युद्ध रोकने का ऐलान…अमेरिका और ईरान में 2 हफ्ते का सीजफायर, ट्रम्प बोले- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया फैसला
By Ashish Meena
अप्रैल 8, 2026
अमेरिका और ईरान के बीच 40 दिन से जारी जंग के बाद आखिरकार 2 हफ्ते के सीजफायर पर सहमति बन गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि यह फैसला पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और आर्मी चीफ की अपील के बाद लिया गया।
सीजफायर से पहले ट्रम्प ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी थी कि अगर होर्मुज स्ट्रेट से जहाजों को सुरक्षित रास्ता नहीं मिला तो वह उसकी पूरी सभ्यता खत्म कर देंगे। उन्होंने अहम इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले की भी धमकी दी थी।
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह डील पाकिस्तान की मध्यस्थता और आखिरी समय में चीन के दखल के बाद संभव हो पाई। पाकिस्तान ने 2 हफ्ते के सीजफायर का प्रस्ताव रखा था, जिसे ईरान ने स्वीकार कर लिया।
समझौते के तहत अमेरिका और इजराइल अपने हमले रोकेंगे। ईरान भी हमले बंद करेगा। इस दौरान होर्मुज स्ट्रेट से तेल, गैस और अन्य जहाजों की सुरक्षित आवाजाही ईरानी सेना की मदद से सुनिश्चित की जाएगी। यह सीजफायर लेबनान समेत अन्य क्षेत्रों पर भी लागू होगा। इसके बाद अमेरिका और ईरान के बीच 10 अप्रैल को औपचारिक बातचीत पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में शुरू होगी।
ईरान ने अमेरिका को 10 पाइंट का प्लान भेजा
ट्रम्प ने बताया कि ईरान ने अमेरिका को 10 पाइंट का प्लान भेजा है। उन्होंने कहा कि इस पर आगे बातचीत की जा सकती है।
वहीं ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने दावा किया है कि अमेरिका ने उसका 10 पॉइंट प्रस्ताव स्वीकार कर लिया है। काउंसिल के मुताबिक यह समझौता ईरान की शर्तों पर हुआ है और इसे देश की जीत बताया है।
ईरान का अमेरिका को 10 पॉइंट का प्लान
1. हमले पूरी तरह बंद हों
ईरान ने अमेरिका और इजराइल से सभी सैन्य हमले खत्म करने की मांग रखी।
2. सभी सैंक्शन हटाए जाएं
ईरान ने सभी आर्थिक प्रतिबंध हटाने की शर्त रखी गई।
3. फ्रीज किए गए एसेट्स वापस मिलें
ईरान ने अपने सभी फ्रीज फंड और संपत्तियां वापस देने की मांग की।
4. जंग का स्थायी अंत
सिर्फ सीजफायर नहीं, बल्कि युद्ध पूरी तरह खत्म करने की शर्त रखी गई।
5. अमेरिकी सेना की वापसी
ईरान ने मिडिल-ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों से सेना हटाने की मांग की।
6. नुकसान की भरपाई
जंग में हुए नुकसान के लिए आर्थिक मुआवजा या पुनर्निर्माण की व्यवस्था मांगी गई।
7. हॉर्मुज स्ट्रेट पर कंट्रोल
ईरान ने हॉर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखने की शर्त रखी।
8. सुरक्षित आवाजाही, लेकिन शर्तों के साथ
जहाजों को हॉर्मुज से गुजरने की अनुमति होगी, लेकिन यह ईरानी सेना के समन्वय में होगी।
9. प्रति जहाज फीस का प्रस्ताव
ईरान ने प्रस्ताव रखा कि हर जहाज से करीब 20 लाख डॉलर फीस ली जाएगी, जिसे ओमान के साथ साझा किया जाएगा।
10. क्षेत्रीय संघर्ष भी खत्म हों
लेबनान में हिजबुल्लाह पर हमले समेत क्षेत्रीय तनाव खत्म करने की मांग भी शामिल है।
