MP के 14 जिलों में आज बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट, बेमौसम बारिश से गेहूं-चने की फसलों पर संकट, देवास कलेक्टर ने दिए सर्वे के आदेश, किसान 72 घंटे के भीतर इस नंबर पर करें बीमा क्लेम

By Ashish Meena
जनवरी 28, 2026

बारिश-ओलावृष्टि का अलर्ट: मध्यप्रदेश के कई जिलों में मंगलवार को अचानक बदले मौसम (MP Weather) के मिजाज ने किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) और ट्रफ की वजह से मध्य प्रदेश में मौसम बिगड़ गया है। ठंड के मौसम में बारिश-ओले का दौर चल रहा है। मंगलवार को गुना, उज्जैन (Ujjain Rain Alert), देवास (Dewas Rain), आगर-मालवा, शाजापुर में ओले गिरे तो 20 से ज्यादा जिलों में बारिश हुई। आज बुधवार को भी ग्वालियर-सागर समेत 14 जिलों में बारिश का अलर्ट है।

आज इन जिलों में बारिश का अलर्ट

बुधवार को जिन 14 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट है, उनमें ग्वालियर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, पन्ना, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सागर और दमोह शामिल हैं। श्योपुर, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, सीधी, सिंगरौली, कटनी, उमरिया, शहडोल, नीमच, मंदसौर समेत कई जिलों में बादल भी छा सकते हैं।

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खातेगांव के कई गावों में हुई ओलावृष्टि

मंगलवार को देवास जिले के खातेगांव (Khategaon Rain Alert) के कई ग्रामीण अंचलों में गरज-चमक के साथ हुई तेज बारिश और ओलावृष्टि (Hailstorm) से खेतों में खड़ी गेहूं और चना की फसलों को भारी नुकसान पहुँचाया है।

रात 8 बजे से शुरू हुआ कुदरत का कहर

मंगलवार रात करीब 8 बजे अचानक आसमान में बादलों की गड़गड़ाहट शुरू हुई और देखते ही देखते तेज बूंदाबांदी शुरू हो गई। देवास जिले के कंवलासा, पीपलकोटा, हाटपिपलिया (Hatpipliya Rain Alert) और आसपास के कई गांवों में बारिश के साथ छोटे आकार के ओले भी गिरे। हालांकि ओलावृष्टि अधिक समय तक नहीं चली, लेकिन तेज हवाओं के कारण फसलें खेतों में बिछ गईं, जिससे किसानों को उपज की गुणवत्ता और मात्रा घटने का डर सता रहा है।

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तत्काल होगा नुकसान का सर्वे

देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह (Dewas Collector Rituraj Singh) ने ओलावृष्टि की घटना को गंभीरता से लेते हुए राजस्व विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल सर्वे करने के निर्देश जारी किए हैं।

पंचनामा और प्रकरण

तहसीलदार की अध्यक्षता में एक विशेष टीम गठित की जाएगी जो प्रभावित खेतों का मौका मुआयना करेगी।

आरबीसी 6-4 के तहत मदद

प्राकृतिक आपदा से हुई क्षति का आकलन कर राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC) 6-4 के तहत किसानों को मुआवजा दिलाने के प्रकरण तैयार किए जाएंगे।

किसान 72 घंटे के भीतर ऐसे करें बीमा क्लेम

कृषि विभाग ने किसानों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। यदि आपकी फसल ओलावृष्टि से प्रभावित हुई है, तो प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) के तहत लाभ लेने के लिए यह प्रक्रिया अपनाएं।

समय सीमा: आपदा के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है।
टोल-फ्री नंबर: सूचना देने के लिए टोल-फ्री नंबर 14447 पर कॉल करें।
डिजिटल माध्यम: आप अपने स्मार्टफोन पर ‘Crop Insurance App‘ के माध्यम से भी सीधे फोटो और जानकारी अपलोड कर सकते हैं।
संपर्क सूत्र: अधिक जानकारी के लिए किसान कृषि विभाग के उपसंचालक (मोबाइल नंबर: 94248 90932) से संपर्क कर सकते हैं।

खेती पर असर: कहीं राहत तो कहीं आफत

जानकारों का कहना है कि जहां केवल हल्की बूंदाबांदी हुई है, वहां फसलों को आंशिक लाभ मिल सकता है और ठंड बढ़ने से गेहूं के दानों में चमक आ सकती है। लेकिन जिन क्षेत्रों में ओले गिरे हैं, वहां चने के फूल और गेहूं की बालियों को नुकसान पहुंचा है।

प्रशासन की सक्रियता से किसानों को जल्द मुआवजे की उम्मीद है। प्रभावित किसान अपनी सूचना दर्ज कराने में देरी न करें, क्योंकि बीमा कंपनी 72 घंटे के बाद मिले आवेदनों पर विचार करने में आनाकानी कर सकती है।

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Ashish Meena

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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