MP के सीहोर जिले के इस बड़े नेता ने खाया जहर, कहा- घुट-घुटकर जीने से अच्छा है मैं मर जाऊं
By Ashish Meena
जनवरी 19, 2026
इस बड़े नेता ने खाया जहर: मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के आष्टा अंतर्गत जावर थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ करणी सेना के नेता शिशुपाल ठाकुर ने जहरीला पदार्थ खाकर जीवनलीला समाप्त करने की कोशिश की है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने आत्महत्या के प्रयास से पहले जावर थाना प्रभारी (TI) समेत कुछ स्थानीय लोगों पर गंभीर आरोप लगाए हैं।
वीडियो बनाकर खाया जहर, इंदौर में इलाज जारी
वायरल वीडियो में शिशुपाल ठाकुर काफी भावुक और आक्रोशित नजर आ रहे हैं। उन्होंने अपनी प्रताड़ना की कहानी बयां करते हुए कुछ प्रभावशाली लोगों और पुलिस प्रशासन के व्यवहार को इस कदम का जिम्मेदार ठहराया है। गुरुवार दोपहर हुई इस घटना के बाद आनन-फानन में उन्हें स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहाँ प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए इंदौर रेफर कर दिया गया। फिलहाल वे इंदौर के एक निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
विवाद की जड़- दो पक्षों के बीच पुराना तनाव
मामले की गंभीरता को देखते हुए आष्टा एसडीओपी आकाश अमलकर ने स्पष्ट किया कि विवाद की शुरुआत 2 जनवरी, 2026 को हुई थी। उस समय शिशुपाल ठाकुर और रितेश बागबान के बीच झगड़ा हुआ था, लेकिन आपसी सहमति से समझौता हो गया था।
हालांकि, यह शांति लंबे समय तक नहीं टिकी। बुधवार को दोनों पक्षों के बीच फिर से विवाद हुआ। पुलिस के अनुसार, विनोद परमार और शिशुपाल ठाकुर की शिकायत पर आरोपी रितेश बागबान और बाबू मोंगिया के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है और वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
थाना प्रभारी ने आरोपों को नकारा
जावर थाना प्रभारी नीता देहरवाल पर लगे आरोपों ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पर सफाई देते हुए टीआई देहरवाल ने कहा- “शिशुपाल ठाकुर पर लगाए गए सभी आरोप पूरी तरह निराधार हैं। शिकायत मिलने के बाद हमने रात में ही आरोपियों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली थी। हमें नहीं पता कि कानूनी कार्रवाई शुरू होने के बाद भी उन्होंने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया।”
क्षेत्र में बढ़ा तनाव, करणी सेना में आक्रोश
इस घटना के बाद करणी सेना के कार्यकर्ताओं और ठाकुर समाज में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। समर्थकों की मांग है कि वीडियो में लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाए और यदि कोई पुलिस अधिकारी दोषी पाया जाता है, तो उस पर सख्त कार्रवाई हो।
एक महत्वपूर्ण संदेश
अगर आप या आपका कोई परिचित तनाव में है या मानसिक स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं से जूझ रहा है, तो कृपया मदद मांगें। राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 9152987821 या स्थानीय सहायता केंद्रों से संपर्क करें।
