छात्रों के लिए सुनहरा मौका, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, रहने के लिए मिलेंगे पैसे

By Ashish Meena
जनवरी 18, 2026

छात्रों के लिए सुनहरा मौका: मध्यप्रदेश की मोहन सरकार ने प्रदेश के होनहार लेकिन आर्थिक रूप से कमजोर छात्रों के लिए बड़ा कदम उठाया है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ने ओबीसी (OBC) और अल्पसंख्यक वर्ग के विद्यार्थियों के लिए संभाग स्तर पर मुफ्त कोचिंग योजना (Free Coaching Scheme) को फिर से शुरू करने का प्रस्ताव तैयार किया है। इस योजना के माध्यम से छात्र PSC, NEET, JEE और CLAT जैसी बड़ी परीक्षाओं की तैयारी बिना किसी आर्थिक बोझ के कर सकेंगे।

17 करोड़ का बजट और 4,000 छात्रों को लाभ

करीब तीन साल से बंद पड़ी इस योजना को अब नई ऊर्जा के साथ शुरू किया जा रहा है। सरकार इस पूरी योजना पर 17 करोड़ रुपये खर्च करेगी, जिससे प्रदेश के लगभग 4,000 छात्रों को सीधा लाभ मिलेगा। विभाग ने शासन को प्रस्ताव भेज दिया है, और मंजूरी मिलते ही नामी कोचिंग संस्थानों के चयन के लिए टेंडर प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।

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सिर्फ कोचिंग ही नहीं, स्टाइपेंड और भत्ता भी देगी सरकार

छात्रों की पढ़ाई में कोई बाधा न आए, इसके लिए सरकार ने वित्तीय सहायता का भी प्रावधान किया है।

स्टाइपेंड: ₹500 प्रतिमाह।
आवास भत्ता: ₹1,000 (बाहर से आने वाले छात्रों के लिए)।
आउट-स्टेशन भत्ता: ₹1,000 अतिरिक्त।
अध्ययन सामग्री: किताबें और अन्य नोट्स मुफ्त प्रदान किए जाएंगे।

MP PSC की तैयारी के लिए विशेष फोकस (भोपाल और इंदौर)

राज्य लोक सेवा आयोग (MPPSC) की तैयारी के लिए भोपाल और इंदौर को मुख्य केंद्र बनाया गया है।

प्रीलिम्स (Pre): एक साल के कोर्स के लिए 700 छात्रों का चयन मेरिट के आधार पर होगा। सरकार प्रति छात्र ₹30,000 फीस देगी।
मेंस (Mains): प्री क्वालिफाई करने पर मुख्य परीक्षा की तैयारी के लिए ₹10,000 का अतिरिक्त भुगतान होगा।
इंटरव्यू: व्यक्तित्व विकास और इंटरव्यू की तैयारी के लिए ₹5,000 अलग से दिए जाएंगे। नोट: छात्रों की 75% उपस्थिति अनिवार्य होगी।

संभाग स्तर पर अन्य परीक्षाओं की कोचिंग

प्रदेश के 10 संभागों में बैंक, रेलवे और SSC जैसी परीक्षाओं के लिए 9 महीने का विशेष कोर्स चलाया जाएगा। प्रत्येक संभाग में 500 से 600 सीटें होंगी। सरकार प्रति छात्र ₹20,000 की फीस कोचिंग संस्थान को चुकाएगी।

NEET, JEE और CLAT के लिए दो वर्षीय प्रोग्राम

महानगरों (भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन) में कक्षा 11वीं से ही NEET और JEE की तैयारी के लिए दो साल का फाउंडेशन कोर्स शुरू किया जाएगा। सरकार इसके लिए प्रति छात्र कुल ₹60,000 (₹30,000 प्रति वर्ष) का भुगतान करेगी।

क्या कहती हैं राज्यमंत्री कृष्णा गौर?

पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण विभाग की राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने कहा, “मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में हमारी सरकार युवाओं के भविष्य को संवारने के लिए प्रतिबद्ध है। इस योजना से ग्रामीण और गरीब पृष्ठभूमि के बच्चों को भी बड़े पदों पर पहुँचने और प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता प्राप्त करने का समान अवसर मिलेगा।”

मध्यप्रदेश सरकार की यह पहल शिक्षा के क्षेत्र में समानता लाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, बल्कि राज्य के प्रशासनिक और तकनीकी क्षेत्रों में ओबीसी व अल्पसंख्यक वर्ग की भागीदारी भी सुनिश्चित होगी।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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