MP के 2.10 लाख शिक्षकों पर बड़ा संकट! ये परीक्षा पास नहीं की तो खतरे में पड़ सकती है नौकरी
By Ashish Meena
मार्च 8, 2026
मध्य प्रदेश में शिक्षकों से जुड़ी एक बड़ी खबर सामने आई है, जिसने शिक्षा विभाग और हजारों शिक्षकों के बीच हलचल पैदा कर दी है। प्रदेश के करीब 2.10 लाख प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षकों को अब अपनी पात्रता साबित करनी होगी। इसके लिए उन्हें शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा।
यदि ये शिक्षक तय समय में परीक्षा पास नहीं कर पाए तो उनकी नौकरी पर संकट आ सकता है। स्कूल शिक्षा विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि पात्रता परीक्षा में असफल रहने वाले शिक्षकों को अनिवार्य सेवानिवृत्ति दी जा सकती है। इस फैसले के बाद शिक्षकों के बीच चिंता का माहौल बन गया है।
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शिक्षकों को देनी होगी शिक्षक पात्रता परीक्षा
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग ने सभी जिलों और संभागों को निर्देश जारी किए हैं कि जिन शिक्षकों ने अब तक शिक्षक पात्रता परीक्षा पास नहीं की है, उन्हें इस परीक्षा में शामिल होना अनिवार्य होगा।
प्रदेश में करीब 2.10 लाख ऐसे शिक्षक हैं जिन्हें अब पात्रता साबित करनी होगी। इन शिक्षकों को जुलाई-अगस्त में होने वाली परीक्षा में शामिल होने का अंतिम अवसर दिया जाएगा। यदि कोई शिक्षक इस परीक्षा में सफल नहीं होता है तो उसके खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई की जा सकती है।
सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू हुआ नियम
शिक्षक पात्रता परीक्षा को लेकर यह फैसला सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद लागू किया गया है। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट कहा है कि स्कूलों में पढ़ाने वाले शिक्षकों के लिए पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी है। मध्य प्रदेश में शिक्षक पात्रता परीक्षा की शुरुआत वर्ष 2013 से हुई थी। इसके बाद भर्ती होने वाले शिक्षकों के लिए यह परीक्षा अनिवार्य कर दी गई थी। लेकिन इससे पहले भर्ती हुए कई शिक्षकों ने यह परीक्षा नहीं दी थी। अब उन्हीं शिक्षकों को पात्रता साबित करने के लिए परीक्षा पास करनी होगी।
इन वर्षों में भर्ती हुए शिक्षक होंगे प्रभावित
सरकार के अनुसार 1998, 2001, 2003, 2006, 2009 और 2010 में बड़ी संख्या में शिक्षकों की भर्ती की गई थी। उस समय शिक्षक पात्रता परीक्षा का नियम लागू नहीं था। इस वजह से इन वर्षों में भर्ती हुए कई शिक्षक अब तक पात्रता परीक्षा से बाहर रहे हैं। अब नए नियम के तहत इन सभी शिक्षकों को शिक्षक पात्रता परीक्षा में शामिल होना पड़ेगा।
दो साल में पास करनी होगी परीक्षा
स्कूल शिक्षा विभाग ने अपने आदेश में कहा है कि ऐसे सभी शिक्षकों को दो वर्षों के भीतर शिक्षक पात्रता परीक्षा पास करना अनिवार्य होगा। यदि कोई शिक्षक दो साल के भीतर परीक्षा पास नहीं करता है और उसकी सेवा अवधि में पांच साल से अधिक समय बाकी है, तो उसे स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति लेने का विकल्प दिया जा सकता है। यदि वह ऐसा नहीं करता है तो विभाग उसे अनिवार्य सेवानिवृत्ति भी दे सकता है।
शिक्षक संगठनों ने जताया विरोध
सरकार के इस फैसले के बाद शिक्षक संगठनों ने भी अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि लंबे समय से सेवा दे रहे शिक्षकों को अचानक इस तरह परीक्षा के लिए मजबूर करना उचित नहीं है। कई शिक्षक संगठन इस फैसले को वापस लेने की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जिन शिक्षकों ने वर्षों तक स्कूलों में पढ़ाया है, उनकी योग्यता पर इस तरह सवाल उठाना सही नहीं है।
प्रदेश में कितने शिक्षक कार्यरत हैं
मध्य प्रदेश में कुल मिलाकर करीब साढ़े चार लाख शिक्षक विभिन्न स्कूलों में कार्यरत हैं। इनमें से लगभग 2.10 लाख शिक्षक ऐसे हैं जिन्हें पात्रता परीक्षा पास करनी होगी। यदि ये शिक्षक परीक्षा पास नहीं करते हैं तो उनकी नौकरी पर असर पड़ सकता है। यही कारण है कि शिक्षा विभाग के इस आदेश के बाद प्रदेशभर में चर्चा शुरू हो गई है।
शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है असर
विशेषज्ञों का मानना है कि इस फैसले का असर राज्य की शिक्षा व्यवस्था पर भी पड़ सकता है। यदि बड़ी संख्या में शिक्षक परीक्षा में असफल होते हैं या सेवानिवृत्ति लेते हैं, तो स्कूलों में शिक्षकों की कमी हो सकती है। हालांकि सरकार का कहना है कि इस फैसले का उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है।
