मध्यप्रदेश में थ्रेसर में फंसा किसान, गर्दन धड़ से अलग हुई, गेहूं निकालते वक्त मशीन ने खींचा अंदर

By Ashish Meena
मार्च 19, 2026

मध्यप्रदेश के रायसेन जिले में गुरुवार दोपहर एक किसान की थ्रेसर मशीन में फंसकर मौत हो गई। हादसा इतना भयावह था कि किसान की गर्दन धड़ से अलग हो गई। सिर पिसकर गायब हो गया। सिर्फ धड़ ही बचा। मामला बाड़ी थाना क्षेत्र का है।

जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान नर्मदा कहार (42) पुत्र छुट्टन कहार के रूप में हुई है, जो बाड़ी के वार्ड नंबर 01 के निवासी थे। हादसे में उनके हाथ भी कट गए। शरीर के अलग-अलग हिस्सों में कटे के निशान हैं। मशीन के अंदर खून के छींटे मिले हैं।

मशीन के पास खड़े होकर डाल रहे थे कटी फसल

स्थानीय लोगों के अनुसार, गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे का समय था। गेहूं की फसल की कटाई पूरी हो चुकी थी। नर्मदा कहार खुद थ्रेसर मशीन के पास खड़े होकर कटी हुई फसल उसमें डाल रहे थे। आधी से ज्यादा फसल मशीन में डाली जा चुकी थी।

इसी दौरान अचानक उनका संतुलन बिगड़ गया। वे थ्रेसर मशीन की चपेट में आ गए। मशीन की तेज रफ्तार के कारण उन्हें संभलने का मौका नहीं मिला। देखते ही देखते उनका शरीर मशीन के भीतर खिंचता चला गया। मौके पर मौजूद अन्य किसान कुछ समझ पाते उससे पहले ही हादसा हो चुका था।

मौके पर लोगों की भीड़ जुटी

घटना के बाद खेत में अफरा-तफरी मच गई। आसपास काम कर रहे किसान और मजदूर घबरा गए। किसी ने तुरंत मशीन बंद की, तो किसी ने गांव में सूचना दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई।

पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा

बाड़ी एसडीओपी नीलम चौधरी ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों की मदद से शव को मशीन से बाहर निकाला गया। थ्रेसर मशीन किसान की ही थी। पुलिस ने शव को बाड़ी अस्पताल में पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।

थ्रेसर मशीन क्या है?

फसल (गेहूं, चना आदि) से दाने अलग करने वाली मशीन।
तेज रफ्तार से घूमते ड्रम/ब्लेड से काम करती है।
आमतौर पर ट्रैक्टर से जोड़कर चलाई जाती है।

इतना खतरनाक क्यों है थ्रेसर?

मशीन के अंदर हाई-स्पीड ब्लेड चलते हैं।
हाथ या कपड़ा फंसते ही पूरा शरीर अंदर खिंच जाता है।
कई मशीनों में सेफ्टी कवर नहीं होते।
इमरजेंसी स्टॉप सिस्टम का अभाव।

थ्रेसर चलाते समय रखें ये सावधानियां

ढीले कपड़े पहनकर मशीन के पास न जाएं।
मशीन में हाथ डालने से बचें।
बच्चों और अन्य लोगों को दूर रखें।
इमरजेंसी बंद करने की व्यवस्था रखें।
प्रशिक्षित व्यक्ति ही मशीन चलाए।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।