MP के किसानों को बड़ी सौगात, अब खाद की होगी ऑनलाइन बुकिंग, घर बैठे मिलेगी यूरिया-DAP, सवा करोड़ किसानों का डेटा दर्ज, अगले महीने से होम डिलेवरी की तैयारी

By Ashish Meena
जनवरी 21, 2026

खाद की होगी ऑनलाइन बुकिंग: मध्य प्रदेश में बुआई के सीजन के दौरान खाद की दुकानों पर लगने वाली किसानों की लंबी कतारें अब ख़त्म होने की कगार पर है। किसानों की परेशानी को देखते हुए मोहन यादव सरकार ने खाद की ऑनलाइन बुकिंग (Online Fertilizer Booking) और होम डिलीवरी (Home Delivery) की क्रांतिकारी सुविधा शुरू करने का फैसला किया है।

अब किसान घर बैठे अपने मोबाइल से तय कर सकेंगे कि उन्हें कितनी खाद चाहिए और वे इसे कहां से उठाना चाहते हैं।

1.25 करोड़ किसानों का डेटा ‘एग्रीस्टेक पोर्टल’ पर दर्ज

कृषि विभाग ने प्रदेश के करीब सवा करोड़ किसानों की पूरी कुंडली एग्रीस्टेक (AgriStack) पोर्टल पर अपलोड कर दी है। इसमें किसान के आधार नंबर से लिंक उसकी भूमि का रकबा, बोई जाने वाली फसल और खाद की अनुमानित खपत की पूरी जानकारी मौजूद है।

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खाद की ऑनलाइन बुकिंग कैसे करें?

ई-विकास पोर्टल के प्रोजेक्ट मैनेजर कुलदीप सिंह के अनुसार, बुकिंग की प्रक्रिया बेहद सरल है।

लॉगिन: किसान को एग्रीस्टेक पोर्टल या ऐप पर अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा।
रकबा चयन: आधार दर्ज करते ही किसान की जमीन का पूरा ब्योरा मोबाइल स्क्रीन पर आ जाएगा।
फसल और डोज: फसल का चुनाव करते ही ICAR की गाइडलाइन के अनुसार खाद की जरूरी मात्रा (डोज) का विकल्प दिखेगा।
विकल्प: किसान अपनी सुविधा अनुसार सहकारी समिति (Societies) या प्राइवेट रिटेलर का चयन कर सकेंगे।
ई-टोकन (QR Code): बुकिंग कन्फर्म होते ही एक ई-टोकन जनरेट होगा। किसान इस टोकन को दिखाकर अपनी पसंद की दुकान से खाद ले सकेंगे।

खाद की ‘होम डिलीवरी’- विदिशा में ट्रायल सफल

अब किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर शहर आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। सरकार खाद की खेत या घर तक डिलीवरी पर काम कर रही है। विदिशा जिले में इसका पायलेट प्रोजेक्ट सफल रहा है। अधिकारियों के मुताबिक, वित्तीय नियमों (Payment Gateway) पर काम चल रहा है और अगले महीने से पूरे प्रदेश में होम डिलीवरी शुरू हो सकती है।

कालाबाजारी पर लगाम- ऐप पर दिखेंगे रेट

अक्सर शिकायतें आती हैं कि प्राइवेट दुकानदार खाद के अधिक दाम वसूलते हैं। अब पोर्टल और ऐप पर शासन द्वारा निर्धारित फिक्स्ड रेट दिखाई देंगे। कोई भी रिटेलर तय कीमत से ज्यादा पैसे नहीं ले सकेगा। यदि कोई किसान निर्धारित कोटे से ज्यादा खाद चाहता है, तो वह ‘एक्सेस फर्टिलाइजर’ की डिमांड डालकर अतिरिक्त टोकन प्राप्त कर सकता है।

पायलेट प्रोजेक्ट के आंकड़े

इस सुविधा का परीक्षण तीन जिलों में किया जा चुका है।
लाभार्थी किसान: 4,12,572
वितरित खाद: 1.52 लाख मीट्रिक टन

मध्य प्रदेश सरकार का यह डिजिटल कदम न केवल खाद की कालाबाजारी को रोकेगा, बल्कि किसानों के समय और मेहनत की भी बचत करेगा। एग्रीस्टेक पोर्टल के माध्यम से खेती को हाई-टेक बनाने की दिशा में यह एक मील का पत्थर साबित होगा।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।