मध्यप्रदेश के इन जिलों में बारिश का अलर्ट, उत्तर भारत में सक्रिय हुआ नया सिस्टम, किसानों के लिए जरूरी सलाह

By Ashish Meena
जनवरी 21, 2026

इन जिलों में बारिश का अलर्ट: मध्य प्रदेश में कड़ाके की ठंड के बीच एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। उत्तर भारत में सक्रिय हुए एक शक्तिशाली वेस्टर्न डिस्टरबेंस (Western Disturbance) ने प्रदेश के मौसम विज्ञानियों की चिंता बढ़ा दी है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने चेतावनी जारी की है कि 23 और 24 जनवरी को प्रदेश के ग्वालियर और चंबल संभाग सहित पूर्वी मध्यप्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है।

इन जिलों में गरज-चमक के साथ होगी बारिश

मौसम केंद्र भोपाल के अनुसार, बारिश का असर मुख्य रूप से दो चरणों में दिखाई देगा।

Also Read – भारत सरकार का बड़ा फैसला, टोल नहीं चुकाया तो नहीं बेच पाएंगे गाड़ी, इन 3 बड़ी सेवाओं पर लगेगा ताला

23 जनवरी (पहला चरण)

इसका प्रभाव उत्तर मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा रहेगा। ग्वालियर, मुरैना, भिंड और दतिया जैसे जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है।

24 जनवरी (दूसरा चरण)

सिस्टम के पूर्व की ओर खिसकने से रीवा, सतना, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी के इलाकों में बादल बरसेंगे। इस दौरान कुछ जगहों पर ओलावृष्टि की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।

Also Read – MP: घर में घुसकर युवती की हत्या, बदमाशों ने काट दिया गला, खून से लथपथ मिला शव, 2 महीने बाद होने वाली थी शादी

कोहरे का डबल अटैक: विजिबिलिटी हुई कम

बुधवार सुबह से ही प्रदेश के कई जिलों में घने कोहरे (Dense Fog) का असर देखा गया। ग्वालियर और चंबल संभाग में दृश्यता (Visibility) 50 मीटर से भी कम दर्ज की गई।

भोपाल, इंदौर और उज्जैन में भी सुबह के वक्त धुंध छाई रही। मौसम विभाग का कहना है कि बारिश के बाद नमी बढ़ने से कोहरा और अधिक घना हो सकता है, जिससे हाईवे पर यातायात प्रभावित होने की आशंका है।

तापमान का हाल- मंदसौर सबसे ठंडा

फिलहाल प्रदेश में दिन के समय धूप खिलने से अधिकतम तापमान में थोड़ी राहत है, लेकिन रातें अभी भी सर्द हैं। मंदसौर वर्तमान में प्रदेश का सबसे ठंडा इलाका बना हुआ है। वेस्टर्न डिस्टरबेंस के कारण अभी न्यूनतम तापमान में गिरावट थमी हुई है, लेकिन जैसे ही बादल छंटेंगे, पारा अचानक नीचे गिरेगा।

किसानों के लिए जरूरी सलाह

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि जनवरी के महीने में होने वाली यह बारिश (मावठा) गेहूं और चने की फसल के लिए फायदेमंद हो सकती है, लेकिन यदि तेज हवाओं के साथ ओले गिरते हैं, तो फसलों को नुकसान भी पहुँच सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम को देखते हुए सिंचाई और कीटनाशकों के छिड़काव का फैसला लें।

बारिश के बाद आएगी भीषण शीतलहर

मौसम विभाग की सबसे बड़ी चेतावनी जनवरी के आखिरी हफ्ते को लेकर है। जैसे ही यह वेदर सिस्टम मध्य प्रदेश से गुजरेगा, उत्तर भारत की बर्फीली हवाएं सीधे मैदानी इलाकों में प्रवेश करेंगी। इसके चलते भोपाल, इंदौर और जबलपुर समेत पूरे प्रदेश में भीषण शीतलहर चलने की संभावना है, जिससे कड़ाके की ठंड का एक और दौर शुरू होगा।

अगर आप अगले दो दिनों में यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम का हाल जरूर देख लें। विशेषकर उत्तरी और पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश और कोहरा आपके सफर में बाधा डाल सकता है।

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

»