मध्यप्रदेश सरकार का बड़ा ऐतिहासिक फैसला: ये 5 योजनाएं 2031 तक रहेंगी जारी, जानिए किसको मिलेगा फायदा
By Ashish Meena
फ़रवरी 24, 2026
मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में मंगलवार, 24 फरवरी 2026 को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई मंत्रिपरिषद की बैठक ने प्रदेश के किसानों के लिए एक नई उम्मीद जगाई। इस बैठक में किसानों और कृषि क्षेत्र के विकास के लिए 5 अहम योजनाओं को अगले पांच साल यानी 31 मार्च 2031 तक जारी रखने का ऐतिहासिक निर्णय लिया गया।
किसानों की आमदनी बढ़ाने, उत्पादन में सुधार लाने और प्रदेश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए यह कदम बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इसके अलावा सरकार ने उड़द और सरसों की फसल के लिए विशेष बोनस और भावांतर योजना लागू करने की भी घोषणा की, जिससे किसानों को बाजार की अनिश्चितताओं से सुरक्षा मिलेगी।
मध्यप्रदेश सरकार की किसानों के लिए नई पहल
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने विधानसभा में कहा कि प्रदेश में किसानों की समस्याओं और कृषि उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए यह कदम बेहद जरूरी था। उन्होंने बताया कि इस साल सरसों का उत्पादन 28 प्रतिशत तक बढ़ गया है और 3.38 मीट्रिक टन उत्पादन होने की संभावना है।
उड़द और सरसों के लिए विशेष लाभ
उड़द की खरीद MSP (Minimum Support Price) पर होगी।
MSP के अतिरिक्त खरीदी गई उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस।
सरसों को भावांतर योजना के दायरे में लाया जाएगा। यदि बाजार भाव MSP से कम रहेगा, तो अंतर राशि सरकार भरेगी।
पांच किसान हितैषी योजनाएं
1. प्रधानमंत्री राष्ट्रीय किसान कृषि विकास योजना
यह योजना किसानों को आधुनिक कृषि संसाधनों और तकनीकों से जोड़कर उनकी खेती को प्रभावी बनाने में मदद करती है। इससे उनकी पैदावार बढ़ती है, आय में सुधार होता है और ग्रामीण अर्थव्यवस्था भी मजबूत बनती है।
2. प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना
इस योजना के तहत किसानों को स्प्रिंकलर और ड्रिप इरीगेशन सिस्टम के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है। इससे खेतों में पानी की बचत होती है और माइक्रो इरीगेशन सुविधाओं का विस्तार करके कृषि उत्पादन में सुधार होता है।
3. राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन योजना
इस योजना के जरिए धान, गेहूं, दलहन और नगदी फसल उगाने वाले किसानों को कृषि क्षेत्र का विस्तार करने और मिट्टी की उर्वरता बढ़ाने के लिए लगातार सहयोग मिलता है। इससे खाद्य सुरक्षा और पोषण स्तर में भी सुधार होता है।
4. नेशनल मिशन ऑन नेचुरल फार्मिंग
यह योजना प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देती है। रसायन मुक्त खाद्य उत्पादन, मिट्टी की उर्वरता में सुधार और पर्यावरण सुरक्षा के साथ किसानों को स्थायी खेती का लाभ मिलता है और स्वास्थ्य के लिए भी बेहतर परिणाम मिलता है।
5. राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन: ऑयल सीड योजना
इस योजना के तहत तिलहन फसल उगाने वाले किसानों को वित्तीय और तकनीकी सहायता दी जाती है। इससे उनकी फसल उत्पादन क्षमता बढ़ती है, आय में सुधार होता है और तेल बीजों का स्थायी आपूर्ति सुनिश्चित होता है।
भावांतर योजना और MSP के तहत किसानों को लाभ
सरकार ने MSP के अतिरिक्त उड़द पर 600 रुपये प्रति क्विंटल बोनस देने का निर्णय किया है। इस वर्ष सरसों को भावांतर योजना में शामिल किया गया है। इसका मतलब है कि यदि बाजार मूल्य MSP से कम रहेगा, तो सरकार अंतर राशि का भुगतान करेगी।
इस कदम से किसान न केवल अपनी फसल का सही मूल्य प्राप्त करेंगे, बल्कि जोखिम और बाजार अनिश्चितताओं से भी सुरक्षित रहेंगे। मध्यप्रदेश सरकार का यह निर्णय देश में पहले ऐसे प्रयासों में शामिल है जो दलहन और तिलहन फसलों के लिए विशेष लाभ प्रदान करता है।
केंद्र को भेजा गया प्राइस सपोर्ट प्रस्ताव
मुख्यमंत्री ने बताया कि चना, मसूर और तुअर के लिए प्राइस सपोर्ट योजना का प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है। इससे किसानों को सोयाबीन की तरह भावांतर योजना के लाभ प्राप्त होंगे।
इससे न केवल दलहन उत्पादन में वृद्धि होगी, बल्कि किसानों की आमदनी में भी सुधार आएगा। सरकार ने यह भी कहा कि किसानों के हित में किए गए ये सभी निर्णय लंबी अवधि के विकास को ध्यान में रखकर लिए गए हैं।
