कांग्रेस के वरिष्ठ नेता का हुआ निधन, राजनीतिक गलियारों में शोक की लहर
By Ashish Meena
जनवरी 6, 2026
Suresh Kalmadi Passed Away : पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सुरेश कलमाड़ी का आज मंगलवार सुबह निधन हो गया. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे. वह 81 साल के थे. हालांकि वह पिछले कुछ समय से सक्रिय राजनीति से दूर थे. राजनीति के अलावा कलमाड़ी खेल प्रशासक के तौर पर काफी सक्रिय रहे और लंबे समय तक भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष रहे थे.
महाराष्ट्र के पुणे से पूर्व सांसद, रेल मंत्रालय में पूर्व राज्य मंत्री सुरेश कलमाड़ी का आज तड़के सुबह 3:30 बजे लंबी बीमारी के बाद निधन हो गया. उनके पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे तक पुणे के एरंडवणे स्थित कलमाड़ी हाउस में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा. अंतिम संस्कार दोपहर 3:30 बजे पुणे के नवी पेठ में वैकुंठ श्मशानभूमि में किया जाएगा.

Also Read – बांग्लादेश में एक और हिंदू युवक की हत्या, 24 घंटे में ऐसा दूसरा मामला, 18 दिन में 6 को मौत के घाट उतारा
पायलट के रूप में किया था करियर
सुरेश कलमाड़ी ने राजनीति में आने से पहले भारतीय वायु सेना में पायलट के रूप में अपना करियर शुरू किया था. हालांकि बाद में वह राजनीति में आ गए और यहां भी वह काफी कामयाब रहे.
कलमाडी 1960 में नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) में शामिल हो गए और भारतीय वायु सेना में बतौर पायलट जुड़े. वह यहां पर 1964 से 1972 तक रहे. फिर वह 1972 से 1974 तक NDA की एयर फोर्स ट्रेनिंग टीम में इंस्ट्रक्टर बने और फिर स्क्वाड्रन लीडर के तौर पर वायु सेना से रिटायर हो गए.

राज्यसभा फिर लोकसभा सदस्य बने
वायु सेना से रिटायर होने के बाद वह 1977 में राजनीति में आ गए और युवा कांग्रेस का हिस्सा बन गए. इस बीच वह खेल प्रशासन में भी आ गए. 1980 में वह महाराष्ट्र एथलेटिक्स एसोसिएशन के अध्यक्ष बन गए. युवा कांग्रेस में रहने के बाद वह राज्यसभा के सदस्य भी बने.
वह 3 बार 1982 से 1996 और फिर 1998 में राज्यसभा के सांसद बने. संसद के ऊपरी सदन के अलावा वह लोकसभा के लिए भी चुने गए. 1996 में कलमाड़ी लोकसभा सांसद चुने गए. फिर 2004 में भी लोकसभा सांसद बने. पीवी नरसिम्हा राव के प्रधानमंत्रीत्व कार्यकाल में वह रेल राज्य मंत्री (1995 से 1996 तक) भी बनाए गए. तब उन्होंने रेल बजट भी पेश किया था.

राजनीति के इतर सुरेश कलमाड़ी खेल से जुड़े प्रशासन में भी लगातार सक्रिय रहे थे. वह 1996 में भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष चुने गए. वह इस पद पर साल 2012 तक बने रहे. बाद में वह एशियन एथलेटिक्स एसोसिएशन (AAA) के भी प्रमुख रहे. उन्हीं के कार्यकाल में साल 2010 में राजधानी दिल्ली में राष्ट्रमंडल खेलों का आयोजन कराया गया था. हालांकि यह आयोजन विवादों के घेरे में भी आया था, और कलमाड़ी पर भी आरोप लगे थे.
