देवास: कृषक कल्याण वर्ष 2026 के तहत खातेगांव के गांव-गांव पहुंचा कृषि रथ, राहुल मीणा ने किसानों को दी योजनाओं की जानकारी

By Admin@News
जनवरी 22, 2026

कृषक कल्याण वर्ष 2026 : मध्य प्रदेश सरकार द्वारा घोषित ‘कृषक कल्याण वर्ष 2026’ के अंतर्गत किसानों को आधुनिक और आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में कृषि विभाग ने कमर कस ली है। इसी कड़ी में, कृषि एवं उद्यानिकी विभाग द्वारा संचालित विशेष जागरूकता कृषि रथ देवास जिले की खातेगांव तहसील के ग्राम संदलपुर पहुँचा। यहाँ ग्रामीणों ने उत्साहपूर्वक रथ का स्वागत किया और उन्नत खेती के गुर सीखे।

किसानों को खाद के लिए लाइनों में नहीं लगना होगा

कार्यक्रम के दौरान वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी निरंजन सिंह गुर्जर ने किसानों को जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि अब उर्वरक वितरण के लिए टोकन प्रणाली को ऑनलाइन पंजीयन से जोड़ दिया गया है। मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीयन कर किसान अपना समय सुरक्षित कर सकते हैं और निर्धारित समय पर खाद प्राप्त कर सकते हैं।

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फसल अवशेष प्रबंधन (नरवाई) पर जोर

अधिकारियों ने खेतों में नरवाई (फसल अवशेष) जलाने से होने वाले नुकसान के प्रति किसानों को सचेत किया। निरंजन सिंह गुर्जर ने इसके उचित प्रबंधन और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए आधुनिक यंत्रों के उपयोग की सलाह दी।

उद्यानिकी और PM-FME योजना से बढ़ेगी आय

उद्यान विस्तार अधिकारी महेंद्र गुर्जर ने किसानों को केवल पारंपरिक खेती तक सीमित न रहकर उद्यानिकी (Horticulture) अपनाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने PM-FME योजना (प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्योग उन्नयन योजना) के बारे में बताते हुए कहा कि किसान अब अपने उत्पादों की प्रोसेसिंग कर छोटे उद्योग लगा सकते हैं, जिसमें सरकार भारी सब्सिडी दे रही है। साथ ही जैविक विविधता और प्राकृतिक खेती पर भी विशेष प्रकाश डाला गया।

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आत्मा विभाग की नई पहल

आत्मा विभाग के महेश जाट ने रासायनिक खाद के बढ़ते दुष्प्रभावों को रेखांकित करते हुए जैविक एवं प्राकृतिक खेती के महत्व को समझाया। उन्होंने बताया कि कैसे कम लागत में गौ-मूत्र और गोबर की खाद से ज़हरीले रसायनों से मुक्त फसल उगाई जा सकती है।

राहुल मीणा ने दी योजनाओं की जानकारी

कृषि विस्तार अधिकारी राहुल मीणा ने किसानों को पंजीयन प्रक्रिया एवं कृषि विभाग की योजनाओं से अवगत कराया।

स्थानीय जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति

इस अवसर पर सरपंच प्रतिनिधि गुडमल देवड़ा, नारायण कदाव, गंगा विशन, आलोक तिवारी, सुदामा गुर्जर, लक्ष्मीकांत अग्रवाल, गजानन, रमेश जाट और बृजलाल मंडलोई सहित भारी संख्या में प्रगतिशील किसान उपस्थित रहे। विभाग की ओर से दीक्षा कुशवाहा और बृजेश उपाध्याय ने भी किसानों की शंकाओं का समाधान किया।

कृषि रथ का यह अभियान किसानों और सरकार के बीच की दूरी को कम करने का एक प्रभावी माध्यम साबित हो रहा है। 2026 में खेती को लाभ का धंधा बनाने के लिए डिजिटल तकनीकों और जैविक पद्धतियों का यह संगम ग्रामीण क्षेत्रों में नई क्रांति लेकर आएगा।

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