जबलपुर–मंडला फोर्ट के बीच चलेगी सीधी पैसेंजर ट्रेन, नैनपुर में ट्रेन बदलने की परेशानी खत्म
By Ashish Meena
मार्च 10, 2026
मध्य प्रदेश के रेल यात्रियों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। जबलपुर से मंडला फोर्ट तक सफर करने वाले लोगों को अब नैनपुर रेलवे स्टेशन पर ट्रेन बदलने की परेशानी से जल्द छुटकारा मिलने वाला है। रेलवे ने जबलपुर–नैनपुर और नैनपुर–मंडला फोर्ट के बीच चलने वाली पैसेंजर ट्रेनों को मर्ज करने का फैसला लिया है। इस फैसले के बाद यात्रियों को सीधे जबलपुर से मंडला फोर्ट तक ट्रेन सुविधा मिल सकेगी।
रेलवे बोर्ड से इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है और अब जोन स्तर पर नई समय-सारिणी तैयार की जा रही है। जैसे ही नई टाइम टेबल लागू होगी, जबलपुर से मंडला फोर्ट तक सीधी पैसेंजर ट्रेन सेवा शुरू कर दी जाएगी। इससे यात्रियों का समय बचेगा और सफर पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा। खासकर उन लोगों को बड़ी राहत मिलेगी जो रोजाना इस रूट पर यात्रा करते हैं।
Read More: MP में डॉक्टरों की हड़ताल टली: सरकार से बातचीत के बाद मरीजों को राहत, 16 मार्च तक स्थगित आंदोलन
अभी दो हिस्सों में चलती है जबलपुर मंडला ट्रेन
वर्तमान व्यवस्था में जबलपुर से मंडला फोर्ट जाने के लिए यात्रियों को दो अलग-अलग ट्रेनों का सहारा लेना पड़ता है। अभी पश्चिम मध्य रेलवे की पैसेंजर ट्रेन जबलपुर से नैनपुर तक चलती है। इसके बाद उसी ट्रेन को नया नंबर देकर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे नैनपुर से मंडला फोर्ट तक चलाता है।
इस व्यवस्था के कारण यात्रियों को नैनपुर स्टेशन पर ट्रेन बदलनी पड़ती है। कई बार दोनों ट्रेनों के बीच काफी अंतराल होने की वजह से यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है। कई यात्रियों को देर रात स्टेशन पर बैठकर समय बिताना पड़ता है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इन दोनों ट्रेनों को मिलाकर एक ही ट्रेन बना दिया जाएगा, जिससे जबलपुर से मंडला फोर्ट तक सीधा सफर संभव हो जाएगा।
नैनपुर स्टेशन पर रातभर इंतजार की समस्या होगी खत्म
नैनपुर रेलवे स्टेशन इस रूट का एक महत्वपूर्ण जंक्शन है। लेकिन अभी तक यहां यात्रियों को सबसे ज्यादा परेशानी होती थी। उदाहरण के तौर पर जबलपुर से शाम करीब 6:55 बजे चलने वाली पैसेंजर ट्रेन रात लगभग 11 बजे नैनपुर पहुंचती है और वहीं समाप्त हो जाती है।
इसके बाद वही ट्रेन अगले दिन सुबह करीब 3:45 बजे मंडला फोर्ट के लिए रवाना होती है। इस वजह से मंडला जाने वाले यात्रियों को पूरी रात नैनपुर स्टेशन पर बितानी पड़ती है। कई बार यात्रियों को ठंड या बारिश में भी स्टेशन पर इंतजार करना पड़ता है। ट्रेनों के मर्जर के बाद यह समस्या खत्म हो जाएगी। ट्रेन सीधे जबलपुर से मंडला फोर्ट तक जाएगी और यात्रियों को नैनपुर स्टेशन पर लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
रेलवे बोर्ड की मंजूरी के बाद अगला कदम
रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अब पश्चिम मध्य रेलवे और दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे इस योजना को लागू करने की तैयारी में जुट गए हैं। रेलवे अधिकारियों के अनुसार नई समय-सारिणी तैयार की जा रही है ताकि ट्रेन संचालन को बेहतर बनाया जा सके।
संभावना है कि यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए ट्रेन के प्रस्थान समय में भी बदलाव किया जाए। नई टाइम टेबल लागू होने के बाद यह तय होगा कि ट्रेन किस समय जबलपुर से चलेगी और मंडला फोर्ट कब पहुंचेगी।
प्रस्तावित ट्रेन मर्जर योजना
रेलवे की योजना के अनुसार कुछ ट्रेनों को मिलाकर नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी।
जबलपुर–नैनपुर (51703) और नैनपुर–मंडला (51709) को मिलाकर जबलपुर–मंडला (51703) बनाया जाएगा।
मंडला–नैनपुर (51710) और नैनपुर–जबलपुर (51704) को मिलाकर मंडला–जबलपुर (51704) बनाया जाएगा।
जबलपुर–नैनपुर (51705) और नैनपुर–मंडला (51711) को मिलाकर जबलपुर–मंडला (51705) बनाया जाएगा।
मंडला–नैनपुर (51712) और नैनपुर–जबलपुर (51706) को मिलाकर मंडला–जबलपुर (51706) बनाया जाएगा।
जबलपुर से आने वाले यात्रियों को भी मिलेगा फायदा
जबलपुर मध्य प्रदेश का एक बड़ा रेलवे जंक्शन है। यहां से भोपाल, इंदौर, कटनी, सतना और कई अन्य शहरों के लिए ट्रेनें चलती हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद अन्य शहरों से जबलपुर पहुंचने वाले यात्रियों को भी मंडला जाने में आसानी होगी।
यदि कोई यात्री भोपाल, इंदौर या कटनी से जबलपुर पहुंचता है तो उसे मंडला जाने के लिए अलग ट्रेन का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। वह सीधे जबलपुर मंडला फोर्ट पैसेंजर ट्रेन से यात्रा कर सकेगा। इससे पूरे क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी।
मंडला जिले के यात्रियों को मिलेगा सबसे ज्यादा फायदा
इस नई व्यवस्था से मंडला जिले के लोगों को सबसे ज्यादा फायदा मिलेगा। मंडला से रोजाना बड़ी संख्या में लोग नौकरी, पढ़ाई और व्यापार के लिए जबलपुर आते-जाते हैं।सीधी ट्रेन सेवा शुरू होने से उनका सफर पहले से ज्यादा आसान और तेज हो जाएगा। शाम के समय जबलपुर से मंडला जाने वाले यात्रियों के लिए यह सुविधा खास तौर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रेलवे अधिकारियों का मानना है कि इस फैसले से क्षेत्र में रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी और यात्रियों की यात्रा अधिक आरामदायक बनेगी।
