अयोध्या के राम मंदिर में नमाज पढ़ने की कोशिश, परिसर में घुसे 3 लोग पकड़े गए, इनमें एक लड़की
By Ashish Meena
जनवरी 10, 2026
Ram Temple of Ayodhya : अयोध्या के राम जन्मभूमि परिसर में शनिवार सुबह 3 लोग घुस गए और नमाज पढ़ने की कोशिश करने लगे। सुरक्षाकर्मियों ने तुरंत उन्हें रोका और हिरासत में ले लिया। पकड़े गए लोगों में 1 युवक, 56 साल का एक व्यक्ति और 1 युवती शामिल है। इन लोगों ने खुद को कश्मीर का रहने वाला बताया है।
अभी तक किसी ने इसकी पुष्टि नहीं की है कि आरोपी कौन हैं और कहां के रहने वाले हैं? प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तीनों संदिग्ध हरकतें कर रहे थे। तीनों से राम मंदिर परिसर में बने पुलिस कंट्रोल रूम में पूछताछ की जा रही है कि वो अयोध्या क्यों आए थे?
राम मंदिर के गेट D1 से घुसे
तीनों राम मंदिर के गेट D1 से घुसे। इसके बाद सीता रसोई के पास अबू अहमद शेख नमाज पढ़ने के लिए बैठ गया। पुलिसवालों ने उसे उसे ऐसा करते देखते ही हिरासत में ले लिया। वह कश्मीर के शोपियां का रहने वाला है। वहीं, पकड़ी गई लड़की नाम सोफिया है। दूसरे युवक का नाम अभी पता नहीं चल पाया है।
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दरअसल, राम मंदिर में एंट्री करने के दौरान सिर्फ चेकिंग होती है। आधार कार्ड या किसी अन्य परिचय पत्र को चेक नहीं किया जाता। इसी का फायदा उठाकर तीनों राम मंदिर परिसर में एंट्री कर गए। इसके बाद तीनों सीता रसोई तक जा पहुंचे, जो मुख्य मंदिर से सिर्फ 200 मीटर दूर है। यहां नमाज पढ़ने की कोशिश की।
मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि सुरक्षाकर्मियों ने जब उन लोगों को रोका, तो उन्होंने नारेबाजी शुरू कर दी। वहीं, घटना की सूचना मिलते ही खुफिया एजेंसियां, स्थानीय पुलिस और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी सक्रिय हो गए हैं। हालांकि, इस मामले पर जिला प्रशासन ने फिलहाल कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। राम मंदिर ट्रस्ट ने भी पूरे प्रकरण पर चुप्पी साध रखी है।
रोज डेढ़ लाख श्रद्धालु पहुंच रहे राम मंदिर
22 जनवरी, 2024 को राम मंदिर में रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से हर दिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर पर आतंकी हमले को लेकर धमकियां मिलती रहती हैं। ऐसे में मंदिर की सुरक्षा को देखते हुए सरकार ने NSG की यूनिट शुरू करने का फैसला लिया है।
अभी SSF के हाथों में मंदिर की सुरक्षा
अभी श्रीराम जन्मभूमि परिसर और मंदिर की सुरक्षा की जिम्मेदारी SSF के हाथों में है। मंदिर की सुरक्षा में 200 जवान तैनात हैं। UP सरकार ने हाल ही में PAC और पुलिस के जवानों को मिलाकर SSF गठन किया था।
मंदिर को बम से उड़ाने की कई धमकियां मिल चुकी हैं
22 अगस्त 2024- श्रीरामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के हेल्प डेस्क मोबाइल नंबर पर वॉट्सऐप के माध्यम से धमकी दी गई थी। धमकी भरे संदेश में लिखा गया, ‘बहुत जल्द वे मंदिर को नष्ट कर देंगे और मस्जिद बनाएंगे…, मंदिर को 4000 किलो RDX से नष्ट कर दिया जाएगा…।’ इस मामले में UP ATS ने 14 सितंबर को बिहार के भागलपुर से मोहम्मद मकसूद नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया था। प्रारंभिक पूछताछ में मालूम हुआ कि मकसूद राम मंदिर निर्माण से गुस्सा था।
28 मई 2024- पहले एक ID से इंस्टाग्राम पर पोस्ट की गई। फिर 112 पर कॉल आई। राम मंदिर को उड़ाने की धमकी मिलते ही पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट और सर्विलांस टीम को तुरंत एक्टिव किया। दहशत न फैले, इसलिए पुलिस ने अंदरखाने जांच की। जांच में धमकी देने वाले की लोकेशन कुशीनगर की निकली। पुलिस ने धमकी देने वाले बलुआ तकिया क्षेत्र के रहने वाले एक 16 साल के किशोर को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआती जांच में पता चला कि नाबालिग मानसिक तौर पर स्वस्थ नहीं है।
11 नवंबर, 2024- खालिस्तानी आतंकी और सिख फॉर जस्टिस (SFJ) के चीफ गुरपतवंत सिंह पन्नू ने राम मंदिर को बम से उड़ाने की धमकी दी थी। कहा था- हम हिंदुत्ववादी विचारधारा की जन्मस्थली अयोध्या की नींव हिला देंगे।
अयोध्या में NSG हब बनाने की तैयारी
रामलला की प्राण-प्रतिष्ठा के बाद से हर दिन करीब डेढ़ लाख श्रद्धालु दर्शन करने आते हैं। मंदिर पर आतंकी हमले को लेकर धमकियां भी मिलती रहती हैं। ऐसे में अयोध्या की सुरक्षा को पूरी तरह दुरुस्त करने के लिए यहां NSG का हब बनाने की तैयारी है।
NSG यूनिट विशेष हथियार (स्पेशलाइज्ड वेपन) और एंटी ड्रोन तकनीक से लैस होगी। मंदिर परिसर में 11 करोड़ की लागत से इंट्रीग्रेटेड कंट्रोल सेंटर बनाया जा रहा है। इसमें पुलिस, CRPF, SSF और खुफिया संगठनों के बैठने की व्यवस्था होगी।
