बाढ़ प्रभावित और डिफॉल्टर किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी, RBI ने दिया बड़ा तोहफा, इन जिलों के किसानों को मिलेगा लाभ

By Ashish Meena
जनवरी 15, 2026

किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी : पिछले साल पंजाब में आई विनाशकारी बाढ़ की मार झेल रहे किसानों के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने संजीवनी का काम किया है। बाढ़ के कारण फसलें बर्बाद होने और आर्थिक तंगी के चलते जो किसान बैंकों का कर्ज नहीं चुका पाए थे और ‘डिफॉल्टर’ की श्रेणी में आ गए थे, उन्हें अब बैंक नया कर्ज देने से मना नहीं कर पाएंगे।

RBI का ऐतिहासिक फैसला- NPA खातों को भी मिलेगी राहत

आमतौर पर, यदि कोई किसान पिछला ऋण (Loan) नहीं चुका पाता है, तो उसका खाता NPA (Non-Performing Asset) हो जाता है और बैंक उसे नया लोन देने से इनकार कर देते हैं। लेकिन पंजाब की विशेष स्थिति को देखते हुए, RBI ने बैंकों को सख्त निर्देश दिए हैं कि प्रभावित किसानों को नया फसल ऋण (Fresh Crop Loan) तत्काल उपलब्ध कराया जाए।

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इस फैसले का मुख्य उद्देश्य किसानों को साहूकारों के चंगुल से बचाना और उन्हें अगली बुवाई के लिए आवश्यक पूंजी (बीज, खाद और कीटनाशक) प्रदान करना है।

इन जिलों के किसानों को मिलेगा सीधा लाभ

पंजाब के पटियाला, संगरूर, फिरोजपुर, मानसा और गुरदासपुर जैसे जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए थे। इन क्षेत्रों के हजारों किसान ऋण के बोझ तले दबे हुए थे। RBI के इस कदम से डिफॉल्टर किसानों को फिर से बैंकिंग सिस्टम से जुड़ने का मौका मिलेगा। कृषि निवेश (Agri-Investment) के लिए नई पूंजी उपलब्ध होगी। ग्रामीण अर्थव्यवस्था में सुधार आएगा।

पिछली किस्त न चुकाने पर क्या होगा?

RBI ने स्पष्ट किया है कि जिन किसानों की किस्तें बाढ़ के कारण बकाया हैं, उन्हें बैंकों द्वारा परेशान नहीं किया जाएगा। बैंकों को निर्देश दिया गया है कि वे इन पुराने ऋणों को ‘पुनर्गठित’ (Restructured) करें। इसका मतलब है कि किसानों को पुराना कर्ज चुकाने के लिए अतिरिक्त समय दिया जा सकता है और इस दौरान उनके नए लोन की प्रक्रिया नहीं रोकी जाएगी।

किसानों के लिए आवेदन की प्रक्रिया (किसानों के लिए बड़ी खुशखबरी)

बाढ़ प्रभावित किसानों को इस सुविधा का लाभ लेने के लिए अपने संबंधित बैंक शाखा में संपर्क करना होगा। उन्हें निम्नलिखित दस्तावेज या जानकारी देनी पड़ सकती है। बाढ़ से हुए नुकसान का पटवारी या कृषि विभाग द्वारा जारी प्रमाण पत्र। आधार कार्ड और जमीन के दस्तावेज।पुराने ऋण खाते की जानकारी।

पंजाब के किसानों के लिए यह खबर किसी उत्सव से कम नहीं है। खेती की बढ़ती लागत और कुदरत की मार के बीच, RBI का यह फैसला राज्य के कृषि क्षेत्र को फिर से खड़ा करने में मील का पत्थर साबित होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से पंजाब की जीडीपी (GDP) में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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