डॉक्टर करने जा रहे थे पोस्टमार्टम… तभी ‘मृत’ युवक उठ बैठा, गुना अस्पताल में सनसनी
By Ashish Meena
मार्च 20, 2026
मध्यप्रदेश के गुना जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने हर किसी को हैरान कर दिया है। एक युवक को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया, लेकिन जब उसे पोस्टमार्टम के लिए ले जाया गया, तो अचानक वह जिंदा हो उठा। यह घटना सुनने में जितनी अजीब लगती है, उतनी ही गंभीर भी है।
पोस्टमार्टम टेबल पर पड़े युवक में अचानक हरकत होने लगी और देखते ही देखते वह उठकर भागने लगा। इस घटना ने अस्पताल में मौजूद हर व्यक्ति को झकझोर कर रख दिया। अब इस पूरे मामले को लेकर अस्पताल प्रबंधन पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
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गुना में ‘मृत’ युवक जिंदा कैसे हुआ
यह पूरा मामला गुना जिला अस्पताल का है, जहां 20 वर्षीय युवक ने मानसिक तनाव के चलते सल्फास खा लिया था। हालत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद सामान्य प्रक्रिया के तहत युवक को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। लेकिन यहीं से कहानी ने ऐसा मोड़ लिया, जिसने सभी को हैरान कर दिया।
पोस्टमार्टम रूम में हुआ चौंकाने वाला घटनाक्रम
जैसे ही युवक को पोस्टमार्टम रूम में ठंडी मेज पर लिटाया गया और डॉक्टर प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर रहे थे, अचानक उसके शरीर में हरकत होने लगी। डॉक्टरों के हाथ में औजार देखकर युवक उठ बैठा और घबराकर वहां से भागने लगा। वह नग्न अवस्था में ही पोस्टमार्टम रूम से बाहर निकल गया। इस दृश्य को देखकर वहां मौजूद स्टाफ और अन्य लोग दंग रह गए। इस घटना ने अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल पैदा कर दिया। हर कोई यह समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर ऐसा कैसे हो सकता है।
क्या है घटना के पीछे की वजह
प्राथमिक तौर पर माना जा रहा है कि युवक पूरी तरह मृत नहीं था, बल्कि उसकी हालत बेहद गंभीर थी। संभव है कि जांच के दौरान उसकी सांसें या नाड़ी बहुत कमजोर रही हों, जिससे उसे मृत समझ लिया गया।
चिकित्सकीय दृष्टि से कई बार ऐसे मामले सामने आते हैं, जहां व्यक्ति की जीवन संकेत बहुत धीमे हो जाते हैं और उसे मृत समझ लिया जाता है। लेकिन सही जांच के अभाव में ऐसी बड़ी चूक हो सकती है।
अस्पताल प्रबंधन पर उठे सवाल
इस घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बिना पूरी पुष्टि के किसी को मृत कैसे घोषित कर दिया गया।क्या जरूरी जांच प्रक्रियाएं सही तरीके से अपनाई गई थीं? क्या डॉक्टरों ने सभी मानकों का पालन किया? ये ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अब प्रशासन को देना होगा। इस मामले ने स्वास्थ्य व्यवस्था की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं और यह दिखाया है कि छोटी सी लापरवाही कितनी बड़ी घटना बन सकती है।
लोगों के लिए क्या है सबक
यह घटना आम लोगों के लिए भी एक बड़ा सबक है। किसी भी गंभीर स्थिति में मरीज की पूरी तरह जांच होना बेहद जरूरी है। परिजनों को भी चाहिए कि वे डॉक्टरों से पूरी जानकारी लें और सुनिश्चित करें कि सभी मेडिकल प्रक्रियाएं सही तरीके से की जा रही हैं।
