शर्मनाक! पिता ने 12 साल तक किया अपनी सगी बेटी का रेप, 5 साल की उम्र से कर रहा था दुष्कर्म, जानें रूह कंपा देने वाली दास्तां
By Ashish Meena
जनवरी 15, 2026
पिता ने 12 साल तक किया अपनी सगी बेटी का रेप: रिश्तों को कलंकित करने वाला एक ऐसा मामला सामने आया है जिसने समाज की अंतरात्मा को झकझोर कर रख दिया है। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के एक एयरफोर्स कर्मी ने अपनी ही सगी बेटी के साथ 12 साल तक दरिंदगी की। अब उत्तराखंड के देहरादून की एक विशेष अदालत ने इस ‘हैवान पिता’ को 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
5 साल की उम्र से शुरू हुई हैवानियत
यह मामला साल 2023 में तब प्रकाश में आया जब पीड़िता की मां ने रायपुर थाने में एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता ने कोर्ट को बताया कि जब वह मात्र 5 साल की मासूम थी, तभी से उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म करना शुरू कर दिया था। यह सिलसिला तब तक चलता रहा जब तक वह 17 साल की नहीं हो गई।
वीडियो कॉल पर भी प्रताड़ित करता था आरोपी
हैरत की बात यह है कि जब आरोपी पिता ड्यूटी के सिलसिले में घर से बाहर रहता था, तब भी वह अपनी बेटी को नहीं छोड़ता था। वह वीडियो कॉल पर उसे कपड़े उतारने के लिए मजबूर करता और मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था। पीड़िता ने बताया कि पिता की पोस्टिंग जहां-जहां हुई (मथुरा, गुजरात और देहरादून), वहां-वहां उसके साथ यह घिनौना कृत्य किया गया।
भाई को ‘ब्लड कैंसर’ और मां की मजबूरी
इस मामले का सबसे दुखद पहलू यह है कि पीड़िता की मां और खुद पीड़िता लंबे समय तक चुप क्यों रहीं? जांच में सामने आया कि पीड़िता के दो छोटे भाई गंभीर रूप से बीमार हैं। एक भाई ब्लड कैंसर जैसी जानलेवा बीमारी से जूझ रहा है। घर की आर्थिक स्थिति और बच्चों के इलाज की जिम्मेदारी आरोपी पिता पर ही थी, जिसका फायदा उठाकर वह सालों तक इस घिनौने अपराध को अंजाम देता रहा।
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कोर्ट ने खारिज की बचाव पक्ष की दलीलें
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि मेडिकल रिपोर्ट में चोट के निशान नहीं मिले, इसलिए रेप नहीं हुआ। हालांकि, स्पेशल जज अर्चना सागर ने इस दलील को सिरे से खारिज कर दिया। अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा “कोई भी बेटी अपने सगे पिता पर ऐसे झूठे और गंभीर आरोप नहीं लगा सकती। यह अपराध विकृत मानसिकता का चरम है।”
मुआवजे और जुर्माने का आदेश
अदालत ने दोषी पिता पर 25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। साथ ही, कोर्ट ने राज्य सरकार को आदेश दिया है कि पीड़िता को 3 लाख रुपये का मुआवजा दिया जाए ताकि वह अपने जीवन को नई दिशा दे सके।
