ईरान ने एक साथ 8 देशों पर किया हमला, 400 मिसाइलें दागीं, दुबई समेत कई शहरों को बनाया निशाना, इस जंग से भारत को कितना नुकसान?
By Ashish Meena
फ़रवरी 28, 2026
ईरान ने इजरायल के बाद अमेरिका के खिलाफ ऐलान ए जंग कर दिया है. ईरान ने मध्य पूर्व में स्थित अमेरिका के 7 सैन्य अड्डों पर बैलेस्टिक मिसाइलों से हमला किया है. अगर इजरायल को भी मिला दें तो ईरान ने एक साथ 8 देशों पर जवाबी हमला किया है. ईरान ने पलटवार करते हुए करीब 400 मिसाइलें दागीं हैं.
ताजा जानकारी के मुताबिक ईरान ने सऊदी अरब, जॉर्डन, बहरीन, कुवैत, कतर, UAE में स्थित अमेरिकी नौसैनिक अड्डों पर हमला किया है. बहरीन ने शनिवार को कहा कि आइलैंड किंगडम में US नेवी के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया गया. उसने हमले के बारे में तुरंत कोई और जानकारी नहीं दी.
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बहरीन ने शनिवार को कहा कि आइलैंड किंगडम में US नेवी के 5th फ्लीट हेडक्वार्टर को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया गया. उसने हमले के बारे में तुरंत कोई और जानकारी नहीं दी. बहरीन के मनामा शहर में भी धमाके की आवाज सुनी गई है.
ईरान ने मध्य पूर्व में मौजूद अमेरिका के सैन्य अड्डों पर मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमला किया है. ईरान ने UAE के अल धफरा एयर बेस पर, कुवैत में मौजूद अमेरिका के आर्मी बेस, सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी बेस, बहरीन के मौजूद अमेरिकी बेस पर हमला किया है. कतर की राजधानी दोहा में भी धमाके की आवाज सुनी गई है. दोहा में एयरबेस को बंद कर दिया गया है.
संयुक्त अरब अमीरात में भी ईरान ने हमला किया है. कुवैत, UAE और बहरीन में भी कई अमेरिकी सैन्य अड्डों पर ईरान ने हमला किया है. इधर सऊदी विदेश मंत्रालय ने UAE, बहरीन, कतर, कुवैत और जॉर्डन पर ईरानी हमलों की निंदा की है.
बहरीन में कई जगहों पर हमला
बहरीन की सरकारी न्यूज़ एजेंसी का कहना है कि देश के बाहर से हुए “हमले” की वजह से किंगडम के अंदर कई जगहों पर अटैक हुआ है. बहरीन ने इसे हमले की देश की सॉवरेनिटी और सिक्योरिटी का खुला उल्लंघन बताया है और कहा कि बहरीन में अधिकारी “इमरजेंसी उपाय” लागू कर रहे हैं. उसने कहा, “किंगडम बहरीन इस धोखेबाज़ हमले की कड़ी निंदा करता है जो किंगडम और उसके नागरिकों के लिए सीधा खतरा है.”
कतर में कई धमाके
कतर में मोबाइल फ़ोन पर वॉर्निंग अलर्ट बज गए, जिसमें लोगों से सुरक्षित जगहों पर पनाह लेने की अपील की गई. कतर में एयरस्पेस को बंद कर दिया गया है और सभी फ्लाइट को रद्द कर दिया गया है. कतर एयरवेज ग्रुप ने कन्फ़र्म किया है कि कतर एयरवेज के बंद होने की वजह से दोहा आने-जाने वाली उसकी फ़्लाइट्स पर कुछ समय के लिए रोक लगा दी गई है. एयरलाइन प्रभावित यात्रियों की मदद के लिए सरकारी स्टेकहोल्डर्स और संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है और एयरस्पेस के फिर से खुलने पर ऑपरेशन फिर से शुरू कर देगी.
कतर की राजधानी दोहा में कई धमाकों की आवाज सुनी गई है, कतर के रक्षा मंत्रालय ने कहा है कि कतर को टारगेट करती हुई कई मिसाइलें देश के एयर स्पेस में आईं
कुवैत में सायरन और धमाकों की खबर
चश्मदीदों ने कुवैत में सायरन और धमाकों की आवाज सुनी है. जो US आर्मी सेंट्रल का ठिकाना है. कतर में अल उबैद एयरबेस पर हमला हुआ है, कुवैत में अल सलेम एयरबेस पर हमला हुआ है. यूएई में अल धफरा एयर बेस पर हमला हुआ है. इसके अलावा बहरीन में अमेरिकी सैन्य बेस पर ईरान ने ताबड़तोड़ हमला किया है.
अबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत
ईरान के हमले की जद में सऊदी अरब की राजधानी रियाद, UAE का दुबई और अबू धाबी शामिल है. अबू धाबी में कई धमाकों की खबर है. अबू धाबी में एक व्यक्ति की मौत की खबर है. दुबई में तेज धमाके की खबर है. UAE ने कहा है कि वो ईरान को इन हमलों का जवाब देगा.
इराक में 2 लोग मारे गए
पॉपुलर मोबिलाइज़ेशन फ़ोर्स के एक स्पोक्सपर्सन ने शनिवार को रॉयटर्स को बताया कि बगदाद के दक्षिण में जुर्फ़ अल-सखार में एयरस्ट्राइक के बाद हुए कम से कम चार धमाकों में कम से कम दो इराकी हाशिद शाबी फाइटर मारे गए और तीन दूसरे गंभीर रूप से घायल हो गए.
उन्होंने आगे कहा कि संभावित कैजुअल्टी के लिए सर्च ऑपरेशन जारी हैं. PMF, जिसे अरबी में हाशद अल-शाबी के नाम से जाना जाता है, ज़्यादातर शिया पैरामिलिट्री ग्रुप्स का एक अम्ब्रेला ग्रुप है जिसे ऑफिशियली इराक के स्टेट सिक्योरिटी फ़ोर्स में शामिल किया गया था और इसमें ईरान से जुड़े कई ग्रुप्स शामिल हैं. इस बीच ब्रिटेन ने बहरीन, कुवैत, कतर और यूनाइटेड अरब अमीरात में ब्रिटिश नागरिकों को तुरंत सुरक्षित जगहों पर चले जाने को कहा है.
ईरान-इजराइल जंग से भारत को कितना नुकसान?
ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करने की धमकी भी दे चुका है. वह हूती विद्रोहियों के जरिए लाल सागर में जहाजों पर हमले भी तेज करा सकता है. इन दोनों जलडमरूमध्यों की नाकाबंदी से भारत समेत पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर भारी असर पड़ सकता है. होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग है. यह ओमान और ईरान के बीच स्थित संकरा जलमार्ग है, जो फारस की खाड़ी को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है.
यह स्ट्रेट 161 किमी लंबा और अपने सबसे संकरे बिंदु पर सिर्फ 33 किमी चौड़ा है. वैश्विक समुद्री तेल व्यापार का 27% होर्मुज स्ट्रेट से होता है. वैश्विक तेल उत्पादन का 20.5 फीसदी यहां से गुजरता है. हर दिन 20 मिलियन बैरल तेल इस रूट से गुजरता है. इसके साथ ही ग्लोबल LNG व्यापार का 22% यहां से गुजरता है. सऊदी अरब, ईरान, UAE, कुवैत और इराक अपना ज्यादातर तेल इसी मार्ग से निर्यात करते हैं. फरवरी 2026 में ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में लाइव-फायर सैन्य अभ्यास किया और अस्थायी रूप से कुछ घंटों के लिए स्ट्रेट के हिस्सों को बंद कर दिया था.
भारत पर सीधा प्रभाव
भारत होर्मुज स्ट्रेट के बंद होने से सबसे ज्यादा प्रभावित होने वाले देशों में से एक है. भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल उपभोक्ता है और अपनी जरूरतों का 88% से अधिक तेल आयात करता है. भारत के कच्चे तेल आयात का 40-50% होर्मुज स्ट्रेट से होता है. भारत की LNG सप्लाई का 40-60% इस मार्ग से आता है. 2024 में कतर ने अकेले लगभग 10 मिलियन टन LNG भारत को दिया. भारत सालाना लगभग 2 बिलियन बैरल तेल आयात करता है. तेल की कीमत में हर 1 डॉलर के इजाफे से भारत के वार्षिक आयात खर्च में लगभग 2 बिलियन डॉलर की बढ़ोतरी होती है.
एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि होर्मुज स्ट्रेट बंद होने से तेल की कीमतें 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर जा सकती हैं. सबसे खराब स्थिति में 130 डॉलर प्रति बैरल भी पार कर सकती हैं. फरवरी 2026 में ब्रेंट क्रूड पहले ही 71 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर पहुंच गया है, जो एक महीने में 12% से अधिक की बढ़ोतरी है. बढ़ते आयात खर्च से चालू खाता घाटा बढ़ेगा और रुपया कमजोर होगा.
लाल सागर में हूती हमलों का दोहरा खतरा
यमन में हूती विद्रोही नवंबर 2023 से लाल सागर और बाब अल-मंदब स्ट्रेट में कॉमर्शियल जहाजों पर हमले कर रहे हैं. यह क्षेत्र एशिया और यूरोप के बीच व्यापार का एक और अहम मार्ग है. ग्लोबल ऑयल शिपमेंट का 12% और ग्लोबल सी रूट का 10% स्वेज नहर के माध्यम से होता है. बाब अल-मंदब स्ट्रेट कंटेनर शिपिंग के लिए होर्मुज स्ट्रेट की तरह महत्वपूर्ण है. वैश्विक कंटेनर शिपिंग का 25-30% स्वेज नहर से गुजरता है. हूतियों ने कहा है कि वे तब तक हमले जारी रखेंगे, जब तक इजराइल गाजा युद्ध बंद नहीं करता. अब ईरान-इजराइल युद्ध के साथ हूती हमले और तेज हो सकते हैं.
किसे मिलेगा फायदा?
अगर ईरान होर्मुज स्ट्रेट को बंद करता है और हूती लाल सागर में हमले तेज करते हैं, तो अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए जोखिम को कई गुना बढ़ा देगी. ईरान-इजराइल युद्ध से भारत को सबसे ज्यादा नुकसान होने की संभावना है. होर्मुज स्ट्रेट और लाल सागर में व्यवधान से तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, मुद्रास्फीति बढ़ सकती है.
अमेरिका तेल के मामले में आत्मनिर्भर है और तेल निर्यात भी करता है. इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन ने वेनेजुएला को अपने नियंत्रण में ले लिया है. यदि होर्मुज स्ट्रेट बंद होता है तो तेल की कीमतें दोगुनी हो सकती हैं. एशिया (चीन, भारत, जापान, दक्षिण कोरिया) और यूरोप सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे. इसका फायदा अमेरिका की तेल कंपनियां उठाएंंगी.
