देवास जिले में पुलिस की बड़ी लापरवाही, दो संदिग्ध हुए फरार, पानी पीने का बहाना बनाकर थाने से भागे, आला अधिकारियों में मचा हड़कंप
By Admin@News
जनवरी 22, 2026
दो संदिग्ध हुए फरार: मध्य प्रदेश के देवास जिले के कांटाफोड़ थाना क्षेत्र से पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़ा करने वाली एक बड़ी खबर सामने आई है। गुरुवार सुबह पुलिस कस्टडी से दो संदिग्ध चकमा देकर फरार हो गए। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई है और पुलिस विभाग के आला अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है।
गणेश मंदिर चोरी मामले में थे संदिग्ध
जानकारी के अनुसार, पकड़े गए दोनों संदिग्ध अगस्त 2025 में नगर के प्रसिद्ध गणेश मंदिर में हुई चोरी की वारदात और अन्य कई आपराधिक घटनाओं में शामिल होने के घेरे में थे। पुलिस ने सीसीटीवी (CCTV) फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर जानसूर निवासी इन दोनों युवकों को हिरासत में लिया था। इन्हें पूछताछ के लिए थाने लाया गया था, जहाँ से ये भागने में सफल रहे।
‘पानी पीने’ का बनाया बहाना और हो गए रफूचक्कर
सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पुलिस हिरासत में पूछताछ के दौरान दोनों संदिग्धों ने बड़ी चतुराई से ‘पानी पीने’ की इच्छा जताई। जैसे ही संतरी और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का ध्यान थोड़ा भटका, दोनों आरोपी थाने की घेराबंदी तोड़कर बाहर निकल गए और देखते ही देखते आँखों से ओझल हो गए। थाने के भीतर से इस तरह आरोपियों का भागना पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था और सतर्कता की पोल खोल रहा है।

अधिकारियों की चुप्पी और सुस्त रवैया
हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी लापरवाही होने के बावजूद पुलिस प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारी कुछ भी स्पष्ट कहने से बच रहे हैं। थाना प्रभारी (TI) सुरेखा निमोदा से इस संबंध में जानकारी लेने के लिए संपर्क किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया। अधिकारियों की यह चुप्पी कई तरह के संदेह पैदा कर रही है।
सर्च ऑपरेशन तेज: विशेष टीमें गठित
आरोपियों के फरार होने की सूचना मिलते ही वरिष्ठ अधिकारियों ने संज्ञान लिया है। फरार संदिग्धों की तलाश के लिए पुलिस ने घेराबंदी शुरू कर दी है और विशेष टीमों को अलग-अलग दिशाओं में रवाना किया गया है। पुलिस आरोपियों के संभावित ठिकानों और जानसूर के आसपास के इलाकों में दबिश दे रही है।
पुलिस कस्टडी से आरोपियों का भागना यह दर्शाता है कि थानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल का पालन सही ढंग से नहीं हो रहा है। अब देखना यह होगा कि फरार हुए शातिर चोर कब तक पुलिस की गिरफ्त में आते हैं और इस घोर लापरवाही के लिए जिम्मेदार पुलिसकर्मियों पर क्या कार्रवाई होती है।
