Petrol में अब 20% एथेनॉल अनिवार्य: 1 अप्रैल से पूरे देश में लागू होगा नया नियम
By Ashish Meena
फ़रवरी 26, 2026
1 अप्रैल 2026 से पूरे भारत में पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E20) मिलाकर बेचना अनिवार्य होगा। सरकार का यह फैसला पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय की अधिसूचना के माध्यम से लागू किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यह कदम आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ किसानों की आमदनी बढ़ाने और कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी मदद करेगा।
नए आदेश के अनुसार तेल विपणन कंपनियां (OMCs) न्यूनतम 95 रिसर्च ऑक्टेन नंबर (RON) वाला पेट्रोल बेचेंगी। एथेनॉल का ऑक्टेन नंबर लगभग 108 होता है, जिससे इंजन की नॉक-प्रतिरोधक क्षमता बेहतर होती है और वाहन अधिक सुरक्षित तरीके से चलते हैं।
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एथेनॉल क्यों है इतना महत्वपूर्ण?
पर्यावरण लाभ: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल कार्बन उत्सर्जन कम करता है।
किसानों के लिए लाभ: किसानों को गन्ने और मक्का की अधिक मांग मिलती है, जिससे उनकी आमदनी बढ़ती है।
विदेशी मुद्रा बचत: 2014-15 से अब तक एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम के कारण देश ने 1.40 लाख करोड़ रुपये से अधिक की विदेशी मुद्रा बचाई है।भारत ने पहले 10% एथेनॉल ब्लेंडिंग का लक्ष्य समय से पहले हासिल किया था। अब सरकार ने इसे बढ़ाकर 20% करने का निर्णय लिया है, ताकि देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत हो।
वाहन चालकों पर क्या असर होगा?
पुराने वाहन: कुछ पुराने वाहनों में माइलेज 3-7% तक कम हो सकता है।
रबर और प्लास्टिक पार्ट्स: एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से कुछ पार्ट्स पर असर पड़ने की संभावना है।
धैर्यपूर्वक संक्रमण: सरकार और ऑटो उद्योग का कहना है कि बदलाव धीरे-धीरे लागू होगा, जिससे आम उपभोक्ताओं पर बड़ा बोझ नहीं पड़ेगा।
सरकार की तैयारी और नीति
फोकस क्षेत्रों में आपूर्ति: नई नीति को ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में लागू किया जाएगा।
लाभार्थी किसान: एथेनॉल ब्लेंडिंग के जरिए किसानों की फसल की कीमत में सुधार होगा।
ऊर्जा सुरक्षा: आयातित तेल पर निर्भरता कम होगी, और देश में ऊर्जा आत्मनिर्भरता बढ़ेगी।
वाहन चालकों को क्या तैयारियां करनी चाहिए?
- अपने वाहन की बैकअप सर्विस कराएं।
- पुराने वाहनों में माइलेज और पार्ट्स की निगरानी करें।
- पेट्रोल पंप पर नए E20 स्टैंडर्ड के बारे में जानकारी लें।
E20 पेट्रोल का व्यापक प्रभाव
पर्यावरण: उत्सर्जन घटाने और स्वच्छ ईंधन का उपयोग बढ़ाने में मदद करेगा।
किसानों की आय: गन्ना और मक्का की मांग बढ़ने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी।
विदेशी तेल पर निर्भरता कम: भारत की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
उद्योग: तेल कंपनियों और ऑटो सेक्टर को नई टेक्नोलॉजी के अनुसार ढलना होगा।
