MP में मौसम का यू-टर्न: 34 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का खतरा, अलर्ट जारी

By Ashish Meena
मार्च 20, 2026

मध्य प्रदेश में मौसम ने अचानक करवट ले ली है और इसका असर अब पूरे प्रदेश में साफ दिखाई दे रहा है। जहां कुछ दिन पहले तक तेज गर्मी लोगों को परेशान कर रही थी, वहीं अब बारिश, आंधी और ओलावृष्टि ने हालात बदल दिए हैं। कई जिलों में सुबह से ही बादल छाए हुए हैं और कहीं-कहीं तेज बारिश का दौर भी शुरू हो चुका है।

मौसम विभाग ने प्रदेश के 34 जिलों में अलर्ट जारी किया है, जिससे लोगों के साथ-साथ किसानों की चिंता भी बढ़ गई है। खासकर उन इलाकों में जहां फसल कटाई के लिए तैयार है, वहां बारिश और ओलावृष्टि बड़ा नुकसान पहुंचा सकती है। ग्वालियर से जबलपुर तक मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल चुका है और आने वाले दो दिन और भी भारी पड़ सकते हैं।

MP के 34 जिलों में बारिश और ओलावृष्टि का अलर्ट

मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश के 34 जिलों में बारिश, तेज हवाएं और ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। खासतौर पर जबलपुर, ग्वालियर, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, सिवनी और निवाड़ी जैसे जिलों में ओले गिरने की आशंका ज्यादा है।

भोपाल और इंदौर जैसे बड़े शहरों में भी बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इससे तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है और मौसम सुहावना हो सकता है, लेकिन किसानों के लिए यह राहत नहीं बल्कि चिंता का विषय है। मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है, क्योंकि कई जगहों पर अचानक तेज हवा और बारिश का दौर शुरू हो सकता है।

आंधी-तूफान और तेज हवाओं का भी खतरा

सिर्फ बारिश ही नहीं, बल्कि इस बार आंधी-तूफान का खतरा भी बना हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार हवा की रफ्तार 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है।

तेज हवाओं के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं। ऐसे में खुले स्थानों पर रहने वाले लोगों और किसानों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। गुरुवार रात से ही कई जिलों में बारिश का सिलसिला जारी है, जिससे यह साफ है कि मौसम का यह बदलाव अचानक नहीं बल्कि एक सक्रिय सिस्टम का असर है।

साइक्लोनिक सिस्टम और वेस्टर्न डिस्टरबेंस का असर

मौसम विभाग के अनुसार उत्तर भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ (वेस्टर्न डिस्टरबेंस) और मध्य प्रदेश के ऊपर बने साइक्लोनिक सर्कुलेशन के कारण यह स्थिति बनी है। इसके साथ ही ट्रफ लाइन भी प्रदेश के बीचोंबीच सक्रिय है, जिसके कारण गरज-चमक के साथ बारिश और ओलावृष्टि हो रही है।

यही वजह है कि प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग तरह का मौसम देखने को मिल रहा है। कहीं तेज बारिश हो रही है तो कहीं ओले गिर रहे हैं और कहीं तेज हवाएं चल रही हैं।

किसानों के लिए बढ़ी चिंता

बारिश और ओलावृष्टि का सबसे ज्यादा असर किसानों पर पड़ रहा है। इस समय कई फसलें कटाई के लिए तैयार हैं, ऐसे में बारिश और ओले गिरने से फसलें खराब हो सकती हैं।

पिछले कुछ दिनों में भी कई जिलों में ओलावृष्टि की घटनाएं सामने आई हैं, जिससे किसानों को पहले ही नुकसान झेलना पड़ा है। अब एक बार फिर मौसम के बिगड़ने से किसानों की चिंता और बढ़ गई है। यदि अगले दो दिनों में मौसम साफ नहीं हुआ, तो नुकसान और ज्यादा हो सकता है।

मौसम कब होगा साफ

मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 से 48 घंटे तक मौसम ऐसा ही बना रह सकता है। 20 मार्च के आसपास बारिश और आंधी का असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है।

इसके बाद धीरे-धीरे मौसम साफ होने की संभावना है, लेकिन फिलहाल लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। मार्च के आखिरी सप्ताह में फिर से गर्मी बढ़ने के संकेत भी मिल रहे हैं। यानी फिलहाल कुछ दिन मौसम में उतार-चढ़ाव बना रहेगा।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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