Mahashivratri 2026: उज्जैन महाकाल मंदिर में 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान, कुबेरेश्वर धाम में 2 लाख भक्त पहुंचे, ओंकारेश्वर में भी भक्तों की लंबी कतार

By Ashish Meena
फ़रवरी 15, 2026

Mahashivratri 2026: 15 फरवरी यानी आज देशभर में महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जा रहा है। हिंदू पंचांग के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि का पर्व मनाया जाता है। मान्यता है कि इसी शुभ रात्रि में भगवान शिव और माता पार्वती का दिव्य विवाह हुआ था। साल भर में 12 शिवरात्रियां आती हैं, लेकिन महाशिवरात्रि को सबसे अधिक महत्वपूर्ण माना जाता है। आज देशभर के मंदिरों में भारी भीड़ उमड़ रही है।

उज्जैन में 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान

महाशिवरात्रि पर्व पर आज उज्जैन में सुबह 10.30 बजे तक डेढ़ लाख से ज्यादा श्रद्धालु भगान महाकाल के दर्शन कर चुके हैं। रविवार होने के कारण भीड़ तेजी से बढ़ रही है। होटल, लॉज और होम-स्टे पहले ही फुल बुक हो चुके हैं। 10 लाख श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान है। मध्य रात्रि 2:30 बजे मंदिर के पट खोले गए। प्रथम घंटाल बजाकर मंदिर में प्रवेश किया गया।

मंत्रोच्चार के साथ गर्भगृह में स्थापित सभी प्रतिमाओं का पूजन कर हरिओम का जल अर्पित हुआ। कपूर आरती के बाद पंडे-पुजारियों ने जलाभिषेक किया। फिर दूध, दही, घी, शक्कर और फलों के रस से बने पंचामृत से पूजन किया गया। परंपरा के अनुसार महाकाल को दिनभर जल अर्पित किया जाएगा। चार पहर की पूजा के चलते मंदिर रात भर खुला रहेगा। 16 फरवरी की रात शयन आरती के बाद करीब 10:45 बजे मंदिर के पट बंद होंगे। यानी करीब 44 घंटे लगातार महाकाल के दर्शन होंगे।

ओंकारेश्वर में उमड़ पड़ा आस्था का सैलाब

ओंकारेश्वर में महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। धार्मिक नगरी में देर रात से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 12 ज्योतिर्लिंगों में से चतुर्थ ज्योतिर्लिंग भगवान ओंकारेश्वर के दरबार में भक्त विशेष उत्साह के साथ उपस्थित हो रहे हैं और बाबा की बारात में शामिल होने की भावना के साथ दर्शन की प्रतीक्षा कर रहे हैं।

मंदिर में सुबह 3 बजे से ही दर्शन और पूजन का सिलसिला प्रारंभ हो गया। श्रद्धालु तड़के से ही कतारों में लगकर अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। कई भक्त मां नर्मदा में स्नान कर हाथों में पूजन सामग्री और जल लेकर लंबी कतारों में खड़े दिखाई दिए। उनका उद्देश्य भगवान को जल अर्पित कर आशीर्वाद प्राप्त करना रहा।

कुबरेश्वर धाम में 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

सीहोर के कुबरेश्वर धाम में ग्रीन महाशिवरात्रि मनाने 2 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे चुके हैं। महाराष्ट्र, गुजरात, राजस्थान, बिहार समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से लोग आए हैं। ‘ग्रीन शिवरात्रि’ महोत्सव का मुख्य आकर्षण ‘द्वादश ज्योतिर्लिंग गार्डन’ है। कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा गार्डन में 12 विशेष पौधे रोपेंगे, जो भारत के 12 ज्योतिर्लिंगों का प्रतिनिधित्व करेंगे। उन्होंने कहा कि पर्यावरण-हितैषी आयोजन आध्यात्मिकता को प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का प्रयास किया है।

इन पौधों को धाम से उनकी वास्तविक भौगोलिक दूरी के आधार पर ‘स्केल डिस्टेंस’ पद्धति से रोपित किया जाएगा। इनमें श्री महाकालेश्वर (127 किमी), श्री ओंकारेश्वर (135 किमी), श्री केदारनाथ (864 किमी) और श्री रामेश्वरम (1557 किमी) जैसे प्रमुख ज्योतिर्लिंगों की दूरियों को दर्शाया जाएगा।

7 दिवसीय महोत्सव की शुरुआत शनिवार से शुरू हुई जो 20 फरवरी तक चलेगा। आयोजन स्थल पर व्यवस्था संभालने के लिए 1200 से अधिक सेवादार तैनात किए गए हैं। महोत्सव में प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक श्री शिवमहापुराण कथा का वाचन हो रहा है। वहीं, शाम 6:30 बजे संध्या महाआरती का आयोजन किया जा रहा है।

मिश्रा बोले- यहां वही आता, जिससे बाबा प्रेम करते हैं

पंडित मिश्रा ने बताया कि यह धाम 12 ज्योतिर्लिंगों के मध्य में स्थित है और यहां वही आता है जिससे बाबा स्वयं प्रेम करते हैं। सामाजिक कुरीतियों पर प्रहार करते हुए कहा, बेटी आपके पुण्यों की रसीद है। उन्होंने कहा- अब केवल ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ ही नहीं बल्कि ‘बहू पढ़ाओ, देश बचाओ’ के संकल्प की आवश्यकता है। जिस घर में बेटी और बहू का सम्मान होता है, वहां दरिद्रता कभी नहीं आती।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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