मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा फैसला, माता-पिता की मौत के बाद बेटियों को मिलेगा ये हक, 1 अप्रैल से लागू होंगे नए नियम
By Admin@News
जनवरी 22, 2026
सरकार का बड़ा फैसला: मध्य प्रदेश की मोहन यादव सरकार प्रदेश के लाखों कर्मचारियों और उनके परिवारों के लिए पेंशन नियमों में एक बड़ा बदलाव करने जा रही है। आजादी के बाद पहली बार पेंशन नियमों में इतना बड़ा संशोधन होगा, जिसमें लैंगिक समानता और सामाजिक सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
कैबिनेट की मंजूरी के बाद ये नए पेंशन नियम 1 अप्रैल से पूरे प्रदेश में प्रभावी हो जाएंगे। आइए जानते हैं इन बदलावों का आपके परिवार पर क्या असर पड़ेगा।
1. बेटों पर बेटियों को प्राथमिकता
अब तक के नियमों में अक्सर पुत्रों को प्राथमिकता मिलती थी, लेकिन नए नियमों के अनुसार, यदि परिवार में बेटी अपने भाई से बड़ी है, तो माता-पिता की मृत्यु के बाद परिवार पेंशन (Family Pension) की पहली हकदार बड़ी बेटी ही होगी। भले ही घर में बेटा मौजूद हो, लेकिन उम्र में ज्येष्ठ होने के नाते हक बेटी का पहले होगा।
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2. तलाकशुदा और अविवाहित बेटियों को आजीवन सुरक्षा
राज्य सरकार ने महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। अब अविवाहित पुत्री, विधवा या तलाकशुदा पुत्री को कुछ विशेष शर्तों के साथ आजीवन पेंशन की पात्रता होगी। इसके लिए उन्हें हर साल अपनी स्थिति का लिखित प्रमाण पत्र देना होगा।
3. दिव्यांग संतान और भाई-बहनों को सहारा
ऐसे दिव्यांग पुत्र, पुत्री या भाई-बहन जो अपनी आजीविका कमाने में पूरी तरह अक्षम हैं, उन्हें भी अब पेंशन के दायरे में लाया गया है।
नियम: यदि दिव्यांगता स्थायी है तो केवल एक बार प्रमाण पत्र देना होगा। यदि अस्थायी है, तो हर पांच साल में सत्यापन कराना अनिवार्य होगा।
पेंशन नियमों से जुड़े आपके हर सवाल का जवाब
प्रश्न: क्या पति-पत्नी दोनों की फैमिली पेंशन एक साथ मिल सकती है?
उत्तर: हाँ, यदि पति और पत्नी दोनों सरकारी कर्मचारी थे, तो उनकी मृत्यु के बाद पात्र सदस्य को दोनों की फैमिली पेंशन का लाभ मिलेगा।
प्रश्न: क्या गोद ली गई संतान को भी पेंशन मिलेगी?
उत्तर: हाँ, कानूनी रूप से गोद ली गई संतान को भी फैमिली पेंशन की पात्रता होगी, बशर्ते आपके पास गोद लेने के वैध दस्तावेज हों।
प्रश्न: बड़ी बेटी की शादी होने पर क्या पेंशन बंद हो जाएगी?
उत्तर: यदि 25 वर्ष से अधिक आयु की बड़ी बेटी विवाह कर लेती है, तो उसकी पेंशन बंद हो जाएगी। इसके बाद यदि कोई छोटा भाई या बहन 25 वर्ष से कम आयु का है, तो पेंशन उसे ट्रांसफर कर दी जाएगी।
प्रश्न: माता-पिता को पेंशन कब मिलती है?
उत्तर: यदि कर्मचारी का पति/पत्नी या बच्चे नहीं हैं, तो आश्रित माता-पिता को पेंशन मिल सकती है। हालांकि, यदि वे खुद रिटायर कर्मचारी या पेंशनर हैं, तो उन्हें यह लाभ नहीं मिलेगा।
प्रश्न: आय शुरू होने पर क्या पेंशन जारी रहेगी?
उत्तर: नहीं, यदि पेंशन प्राप्त करने वाला सदस्य नौकरी करने लगता है या उसकी स्वयं की आय शुरू हो जाती है, तो पेंशन बंद कर दी जाएगी।
पेंशन के प्रकार: एक नजर में
OPS (पुरानी पेंशन): अंतिम वेतन का 50 प्रतिशत।
UPS (यूनिफाइड पेंशन): निश्चित पेंशन की पात्रता।
Family Pension: कर्मचारी की मृत्यु के बाद पत्नी/पति को मिलने वाली 30 प्रतिशत राशि।
मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम न केवल बेटियों को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि उन परिवारों को भी संबल देगा जिनके बच्चे दिव्यांग हैं। 1 अप्रैल से लागू होने वाले ये नियम प्रदेश की सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था में मील का पत्थर साबित होंगे।
