मध्य प्रदेश में 1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीदी, MSP 2625 रुपए; 19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन

By Ashish Meena
मार्च 17, 2026

मध्य प्रदेश के किसानों के लिए बड़ी राहत और अहम खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी की तैयारी लगभग पूरी कर ली है। प्रदेश के कई संभागों में 1 अप्रैल से गेहूं खरीदी शुरू होने जा रही है। इस बार सरकार ने गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य यानी MSP 2625 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर दाम मिलने की उम्मीद है।

खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के अनुसार इस साल बड़ी संख्या में किसानों ने पंजीयन कराया है। आंकड़ों के मुताबिक प्रदेश में कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने के लिए रजिस्ट्रेशन कराया है। पिछले साल की तुलना में इस बार किसानों की संख्या में काफी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

Read More: नर्मदापुरम में शर्मनाक लापरवाही: एंबुलेंस को ग्रामीणों ने धक्का देकर किया स्टार्ट, इलाज में देरी से घायल की मौत

1 अप्रैल से शुरू होगी गेहूं खरीदी

मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदी दो चरणों में की जाएगी। खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभाग में गेहूं खरीदी 1 अप्रैल से शुरू होगी।

वहीं प्रदेश के अन्य संभाग जैसे जबलपुर, ग्वालियर, रीवा और अन्य क्षेत्रों में गेहूं खरीदी 7 अप्रैल 2026 से शुरू की जाएगी। खरीदी प्रक्रिया शासकीय कार्य दिवसों में सुबह 8 बजे से रात 8 बजे तक संचालित की जाएगी ताकि किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।

सरकार का कहना है कि इस बार गेहूं खरीदी केंद्रों पर किसानों की सुविधा के लिए बेहतर व्यवस्थाएं की जा रही हैं। केंद्रों पर छांव, पीने के पानी और बैठने की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश जिला प्रशासन को दिए गए हैं।

MSP 2625 रुपए प्रति क्विंटल

इस बार गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य में भी बढ़ोतरी की गई है। पहले गेहूं का MSP 2585 रुपए प्रति क्विंटल तय किया गया था, लेकिन राज्य सरकार ने किसानों को राहत देने के लिए इसमें 40 रुपए बोनस जोड़ दिया है।

इस निर्णय के बाद अब किसानों को गेहूं का समर्थन मूल्य 2625 रुपए प्रति क्विंटल मिलेगा। सरकार का मानना है कि इस बढ़ोतरी से किसानों को उनकी उपज का बेहतर दाम मिलेगा और उनकी आय बढ़ाने में मदद मिलेगी।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि MSP में बढ़ोतरी से किसानों को बाजार में मिलने वाली कीमतों की तुलना में बेहतर सुरक्षा मिलती है। इससे किसान अपनी फसल सरकार को बेचकर निश्चित आय प्राप्त कर सकते हैं।

19 लाख से ज्यादा किसानों ने कराया पंजीयन

रबी विपणन वर्ष 2026-27 के लिए गेहूं उपार्जन में किसानों की बड़ी भागीदारी देखने को मिली है। इस साल प्रदेश में कुल 19 लाख 4 हजार 651 किसानों ने पंजीयन कराया है। पिछले वर्ष यानी 2025-26 में करीब 15 लाख 44 हजार किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराया था। इस तरह इस बार करीब चार लाख किसानों की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह आंकड़ा दर्शाता है कि किसानों का भरोसा सरकारी खरीदी व्यवस्था पर बढ़ रहा है। सरकार भी किसानों को अधिक से अधिक सुविधा देने के लिए खरीदी केंद्रों की संख्या बढ़ाने और व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान दे रही है।

जिलों में किसानों की बड़ी संख्या

प्रदेश के कई जिलों में बड़ी संख्या में किसानों ने गेहूं खरीदी के लिए पंजीयन कराया है। उज्जैन, विदिशा, सीहोर, राजगढ़ और देवास जैसे जिलों में किसानों की संख्या काफी अधिक है। उज्जैन जिले में एक लाख से अधिक किसानों ने पंजीयन कराया है, जबकि सीहोर, राजगढ़ और विदिशा में भी बड़ी संख्या में किसान इस प्रक्रिया में शामिल हुए हैं। इसी तरह इंदौर, धार, मंदसौर, रतलाम और नीमच जैसे जिलों में भी हजारों किसानों ने अपनी उपज सरकार को बेचने के लिए पंजीयन कराया है। यह आंकड़े बताते हैं कि प्रदेश के अधिकांश किसान सरकारी समर्थन मूल्य पर गेहूं बेचने को प्राथमिकता दे रहे हैं।

किसानों को सीधे खाते में मिलेगा भुगतान

सरकार ने गेहूं खरीदी के भुगतान की प्रक्रिया को भी पूरी तरह डिजिटल बना दिया है। किसानों द्वारा बेची गई उपज का भुगतान सीधे उनके आधार लिंक बैंक खाते में किया जाएगा। यदि किसी कारण से आधार लिंक खाते में भुगतान करने में समस्या आती है तो पंजीयन के समय उपलब्ध कराए गए अन्य बैंक खाते में राशि ट्रांसफर की जाएगी। भुगतान प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए आधार आधारित सत्यापन किया जाएगा। यह सत्यापन OTP या बायोमेट्रिक डिवाइस के माध्यम से किया जा सकेगा। इस व्यवस्था का उद्देश्य किसानों को समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना है।

उपार्जन केंद्रों पर की जा रही तैयारियां

सरकार ने गेहूं खरीदी को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए प्रदेशभर में उपार्जन केंद्रों की तैयारी शुरू कर दी है। जिला प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि सभी केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं।

किसानों को लंबा इंतजार न करना पड़े इसके लिए केंद्रों पर पर्याप्त स्टाफ की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही किसानों के लिए छांव, पीने के पानी और बैठने की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार का कहना है कि खरीदी प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारू बनाने के लिए लगातार निगरानी भी की जाएगी।

 

आगे ये भी पढ़ें :
Ashish Meena

Ashish Meena

ashish-meena

आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।