MP के अस्पताल में बड़ी लापरवाही, प्रसव के बाद महिला के पेट में छोड़ दिया कॉटन, पति का आरोप- अस्पताल में डॉक्टर नहीं थे, नर्सों ने कराई डिलीवरी
By Ashish Meena
अप्रैल 11, 2026
मध्यप्रदेश के दमोह के हटा सिविल अस्पताल में बड़ी लापरवाही सामने आई है। यहां प्रसव के दौरान एक महिला की बच्चेदानी में कॉटन छोड़ दिया गया। दो दिन बाद जब पेटदर्द और रक्तस्राव की शिकायत हुई और उसे दोबारा भर्ती कराया गया तो इसका पता चला। मामले में हटा थाने में शिकायत की गई है।
गौरी शंकर वार्ड में रहने वाले परिजनों ने बताया कि 5 अप्रैल को 25 वर्षीय मीना अहिरवार को लेबर पेन हुआ। इसके बाद आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी प्रजापति उसे हटा सिविल अस्पताल ले गईं। उसी शाम मीना ने एक स्वस्थ बच्ची को जन्म दिया।
8 अप्रैल को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई, लेकिन 9 अप्रैल की शाम मीना को दर्द, यूरीन और रक्तस्राव जैसी शिकायतें होने लगीं। 10 अप्रैल को हालत बिगड़ने पर दोबारा हटा सिविल अस्पताल ले जाया गया।
परिजनों के अनुसार, अस्पताल के स्टाफ ने मीना को लेबर रूम में भर्ती किया। जांच के दौरान नर्सों ने बताया कि प्रसव के समय यूटरस में कॉटन का टुकड़ा छूट गया था। अब चीरा लगाकर बाहर निकाल दिया गया है।
प्रसव के समय डॉक्टर नहीं थे, नर्सों ने कराई डिलीवरी
मीना के पति संदीप अहिरवार का आरोप है कि डिलीवरी के समय अस्पताल में कोई डॉक्टर नहीं था। उन्होंने बताया कि ड्यूटी पर सपना और उनके साथ एक अन्य नर्स थीं, जिन्होंने टांके लगाते समय कपड़ा छोड़ दिया। संदीप ने हटा थाने में आवेदन देकर नर्सों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सास बोली- 500 रुपए नर्स को, 500 आशा कार्यकर्ता को दिए
महिला की सास संध्या अहिरवार ने बताया- डिलीवरी के समय नर्स ने कपड़ा अंदर छोड़ दिया और टांके लगाकर हम लोगों को घर भेज दिया। बहू को पेट दर्द होने पर दोबारा अस्पताल लेकर आए तो नर्सों ने बहुत बड़ा कपड़ा निकाला।
संध्या का कहना है कि हमसे अस्पताल में सुरक्षित प्रसव कराने के नाम पर रुपयों की मांग की गई थी। इस पर हमने 500 रुपए सपना नर्स और 500 रुपए आशा कार्यकर्ता को दिए, ताकि उनकी बहू का सुरक्षित प्रसव हो सके। उसे जिला अस्पताल रेफर न किया जाए। इसके बावजूद लापरवाही बरती गई।
बीएमओ बोले- नोटिस देकर नर्स को प्रसूता कक्ष से हटा दिया है
हटा सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉक्टर उमाशंकर पटेल ने बताया कि इस लापरवाही के लिए नर्स को नोटिस दिया गया है। उन्हें अभी प्रसूता कक्ष से हटा दिया है। मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को भी दे दी गई है। जल्द ही कार्रवाई की जाएगी।
डॉक्टर पटेल के अनुसार, यह महिला का दूसरा प्रसव था। इसके पहले भी नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। दूसरी डिलीवरी भी नॉर्मल हुई है। परिजन जो कपड़ा छोड़ने की बात कह रहे हैं, वह कपड़ा नहीं है। पैड में इस्तेमाल होने वाला कॉटन है।
सीएमएचओ बोले- गंभीर लापरवाही है, जांच कराएंगे
मामले में दमोह सीएमएचओ डॉ. राजेश आठ्या का कहना है कि यदि लापरवाही हुई है तो गंभीर मामला है। मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
