किसानों के लिए खुशखबरी, इन जिलों में जल्द मिलेगा मुआवजा, CM मोहन यादव ने दिए निर्देश, जानें मुआवजे की पूरी प्रक्रिया
By Ashish Meena
जनवरी 30, 2026
इन जिलों में जल्द मिलेगा मुआवजा: मध्य प्रदेश के अन्नदाताओं पर कुदरत का कहर टूटा है। पिछले कुछ दिनों से जारी बेमौसम बारिश और भीषण ओलावृष्टि ने प्रदेश के 30 से अधिक जिलों में रबी की फसलों को भारी नुकसान पहुंचाया है। गेहूं, चना, सरसों और सब्जियों की लहलहाती फसलें अब खेतों में बिछ गई हैं। किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें देख मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रशासन को युद्ध स्तर पर राहत कार्य शुरू करने के निर्देश दिए हैं।
मुख्यमंत्री का कड़ा रुख: 24 घंटे में मांगी रिपोर्ट
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया है कि किसानों की मेहनत को बर्बाद नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि राजस्व और कृषि विभाग की संयुक्त टीमें बनाकर खेतों का जमीनी सर्वे (Ground Survey) कराया जाए। सीएम ने अधिकारियों को 24 घंटे के भीतर प्रारंभिक नुकसान की रिपोर्ट सौंपने को कहा है, ताकि मुआवजे के वितरण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जा सके।
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इन जिलों में हुआ सबसे ज्यादा नुकसान
सर्वे रिपोर्ट के शुरुआती रुझानों के अनुसार, खंडवा जिला सबसे बुरी तरह प्रभावित हुआ है। खंडवा में लगभग 2,500 से अधिक किसान प्रभावित हुए हैं। अकेले गेहूं की 10-12 हजार हेक्टेयर फसल बर्बाद हुई है, जबकि 3 हजार हेक्टेयर में चने की फसल को नुकसान पहुँचा है।
उज्जैन संभाग के खाचरौद, नागदा और महिदपुर में ओलों ने गेहूं की बाली तोड़ दी है।
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शाजापुर व देवास: शाजापुर के कई गांवों में बड़े आकार के ओले गिरे हैं। देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने खुद खेतों में उतरकर नुकसान का जायजा लिया और ‘जीरो टॉलरेंस’ के साथ सर्वे के निर्देश दिए।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY): ऐसे पाएं मुआवजा
कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने प्रभावित किसानों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ उठाएं। यदि आपकी फसल का बीमा है, तो नुकसान के 72 घंटे के भीतर सूचना देना अनिवार्य है।
आवेदन करने के दो प्रमुख तरीके
टोल-फ्री नंबर: किसान सीधे 14447 पर कॉल करके अपने नुकसान की शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
क्रॉप इंश्योरेंस ऐप (Crop Insurance App): गूगल प्ले स्टोर से इस ऐप को डाउनलोड कर अपनी फसल के फोटो और नुकसान का विवरण ऑनलाइन अपलोड करें।
राजस्व पुस्तक परिपत्र (RBC 6-4) के तहत राहत
जिन किसानों के पास बीमा नहीं है, उन्हें सरकार RBC 6-4 के प्रावधानों के तहत आर्थिक सहायता प्रदान करेगी। इसके लिए पटवारी और तहसीलदार द्वारा तैयार की गई सर्वे रिपोर्ट ही मुख्य आधार होगी।
संकट की इस घड़ी में मध्य प्रदेश सरकार किसानों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रशासन की त्वरित सक्रियता और टेक्नोलॉजी (ऐप) के माध्यम से सर्वे की पारदर्शिता से यह उम्मीद जगी है कि प्रभावित किसानों को समय पर उचित मुआवजा मिल सकेगा। किसान भाई अपने क्षेत्र के पटवारी से संपर्क बनाए रखें और नुकसान का इंद्राज (Entry) जरूर कराएं।
