इंदौर में दूषित पानी से 23वीं मौत, ICU में 13 मरीज, वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ रहे कई लोग

By Ashish Meena
जनवरी 12, 2026

इंदौर में दूषित पानी : मध्यप्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर में दूषित पानी (Contaminated Water) से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को इस त्रासदी ने एक और बुजुर्ग की जान ले ली, जिसके बाद कुल मृतकों का आंकड़ा 23 तक पहुंच गया है। ताज़ा मामले में 64 वर्षीय भगवानदास की इलाज के दौरान मौत हो गई।

मल्टी ऑर्गन फेल्योर बनी मौत की वजह

बॉम्बे हॉस्पिटल के जनरल मैनेजर राहुल पाराशर के अनुसार, मृतक भगवानदास (पिता तुकाराम) पिछले 10 दिनों से गंभीर अवस्था में भर्ती थे। उन्हें निजी अस्पताल से बॉम्बे हॉस्पिटल रेफर किया गया था। अस्पताल लाते समय उन्हें कार्डियक अरेस्ट आया था, जिसके बाद उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया। दूषित पानी के संक्रमण के कारण उन्हें गैंग्रीन और मल्टी ऑर्गन फेल्योर जैसी घातक जटिलताओं का सामना करना पड़ा।

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भागीरथपुरा में दहशत- आंकड़ों में उलझा प्रशासन

इससे पहले भागीरथपुरा निवासी कमला बाई (59) की भी उपचार के दौरान मौत हो गई। हालांकि, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों में विसंगतियां देखी जा रही हैं। मृतका के परिजनों का कहना है कि दूषित पानी से तबीयत बिगड़ी, जबकि एमवाय अस्पताल (MY Hospital) प्रबंधन का तर्क है कि वह पहले से किडनी की बीमारी से पीड़ित थीं। आधार कार्ड पर पता अलग होने के कारण कई मामलों को ‘दूषित जल त्रासदी’ की सूची में शामिल करने पर पेंच फंसा हुआ है।

ICU में भर्ती मरीजों की स्थिति चिंताजनक

इंदौर के विभिन्न अस्पतालों में अभी भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। ताज़ा आंकड़ों के मुताबिक:
ICU में भर्ती मरीज: 13 (संख्या लगातार घट-बढ़ रही है)
वेंटिलेटर पर मरीज: 3 (पिछले कई दिनों से हालत नाजुक)
सर्वेक्षण: स्वास्थ्य विभाग के 50 दलों ने 924 घरों का दौरा कर ORS और जिंक की गोलियां बांटी हैं।

कैलाश विजयवर्गीय ने लिया जायजा

29 दिसंबर को जब यह मामला पहली बार सामने आया था, तब कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने अस्पतालों का दौरा कर सख्त निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, नगर निगम की पाइपलाइनों में सीवरेज के पानी के मिलने से शुरू हुई यह त्रासदी अब एक बड़े मानवीय संकट में बदल गई है।

क्या करें क्षेत्र के लोग?

भागीरथपुरा और आसपास के प्रभावित इलाकों में लोग अब नगर निगम की सप्लाई पर भरोसा नहीं कर रहे हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने सलाह दी है कि पानी को कम से कम 20 मिनट तक उबालकर ही पीएं। क्लोरीन की गोलियों का उपयोग करें। उल्टी या दस्त के हल्के लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र (OPD) से संपर्क करें।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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