानों की आय बढ़ाई जाए और उनकी लागत कम की जाए। इसके लिए फसलों का विविधीकरण किया जाएगा, साथ ही प्राकृतिक और जैविक खेती को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि अधिक उत्पादन के लिए रासायनिक खादों पर निर्भरता एक बड़ी बाधा है, जिसे कम करने के लिए सरकार प्राकृतिक और जैविक खेती को प्रोत्साहित कर रही है।

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‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की शुरुआत की
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश देश का एकमात्र राज्य है, जिसने ‘किसान कल्याण वर्ष’ मनाने की शुरुआत की है। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा और आय बढ़ाने के लिए सरकार लगातार ठोस फैसले ले रही है। किसानों को आधुनिक कृषि यंत्र उपलब्ध कराने के लिए रोटावेटर आधी कीमत पर दिया जा रहा है, जिससे खेती की लागत कम होगी और उत्पादकता बढ़ेगी।

पराली से किसानों को आमदनी का साधन मिल सके
सीएम यादव ने कहा कि पराली जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए सरकार वैकल्पिक व्यवस्था कर रही है, ताकि पराली से किसानों को आमदनी का साधन मिल सके। इसके लिए प्रोसेसिंग और उपयोग की योजनाएं लागू की जा रही हैं।

कोदो-कुटकी की खरीदी MSP पर होगी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में तेजी से कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर का विकास हो रहा है। वर्तमान में खेती का रकबा लगभग ढाई लाख हेक्टेयर बढ़ा है, जो सरकार की नीतियों का सकारात्मक परिणाम है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में चल रही तीन नदी जोड़ो परियोजनाओं से करीब 16 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी, जिससे कृषि उत्पादन में बड़ा इजाफा होगा।

कृषक कल्याण वर्ष-2026 का शुभारंभ:1101 ट्रैक्टर को दिखाई हरी झंडी,cm बोले-अब  खाद की जानकारी मोबाइल पर मिलेगी - Launch Of Farmers' Welfare Year-2026: 1101  Tractors Flagged Off ...

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि डिंडोरी में श्रीअन्न अनुसंधान केंद्र की स्थापना की जाएगी, जिससे मोटे अनाज के उत्पादन और अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी घोषणा की कि कोदो और कुटकी की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर की जाएगी, ताकि आदिवासी और छोटे किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

हमने गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से…
मुख्यमंत्री ने कहा, “हमने किसानों से जो वादा किया था, उसे निभा रहे हैं। हमने गेहूं 2700 रुपए प्रति क्विंटल की दर से खरीदने का वादा किया था और पांच साल के भीतर उसे पूरा करके दिखाया। पिछली सरकार के समय गेहूं महज 500 रुपए प्रति क्विंटल में बिकता था।”

सरसों पर भी भावांतर योजना का लाभ देने की तैयारी
उन्होंने बताया कि सरकार अब सरसों पर भी भावांतर योजना का लाभ देने की दिशा में काम कर रही है और इस संबंध में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र भेजा जा रहा है, ताकि किसानों को बेहतर मूल्य सुनिश्चित किया जा सके।

किसानों के हित में वेदर इन्फॉर्मेशन डेटा सिस्टम तैयार होगा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि राज्य सरकार ने आपदा प्रभावित 24 लाख 14 हजार किसानों को 2150 करोड़ रुपए की सहायता राशि प्रदान की है। इसके साथ ही भावांतर योजना के अंतर्गत अब तक 1350 करोड़ रुपए किसानों को दिए जा चुके हैं।

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने 43 लाख मीट्रिक टन धान खरीद की अनुमति दी थी, जबकि अब तक 44 लाख मीट्रिक टन से अधिक धान का उपार्जन किया जा चुका है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि धान उपार्जन समय पर और व्यवस्थित ढंग से पूरा कराया जाए।

कृषि इतिहास का नया अध्याय शुरू: सीएम डॉ. मोहन ने 1101 ट्रैक्टरों की रैली को दिखाई  हरी झंडी, खुद ट्रैक्टर चलाकर रैली में हुए शामिल - Lalluram

सीएम ने किसानों से अपील की कि गर्मी के मौसम में मूंग और उड़द की खेती करें, जिस पर राज्य सरकार द्वारा बोनस देने की घोषणा की गई है। साथ ही बताया कि प्रदेश में अब तक 6 वन विज्ञान केंद्रों की स्थापना की जा चुकी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों के हित में वेदर इन्फॉर्मेशन डेटा सिस्टम तैयार किया जाएगा, जिससे मौसम आधारित खेती को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग से किसी का भला नहीं होगा, इसलिए किसान उड़द, मूंग और मूंगफली जैसी फसलों को अपनाकर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ें।

सोमनाथ मंदिर भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान
कोकता बायपास पर ट्रैक्टर रैली को हरी झंडी दिखाने के पहले CM डॉ मोहन यादव ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा- एक हजार साल पहले महमूद गजनवी ने सोमनाथ मंदिर को तोड़ने का कृत्य किया था। आज बाबा सोमनाथ का मंदिर भोलेनाथ के जयकारों से गुंजायमान हो रहा है। सरदार पटेल के कारण एक हजार साल पुराना मंदिर अपने वैभव को प्राप्त कर रहा है। 500 साल का संघर्ष के बाद अयोध्या में भगवान राम का मंदिर बना।

जैसे उद्योग-रोजगार वर्ष मनाया, वैसे ही पूरे साल ‘कृषक कल्याण वर्ष’
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जिस तरह पिछले वर्ष उद्योग-रोजगार वर्ष मनाया गया और संभाग स्तर तक रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव आयोजित की गईं, उसी तर्ज पर अब पूरा साल अनवरत रूप से ‘कृषक कल्याण वर्ष’ मनाया जाएगा। इसके तहत अलग-अलग योजनाओं और कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों के हित में लगातार काम होगा।

सीएम ने आगे कहा कि नरेंद्र मोदी के आशीर्वाद और मार्गदर्शन में सरकार ने देश के चारों वर्ग- गरीब, युवा, महिला और किसान के समग्र कल्याण का संकल्प लिया है। उन्होंने विश्वास जताया कि इस वर्ष के अंत तक किसान भाइयों के लिए कई ठोस उपलब्धियां और सफलताएं सामने आएंगी, जिनका सीधा लाभ खेत, फसल और आमदनी तक पहुंचेगा। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि कृषक कल्याण वर्ष केवल एक घोषणा नहीं, बल्कि योजनाबद्ध और निरंतर प्रयासों का साल होगा, जिसमें राज्य सरकार हर स्तर पर किसानों के साथ खड़ी नजर आएगी।

सीएम यादव ने कहा कि, पहले किसान मतलब सिर्फ कृषि विभाग को माना जाता था हमने 16 विभाग को मिलाकर ये तय किया है कि ये सभी 16 मंत्रालय मिलकर किसानों के लिए काम करेंगे। हमारे राज्य की कृषि विकास दर 16% की गति से बढ़ रही है। ऐसे में किसानों की आय बढ़ाने और लागत घटाने के लिए इसी प्रकार के संकल्प की आवश्यकता है।

सीएम ने कहा, मैं जब हेलिकॉप्टर से आ रहा था तो जहां देखो ट्रेक्टर नजर आ रहे थे। ये तो अभी झांकी है बहुत कुछ बाकी है। ये तो अकेले खाली ट्रेक्टर हैं अगर ट्रॉली जोड़ देते तो बायपास के आगे तक लाइन नजर आती।

जंबूरी मैदान में प्रदर्शनी का अवलोकन
ट्रैक्टर रैली के समापन के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव मुख्य कार्यक्रम के लिए जंबूरी मैदान पहुंचे। इस दौरान उनके साथ भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल, मत्स्य पालन एवं मछुआ कल्याण मंत्री नारायण सिंह पंवार, मंत्री कृष्णा गौर, उद्यानिकी मंत्री नारायण सिंह कुशवाह, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, कार्यक्रम में पशुपालन मंत्री लखन पटेल विधायक भगवानदास सबनानी और रामेश्वर शर्मा तथा महापौर मालती राय मौजूद हैं।

मुख्यमंत्री ने जंबूरी मैदान में लगी कृषि प्रदर्शनी का अवलोकन किया और गौ-पूजन कर प्रदर्शनी का विधिवत उद्घाटन किया। इस दौरान उन्होंने मिनी ट्रैक्टर पर बैठकर आधुनिक कृषि यंत्रों की जानकारी ली।

कार्यक्रम में कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना ने कहा, मुख्यमंत्री जी ने आपको किसान वर्ष दे दिया इसे होली दीवाली की तरह मनाओ। हमारा देश और प्रदेश कृषि प्रधान है। इसका आनंद उठाने के लिए मुख्यमंत्री जी की जिम्मेदारी नहीं बल्कि आठ करोड़ जनता की जिम्मेदारी है।

महिलाओं, उद्योगों और रोजगार को समर्पित रहा साल
भाजपा प्रदेशाध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री ने अपने कार्यकाल का पहला वर्ष महिलाओं को समर्पित किया, जिसमें लाड़ली बहनों की राशि बढ़ाकर उन्हें आर्थिक मजबूती दी गई। दूसरा वर्ष उद्योगों और रोजगार सृजन को समर्पित रहा, जिससे प्रदेश में विकास को गति मिली।

उन्होंने कहा कि अब सरकार ने इस वर्ष को ‘कृषक कल्याण वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जो प्रदेश के किसानों के जीवन में बड़ा बदलाव लाएगा। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में किसान और हर परिवार खुशहाल होगा। किसानों की आय बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए उन्होंने प्रदेशवासियों की ओर से मुख्यमंत्री का अभिनंदन किया।

ये मैदान बहुत शुभ
सहकारिता मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, किसान देश के विकास की नींव रखता है। 20247 में विकसित भारत बनाना है तो इसकी नींव अन्नदाता ही रखेगा। इसीलिए मुख्यमंत्री जी ने इस साल को कृषक कल्याण वर्ष मनाने का निर्णय 16 विभागों को मिलाकर किया है। किसान को खाद, बीज, मील और उपज बेचने मंडी की व्यवस्था हो। आज से इस अच्छे वर्ष की शुरुआत हुई है। किसान की आमदनी बढ़ाने के लिए यह वर्ष खास होगा। ये मैदान बहुत शुभ है, हर चुनाव के पहले यहां भाजपा का बड़ा सम्मेलन होता है और हर बार भाजपा की जीत होती है। आज इस मैदान पर कृषक कल्याण वर्ष की शुरुआत हो रही है निश्चित रूप से यह संकल्प सफलता को प्राप्त करेगा।

एमपी के लिए ऐतिहासिक दिन
कार्यक्रम में स्वागत भाषण देते हुए मंत्री कृष्णा गौर ने कहा- आज का दिन एमपी के लिए ऐतिहासिक दिन है। भोपाल की पावन धरा मध्यप्रदेश में कृषि समृद्धि का इतिहास लिखने जा रही है। मुख्यमंत्री जी ने इस वर्ष को कृषक कल्याण वर्ष के रूप में मनाने का संकल्प लिया है। किसान समृद्ध होगा तो प्रदेश समृद्ध होगा। किसान किसी परिस्थिति में खुद को अकेला न समझें सरकार आपके साथ खड़ी है। अन्नदाता किसान अब उद्यमी और ऊर्जा दाता बनने जा रहा है।

उद्यानिकी पशुपालन, डेयरी और फिशरीज इस साल के फोकस सेक्टर
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि कृषक कल्याण वर्ष-2026 का उद्देश्य कृषि को केवल परंपरागत खेती तक सीमित न रखकर उसे लाभकारी, स्थायी और तकनीक आधारित रोजगार सृजन मॉडल के रूप में विकसित करना है। इस वर्ष के फोकस सेक्टर उद्यानिकी, पशुपालन, डेयरी, मत्स्य-पालन और खाद्य प्रसंस्करण रहेंगे।

जिला स्तरीय कलस्टर आधारित विकास को बढ़ावा देगी सरकार
सीएम बताया कि कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मत्स्य-पालन और वानिकी को एकीकृत करते हुए जिला-स्तरीय क्लस्टर आधारित विकास को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही उच्च उत्पादकता, प्राकृतिक खेती, डिजिटल सेवाओं और कृषि प्रसंस्करण के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने पर विशेष जोर रहेगा। एग्री-टेक, ड्रोन सेवाएं, एफपीओ प्रबंधन, खाद्य प्रसंस्करण और हाइड्रोपोनिक्स जैसे क्षेत्रों में ग्रामीण युवाओं के लिए नए रोजगार अवसर भी सृजित किए जाएंगे।

किसानों की आय के साथ कृषि बजट बढ़ रहा
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि कृषि और समृद्ध ग्रामीण क्षेत्र मध्यप्रदेश की अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। राज्य सरकार एक ओर कृषि बजट में लगातार वृद्धि कर रही है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

इनमें समर्थन मूल्य पर उपज की खरीदी, सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर योजना, अतिवृष्टि, कीट-व्याधि और प्राकृतिक आपदा से प्रभावित किसानों को राहत, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, मुख्यमंत्री किसान कल्याण योजना, मुख्यमंत्री कृषि उन्नति योजना और रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना प्रमुख हैं। कृषक कल्याण वर्ष-2026 के माध्यम से राज्य सरकार का लक्ष्य अन्नदाता के समग्र विकास, आय वृद्धि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति देना है।

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Ashish Meena

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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