जेल के अंदर आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या, अयोध्या के राम मंदिर को बम से उड़ाने की रची थी साजिश
By Ashish Meena
फ़रवरी 9, 2026
आतंकी अब्दुल रहमान की हत्या: हरियाणा की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली नीमका जेल (फरीदाबाद) से रविवार देर रात एक सनसनीखेज खबर सामने आई है। अयोध्या स्थित राम मंदिर को बम से उड़ाने की साजिश रचने के आरोपी और प्रतिबंधित आतंकी संगठन अलकायदा (AQIS) के सदस्य अब्दुल रहमान (20) की जेल के अंदर हत्या कर दी गई है। हत्या का आरोप जेल में बंद कुख्यात कैदी अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट पर लगा है।
हाई-सिक्योरिटी बैरक में खूनी खेल
जानकारी के अनुसार, आतंकी अब्दुल रहमान और हत्या के मामले में बंद अरुण चौधरी दोनों को जेल की हाई-सिक्योरिटी बैरक में एक साथ रखा गया था। रविवार की आधी रात के बाद दोनों के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई, जिसके बाद अरुण चौधरी ने किसी नुकीली वस्तु (सुआ या लोहे की पत्ती) से अब्दुल रहमान पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले के बाद जेल परिसर में हड़कंप मच गया। जेल अधिकारी तुरंत बैरक पहुंचे, लेकिन तब तक आतंकी अब्दुल रहमान की मौत हो चुकी थी।
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कौन था आतंकी अब्दुल रहमान?
यूपी के मिल्कीपुर का रहने वाला 19-20 वर्षीय अब्दुल रहमान कोई साधारण अपराधी नहीं था। उसे गुजरात ATS और हरियाणा STF ने मार्च 2025 में फरीदाबाद से ही गिरफ्तार किया था।
राम मंदिर की साजिश
जांच में खुलासा हुआ था कि वह अलकायदा इन इंडियन सब-कांटिनेंट (AQIS) के आतंकी अबू सुफियान के सीधे संपर्क में था।
विस्फोटक बरामदगी
गिरफ्तारी के वक्त उसके पास से 2 जिंदा हैंड ग्रेनेड मिले थे। उसे 4 अप्रैल को अयोध्या जाने का निर्देश मिला था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों ने 2 मार्च को ही उसे दबोच लिया।
सोशल मीडिया से ब्रेनवॉश
ई-रिक्शा चलाने वाला अब्दुल सोशल मीडिया पर भड़काऊ वीडियो डालता था, जिसके जरिए वह आतंकियों के रडार पर आया और ऑनलाइन ट्रेनिंग लेकर आतंकी बना।
जेल प्रशासन पर लगा चुका है आरोप
अब्दुल रहमान की हत्या करने वाला अरुण चौधरी उर्फ अब्बू जट जम्मू के आरएस पुरा का रहने वाला है। अरुण का आपराधिक इतिहास भी काफी पुराना है।
अक्षय शर्मा हत्याकांड: दिसंबर 2023 में सांबा के चर्चित अक्षय शर्मा मर्डर केस में उसका नाम आया था।
सोशल मीडिया लाइव: 2024 में अरुण ने कठुआ जेल से इंस्टाग्राम पर लाइव आकर जेल प्रशासन पर 2 लाख रुपये की रिश्वत लेने के गंभीर आरोप लगाए थे।
नीमका जेल शिफ्टिंग: विवादों के चलते अक्टूबर 2024 में उसे जम्मू की कठुआ जेल से फरीदाबाद की नीमका जेल में शिफ्ट किया गया था।
सुरक्षा एजेंसियों की नींद उड़ी
एक आतंकी की हाई-सिक्योरिटी सेल में हत्या ने जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
सवाल 1: हाई-सिक्योरिटी बैरक में नुकीली चीज कहां से आई?
सवाल 2: जेल प्रशासन ने एक आतंकी और एक कट्टर अपराधी को एक ही बैरक में क्यों रखा?
पुलिस और जांच की स्थिति
फरीदाबाद के डबुआ थाने की पुलिस और फोरेंसिक टीम ने मौके का मुआयना किया है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया गया है। जेल महानिदेशक ने मामले की न्यायिक जांच के आदेश दिए हैं।
अब्दुल रहमान की मौत के साथ ही राम मंदिर साजिश के कई अहम राज दफन हो सकते हैं। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह हत्या किसी आपसी रंजिश का नतीजा थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
