देवास: खातेगांव तहसील में सीमांकन के दौरान भारी हंगामा, कब्जा हटाने पहुंची राजस्व टीम के सामने युवक ने खुदपर पेट्रोल डाला, तहसीलदार से तीखी नोकझोंक

By Ashish Meena
फ़रवरी 25, 2026

Khategaon News : मध्य प्रदेश के देवास जिले की खातेगांव तहसील के ग्राम राजौर में मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब सरकारी जमीन की नाप-जोख (सीमांकन) करने पहुंची राजस्व टीम के सामने एक युवक ने आत्मदाह की कोशिश की।

कलेक्टर के आदेश पर शुरू हुई इस कार्रवाई में उस वक्त ‘हाई-वोल्टेज ड्रामा’ देखने को मिला जब कब्जेधारी परिवार के एक युवक ने अपने ऊपर पेट्रोल छिड़क लिया।

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क्या है पूरा जमीन विवाद?

राजौर में स्थित करीब 0.40 हेक्टेयर सरकारी जमीन को लेकर यह विवाद लंबे समय से चल रहा है। जिला प्रशासन ने इस जमीन को नर्मदा परिक्रमा करने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने और पौधारोपण के लिए चयनित किया है।

यह जमीन मूल रूप से कोटवार को आवंटित की गई थी। वर्तमान में इस जमीन पर कोटवार के रिश्तेदारों का कब्जा है, जिसे प्रशासन अब ग्राम पंचायत को सौंपना चाहता है।

अधिकारियों के सामने युवक की आत्मदाह की धमकी

तहसीलदार अवधेश यादव जब दल-बल के साथ सीमांकन के लिए पहुंचे, तो कोटवार का भतीजा धीरज केवट अपने परिवार सहित विरोध पर उतर आया। बहस इतनी बढ़ गई कि धीरज ने अचानक पेट्रोल की बोतल निकाली और खुद पर छिड़क लिया। युवक की इस हरकत से अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए और मौके पर मौजूद ग्रामीणों में चीख-पुकार मच गई।

तहसीलदार का सख्त रुख

हंगामे के बावजूद तहसीलदार अवधेश यादव अपने निर्णय पर अडिग रहे। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि सरकारी जमीन पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। हालांकि, मानवीय आधार और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए टीम फिलहाल लौट आई है।

“जमीन पर अभी गेहूं की फसल खड़ी है। फसल कटते ही टीम दोबारा आएगी और कब्जा हटाकर जमीन पंचायत को सौंपी जाएगी।” – अवधेश यादव, तहसीलदार

युवक का आरोप: “गरीब पर वार, रसूखदारों को छूट”

दूसरी ओर, आत्मदाह की धमकी देने वाले धीरज केवट ने प्रशासन पर भेदभाव के गंभीर आरोप लगाए हैं। धीरज का कहना है कि वह एक गरीब परिवार से है और उसके पास आजीविका के लिए मात्र 3 एकड़ जमीन है। उसी सरकारी सर्वे नंबर की जमीन पर कई रसूखदार लोगों ने भी कब्जे कर रखे हैं। प्रशासन केवल उसके परिवार को निशाना बना रहा है, जबकि बड़े कब्जाधारियों पर कोई कार्रवाई नहीं हो रही।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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