राज्य के DGP का अश्लील वीडियो वायरल, महिलाओं के साथ आपत्तिजनक हालत में दिखे, सरकार ने किया सस्पेंड
By Ashish Meena
जनवरी 20, 2026
DGP का अश्लील वीडियो वायरल: कर्नाटक पुलिस विभाग और प्रशासनिक गलियारों में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब राज्य के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी और डीजीपी (सिविल राइट्स एन्फोर्समेंट) रामचंद्र राव का कथित आपत्तिजनक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। मामले की गंभीरता और सार्वजनिक आक्रोश को देखते हुए कर्नाटक सरकार ने त्वरित कार्रवाई करते हुए डीजीपी रामचंद्र राव को तत्काल प्रभाव से निलंबित (Suspend) कर दिया है।
क्या है पूरा वायरल वीडियो मामला?
सोमवार को सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफार्मों पर कई वीडियो क्लिप प्रसारित हुए। इन वीडियो में कथित तौर पर 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी रामचंद्र राव को अलग-अलग महिलाओं के साथ बेहद आपत्तिजनक और अश्लील स्थिति में देखा गया। वीडियो के सार्वजनिक होते ही राज्य की सिद्धारमैया सरकार बैकफुट पर आ गई और गृह विभाग ने जांच के आदेश देते हुए निलंबन की कार्रवाई की।
रामचंद्र राव का पक्ष: “AI और डीपफेक का जमाना है”
निलंबन के बाद मीडिया से बात करते हुए रामचंद्र राव ने सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने गृह मंत्री जी. परमेश्वर से मिलने की कोशिश की लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई। राव ने कहा- “ये वीडियो पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत हैं। आज के दौर में किसी की भी छवि खराब करने के लिए ऐसे फेक वीडियो बनाना आसान है। मेरा इन वीडियो से कोई लेना-देना नहीं है।”
देखें वीडियो- https://www.instagram.com/reel/DTue7iiiC1N/?igsh=MWN5aGJpYWJtNHE0MA==
जब उनसे वीडियो के पुराने होने के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने जिक्र किया कि शायद 8 साल पहले बेलगावी पोस्टिंग के दौरान भी ऐसी साजिश की कोशिश हुई थी, लेकिन उन्होंने फिर इसे झूठा करार दिया।
बेटी रान्या राव और गोल्ड स्मगलिंग केस
यह पहली बार नहीं है जब रामचंद्र राव सुर्खियों में हैं। मार्च 2025 में उनकी बेटी और अभिनेत्री रान्या राव (Ranya Rao) को दुबई से लौटते समय गोल्ड स्मगलिंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। रान्या के पास से 14.8 किलो सोने की छड़ें (कीमत ₹12.56 करोड़) मिली थीं।
उनके बेंगलुरु स्थित आवास से ₹2.67 करोड़ नकद और करोड़ों के जेवरात जब्त हुए थे। उस वक्त भी रामचंद्र राव को लंबी छुट्टी पर भेजा गया था, लेकिन 5 महीने बाद वे ड्यूटी पर लौट आए थे। अब इस नए कांड ने उनकी मुश्किलें फिर बढ़ा दी हैं।
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया का सख्त रुख
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने इस मामले पर कड़ा संदेश देते हुए कहा, “कानून से ऊपर कोई नहीं है, चाहे वह कितना भी वरिष्ठ अधिकारी क्यों न हो। हमने जांच के आदेश दे दिए हैं और रिपोर्ट के आधार पर अगली वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।”
