MP के गांवों के लिए बड़ी सौगात! जल जीवन मिशन 2.0 से आएंगे ₹19,000 करोड़, हर घर तक पहुंचेगा नल से पानी

By Ashish Meena
मार्च 18, 2026

मध्य प्रदेश के ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लाखों लोगों के लिए एक बड़ी राहत भरी खबर सामने आई है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना जल जीवन मिशन 2.0 के तहत अब गांव-गांव तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य तय किया गया है। इस योजना के तहत राज्य को करीब 19 हजार करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता मिलेगी, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।

दिल्ली में मंगलवार को इस योजना को लेकर मध्य प्रदेश सरकार और केंद्रीय जल शक्ति मंत्रालय के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते का उद्देश्य पंचायतों की भागीदारी से हर ग्रामीण घर तक नल से शुद्ध पानी पहुंचाना और जल स्रोतों का संरक्षण करना है। सरकार का मानना है कि इससे गांवों में पानी की समस्या को काफी हद तक दूर किया जा सकेगा।

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जल जीवन मिशन 2.0 के तहत बड़ा निवेश

जल जीवन मिशन 2.0 के तहत मध्य प्रदेश को केंद्र सरकार से लगभग 19 हजार करोड़ रुपये की सहायता मिलेगी। यह राशि ग्रामीण जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने और हर घर तक नल से जल पहुंचाने के लिए खर्च की जाएगी।

इस समझौते के दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटील, जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना और मध्य प्रदेश की ओर से लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उइके सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

सरकार का कहना है कि इस योजना के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को दूर करने के लिए व्यापक स्तर पर काम किया जाएगा। इसके अंतर्गत नई जल परियोजनाएं शुरू की जाएंगी और पुरानी योजनाओं को भी मजबूत बनाया जाएगा।

मिशन की अवधि 2028 तक बढ़ाई गई

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने जल जीवन मिशन की अवधि को दिसंबर 2028 तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। अब इस योजना को जल जीवन मिशन 2.0 के रूप में लागू किया जाएगा। इस मिशन के लिए कुल बजट को बढ़ाकर 8.69 लाख करोड़ रुपये कर दिया गया है। इसमें केंद्र सरकार की सहायता 3.59 लाख करोड़ रुपये होगी।

इस फैसले से राज्यों को ग्रामीण क्षेत्रों में जल आपूर्ति से जुड़ी परियोजनाओं को तेजी से लागू करने में मदद मिलेगी। मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस फैसले का स्वागत किया है और इसे ग्रामीण विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया है।

ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल की उपलब्धता पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि जल जीवन मिशन 2.0 के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षित और शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इस योजना के जरिए हर ग्रामीण परिवार तक नल से जल की नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही सेवा गुणवत्ता में सुधार और योजनाओं की समयबद्ध निगरानी पर भी जोर दिया जाएगा। डिजिटल निगरानी प्रणाली के माध्यम से जल योजनाओं की प्रगति पर नजर रखी जाएगी। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी।

ग्राम पंचायतों की भूमिका होगी अहम

जल जीवन मिशन 2.0 में ग्राम पंचायतों की भूमिका भी बेहद महत्वपूर्ण होगी। पंचायतों की सक्रिय भागीदारी से जल आपूर्ति योजनाओं की निगरानी और संचालन किया जाएगा।

राज्य सरकार का कहना है कि ‘हर घर जल प्रमाणित’ ग्राम पंचायतों में जल योजनाओं का निरीक्षण किया जा रहा है। इसके तहत जल स्रोतों की स्थिति का आकलन किया जाएगा और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि ग्रामीणों को लगातार पानी मिलता रहे। इस पहल का उद्देश्य केवल पानी उपलब्ध कराना ही नहीं बल्कि जल स्रोतों के संरक्षण और जल प्रबंधन को भी मजबूत बनाना है।

जल संरक्षण के लिए जनभागीदारी

सरकार ने जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए भी कई पहल शुरू की हैं। प्रदेश में ‘जल अर्पण उत्सव’ और ‘जल महोत्सव’ जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों को पानी के महत्व और जल संरक्षण के प्रति जागरूक किया जा रहा है। ग्रामीणों को यह समझाया जा रहा है कि पानी का सही उपयोग और संरक्षण भविष्य के लिए कितना जरूरी है।

8 मार्च से 22 मार्च तक आयोजित जल महोत्सव के दौरान प्रदेशभर में जल संरक्षण से जुड़े विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों में स्थानीय प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित की जा रही है।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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