नेशनल रिकॉर्ड तोड़ने वाले देवास जिले के देव मीणा के साथ पनवेल रेलवे स्टेशन पर बदसलूकी! पोल ले जाने पर देना पड़ा जुर्माना, मूलभूत सुविधाओं से भी तरस रहे इंटरनेशनल खिलाडी
By Ashish Meena
जनवरी 20, 2026
देव मीणा के साथ पनवेल रेलवे स्टेशन पर बदसलूकी: एक तरफ भारत दुनिया के खेल मानचित्र पर अपनी धाक जमाने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर देश का गौरव बढ़ाने वाले खिलाड़ियों को बुनियादी सम्मान के लिए भी संघर्ष करना पड़ रहा है। देश के लिए मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को सिस्टम की संवेदनहीनता का शिकार होना पड़ रहा है।
ताजा मामला देवास जिले की खातेगांव तहसील के होनहार इंटरनेशनल एथलीट देव मीणा (Dev Meena) से जुड़ा है, जिन्हें महाराष्ट्र के पनवेल रेलवे स्टेशन पर अपमानजनक स्थिति का सामना करना पड़ा। रेलवे कर्मचारियों द्वारा उनके साथ किए गए व्यवहार ने खेल जगत को शर्मसार कर दिया है।
क्या है पूरा मामला? अपमान की पटरी पर दौड़ता सिस्टम
भारत के उभरते हुए सितारे और नेशनल रिकॉर्ड होल्डर देव मीणा और उनके साथी खिलाड़ी कुलदीप यादव हाल ही में कर्नाटक के मंगलुरु में आयोजित हुई ‘ऑल इंडिया इंटर-यूनिवर्सिटी चैंपियनशिप’ में हिस्सा लेने के बाद अपने घर लौट रहे थे। उनके पास पोल वॉल्ट के लंबे पोल (बांस) थे, जो इस खेल के लिए सबसे अनिवार्य उपकरण हैं।
ट्रेन से बेइज्जत कर उतारा गया
सफर के दौरान पनवेल रेलवे स्टेशन पर एक टीटीई ने इन पोल्स को अनधिकृत सामान बताते हुए आपत्ति जताई। खिलाड़ियों के पास वैध टिकट और पहचान पत्र होने के बावजूद उन्हें बीच रास्ते में ही पनवेल स्टेशन पर उतरने के लिए मजबूर कर दिया गया। सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि ये दोनों होनहार खिलाड़ी अपने लंबे पोल्स के साथ प्लेटफॉर्म पर लाचार खड़े हैं।
करीब 5 से 7 घंटों तक वे रेलवे अधिकारियों को समझाते रहे कि ये कोई साधारण लकड़ी नहीं बल्कि उनके करियर का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। लेकिन फिर भी देव मीणा को जुर्माना (Fine) देना पड़ा।

देव मीणा ने राष्ट्रीय एकता न्यूज़ (Rashtiyaekta.com) से विशेष बातचीत में अपना दर्द साझा करते हुए कहा- “एक एथलीट को हर बार इन समस्याओं से गुजरना पड़ता है। हम खेल उपकरण ले जाने के लिए शुल्क देने को तैयार हैं, लेकिन बदतमीजी सहन करना मुश्किल होता है। यह व्यवहार मनोबल तोड़ देता है। देव ने भारतीय रेलवे और खेल मंत्रालय से अनुरोध किया है कि खेल उपकरणों को ले जाने के लिए जल्द ही कोई समाधान निकाले।
सोशल मीडिया और खेल गलियारों में इस घटना को लेकर भारी नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जब खिलाड़ी विदेश से मेडल लेकर आता है, तो सब फोटो खिंचवाने आ जाते हैं, लेकिन जब वही खिलाड़ी अपने भारी-भरकम खेल उपकरणों के साथ यात्रा करता है, तो उसे सुविधाएं देने के बजाय प्रताड़ित किया जाता है।

फ्लाइट्स और ट्रेनों में अक्सर पोल वॉल्ट के पोल (जो कि काफी लंबे होते हैं) को ले जाने में खिलाड़ियों को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है, लेकिन पनवेल की यह घटना ‘बदतमीजी’ के कारण चर्चा में है। यह घटना केवल देव मीणा का अपमान नहीं है, बल्कि देश के उन हजारों युवाओं के मनोबल पर चोट है जो विपरीत परिस्थितियों में देश का झंडा ऊंचा करने का सपना देखते हैं।
देखें वीडियो- https://www.instagram.com/reel/DTtHe_cCHPh/?igsh=YXptOGtsanpiNnVz
रेलवे और खेल मंत्रालय से उठती मांग
पोल वॉल्ट के पोल काफी लंबे होते हैं, जिन्हें फ्लाइट या ट्रेन में ले जाने के लिए विशेष अनुमति और संवेदनशीलता की जरूरत होती है। इस घटना के बाद खेल गलियारों में मांग उठ रही है कि रेल मंत्रालय और खेल मंत्रालय मिलकर एथलीट्स के लिए एक ‘स्मूथ ट्रैवल पॉलिसी’ बनाएं ताकि भविष्य में किसी अन्य देव मीणा को अपमानित न होना पड़े।

देव मीणा की उपलब्धियां जो गर्व महसूस कराती हैं
देव मीणा केवल एक साधारण खिलाड़ी नहीं हैं, बल्कि भारतीय एथलेटिक्स का एक उभरता हुआ सितारा हैं। उनकी कुछ प्रमुख उपलब्धियां इस प्रकार हैं।
देव मीणा के नाम है नेशनल रिकॉर्ड
देव मीणा ने 2025 के राष्ट्रीय खेलों (National Games) में 5.32 मीटर की ऐतिहासिक छलांग लगाकर नया राष्ट्रीय रिकॉर्ड अपने नाम किया था। इसके लिए उन्हें गोल्ड मेडल मिला था। इससे पहले यह रिकॉर्ड शिवा सुब्रमण्यम के नाम था, जिन्होंने 2022 में 5.31 मीटर की छलांग लगाई थी।
मध्यप्रदेश के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय पदक जीता
दुबई में 21वीं एशियाई जूनियर एथलेटिक्स चैम्पियनशिप (अंडर-20) में कांस्य पदक जीता। यह पोल वॉल्ट में मध्यप्रदेश के लिए पहला अंतरराष्ट्रीय पदक था। मप्र सरकार ने देव को ट्रेनिंग देने के लिए क्यूबा के कोच एंजेल एडुआर्डो गार्सिया एस्टेबान को भोपाल बुलाया था।
देवास का गौरव
मध्य प्रदेश के देवास जिले के एक छोटे से गांव सिल्फोड़खेड़ा से निकलकर देव मीणा ने अंतरराष्ट्रीय स्तर तक का सफर तय किया है। देव ने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार अच्छा प्रदर्शन किया। भुवनेश्वर में 27वीं सीनियर नेशनल फेडरेशन चैम्पियनशिप में 5.10 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक जीता था।
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