MP में गेहूं खरीदी की तैयारी तेज: CM मोहन यादव ने बनाई मंत्रियों की समिति
By Ashish Meena
मार्च 11, 2026
मध्य प्रदेश में रबी सीजन की सबसे महत्वपूर्ण प्रक्रिया यानी गेहूं खरीदी की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। राज्य सरकार ने किसानों से समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के लिए सभी जरूरी इंतजाम शुरू कर दिए हैं। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गेहूं खरीदी की व्यवस्था की समीक्षा की और इसे सुचारू रूप से संचालित करने के लिए मंत्रियों की एक समिति गठित कर दी है।
माना जा रहा है कि इस वर्ष मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी की प्रक्रिया 16 से 20 मार्च के बीच शुरू हो सकती है। सरकार ने पहले ही किसानों के पंजीयन की प्रक्रिया पूरी कर ली है और इस बार पंजीयन की तारीख को आगे नहीं बढ़ाया गया है। ऐसे में खरीदी केंद्रों पर जल्द ही किसानों की आवाजाही शुरू होने की संभावना है।
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MP में गेहूं खरीदी की निगरानी के लिए बनाई गई समिति
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने गेहूं खरीदी व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसी भी तरह की गड़बड़ी से बचने के लिए मंत्रियों की एक समिति का गठन किया है। इस समिति में राज्य सरकार के कई महत्वपूर्ण मंत्री शामिल किए गए हैं।
समिति में राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा, खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत, कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना, उदय प्रताप सिंह और लखन पटेल को शामिल किया गया है। इन मंत्रियों की जिम्मेदारी होगी कि वे समर्थन मूल्य पर होने वाली गेहूं खरीदी की पूरी प्रक्रिया पर नजर रखें।
यह समिति न केवल गेहूं खरीदी की व्यवस्था की निगरानी करेगी बल्कि रबी विपणन वर्ष 2026-27 में होने वाली अन्य फसलों की खरीदी पर भी ध्यान देगी। इसमें चना, मसूर और सरसों जैसी फसलें भी शामिल हैं।
कब शुरू हो सकती है गेहूं खरीदी
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन पहले ही पूरा हो चुका है। सरकार ने पंजीयन की अंतिम तारीख बढ़ाने का फैसला नहीं किया है। इसी वजह से अब अनुमान लगाया जा रहा है कि राज्य में 16 मार्च से लेकर 20 मार्च के बीच गेहूं खरीदी की शुरुआत हो सकती है। खरीदी शुरू होने के साथ ही किसान अपनी फसल लेकर सरकारी खरीदी केंद्रों पर पहुंचना शुरू कर देंगे। राज्य सरकार ने पहले ही सभी जिलों के कलेक्टरों को गेहूं खरीदी की तैयारियों को लेकर जरूरी निर्देश जारी कर दिए हैं ताकि खरीदी प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके।
गेहूं पर मिलेगा बोनस
इस वर्ष मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों को गेहूं खरीदी पर बोनस देने का फैसला भी किया है। राज्य सरकार ने समर्थन मूल्य पर गेहूं खरीदने के साथ प्रति क्विंटल 40 रुपए का अतिरिक्त बोनस देने की घोषणा की है।
इस फैसले के बाद किसानों को इस बार गेहूं की कीमत 2,625 रुपए प्रति क्विंटल के हिसाब से मिल सकती है। इससे किसानों की आय बढ़ने की उम्मीद है और उन्हें अपनी उपज का बेहतर मूल्य मिल सकेगा। सरकार का मानना है कि बोनस देने से किसानों को राहत मिलेगी और वे अधिक मात्रा में गेहूं सरकारी खरीदी केंद्रों पर बेचने के लिए प्रोत्साहित होंगे।
प्रदेश में बनाए गए खरीदी केंद्र
मध्य प्रदेश में इस वर्ष गेहूं खरीदी के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। राज्य के सभी 55 जिलों में खरीदी केंद्र स्थापित किए गए हैं।
सरकार की ओर से कुल 3186 खरीदी केंद्र बनाए गए हैं जहां किसान अपनी फसल बेच सकेंगे। अलग-अलग जिलों की जरूरत के अनुसार इन केंद्रों का निर्धारण किया गया है।
इन खरीदी केंद्रों पर किसानों को अपनी उपज बेचने में किसी प्रकार की परेशानी न हो इसके लिए व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। प्रशासनिक अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि किसानों को खरीदी प्रक्रिया में किसी तरह की दिक्कत नहीं आनी चाहिए।
किसानों के लिए शुरू किया गया पोर्टल
मध्य प्रदेश सरकार ने किसानों की सुविधा के लिए गेहूं खरीदी से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की है। इसके लिए e-Uparjan Portal शुरू किया गया है।
किसान इस पोर्टल के माध्यम से अपनी पंजीयन जानकारी, खरीदी केंद्र और भुगतान से जुड़ी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इससे किसानों को बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। सरकार का उद्देश्य है कि तकनीक के माध्यम से खरीदी प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और आसान बनाया जाए।
रबी फसलों की खरीदी पर भी नजर
मंत्रियों की समिति केवल गेहूं खरीदी तक सीमित नहीं रहेगी। यह समिति रबी विपणन वर्ष 2026-27 के दौरान समर्थन मूल्य पर खरीदी जाने वाली अन्य फसलों की निगरानी भी करेगी।
इन फसलों में चना, मसूर और सरसों प्रमुख हैं। सरकार चाहती है कि किसानों को उनकी सभी फसलों का उचित मूल्य मिले और खरीदी प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी रहे।इसी उद्देश्य से समिति को 30 जून 2026 तक प्रभावी रखा गया है ताकि पूरे खरीदी सीजन की निगरानी की जा सके।
