MP में 10वीं की परीक्षा देने आई नाबालिग छात्रा ने बच्चे को दिया जन्म, टॉयलेट में जन्मा नवजात, दोस्त से बने थे शारीरिक संबंध

By Ashish Meena
फ़रवरी 25, 2026

मध्यप्रदेश के धार जिले के पीथमपुर से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने सभी को चौंका दिया है। 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने आई एक नाबालिग छात्रा अचानक पेट दर्द की शिकायत करने लगी और कुछ ही देर में परीक्षा केंद्र के टॉयलेट में उसने बच्चे को जन्म दे दिया। यह घटना उस समय हुई जब वह मैथ्स का पेपर दे रही थी। परीक्षा कक्ष में बैठे छात्रों और स्टाफ को जब इस बात का पता चला तो वहां अफरा-तफरी मच गई।

परीक्षा देने आई एक स्कूली छात्रा के साथ ऐसी घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है। सवाल सिर्फ इस बात का नहीं है कि परीक्षा के दौरान नवजात का जन्म हुआ, बल्कि यह भी है कि एक नाबालिग छात्रा इतने समय तक गर्भवती रही और किसी को इसकी जानकारी नहीं हुई। अब इस मामले में पुलिस ने दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी युवक की तलाश शुरू कर दी है।

पीथमपुर में बोर्ड परीक्षा के दौरान नाबालिग ने दिया जन्म

घटना पीथमपुर थाना क्षेत्र के सेक्टर-1 इलाके में बने एक प्राइवेट परीक्षा केंद्र की है। नाबालिग छात्रा 10वीं की बोर्ड परीक्षा देने पहुंची थी। बताया जा रहा है कि परीक्षा के बीच अचानक उसे पेट में तेज दर्द हुआ। पहले तो उसे सामान्य दर्द समझा गया, लेकिन जब दर्द बढ़ता गया तो वह टॉयलेट की ओर भागी।

कुछ ही देर में वहां से नवजात के रोने की आवाज सुनाई दी। जब स्टाफ मौके पर पहुंचा तो पता चला कि छात्रा ने बच्चे को जन्म दिया है। परीक्षा केंद्र में मौजूद छात्र और कर्मचारी हैरान रह गए। पूरे परिसर में अफरा-तफरी मच गई। तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी गई।

यह घटना इसलिए भी चौंकाने वाली है क्योंकि छात्रा सामान्य रूप से परीक्षा दे रही थी और किसी को अंदाजा नहीं था कि वह गर्भवती है। परीक्षा के दौरान जन्मे नवजात की खबर तेजी से पूरे क्षेत्र में फैल गई।

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108 एम्बुलेंस से अस्पताल पहुंची छात्रा और नवजात

परीक्षा केंद्र प्रबंधन ने बिना देर किए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग को सूचना दी। 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची और छात्रा तथा नवजात को पीथमपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया।

अस्पताल के डॉक्टरों ने प्राथमिक जांच के बाद बताया कि मां और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। फिलहाल उन्हें निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों के अनुसार नाबालिग मां का मामला बेहद संवेदनशील होता है, इसलिए विशेष देखभाल की जरूरत होती है।

इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग भी सतर्क हो गया है। डॉक्टरों ने कहा कि किशोरियों के स्वास्थ्य पर नियमित जांच और जागरूकता बेहद जरूरी है, ताकि ऐसी परिस्थितियों को समय रहते पहचाना जा सके।

दो साल से संपर्क में था युवक, पॉक्सो एक्ट में केस दर्ज

घटना की गंभीरता को देखते हुए पीथमपुर थाना पुलिस ने तुरंत जांच शुरू की। पूछताछ में सामने आया कि पिछले करीब दो वर्षों से एक युवक छात्रा के संपर्क में था। आरोपी की पहचान कान्हा नाम के युवक के रूप में हुई है, जो बेटमा थाना क्षेत्र की जीवन ज्योति कॉलोनी का निवासी बताया जा रहा है।

पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पॉक्सो एक्ट के तहत नाबालिग से शारीरिक संबंध बनाना गंभीर अपराध है, चाहे सहमति हो या न हो। पुलिस की टीमें आरोपी की तलाश में जुट गई हैं।

इस मामले ने पूरे इलाके में चर्चा छेड़ दी है। खासकर छात्राओं के अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। लोग सवाल उठा रहे हैं कि आखिर इतने समय तक यह बात छुपी कैसे रही।

नाबालिग मां और नवजात की देखभाल

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि छात्रा और नवजात दोनों की स्थिति फिलहाल स्थिर है। डॉक्टरों की टीम उनकी निगरानी कर रही है। नाबालिग मां के लिए काउंसलिंग और मनोवैज्ञानिक सहायता भी जरूरी होगी, क्योंकि यह उसके लिए बेहद संवेदनशील समय है।

बाल संरक्षण इकाई और महिला एवं बाल विकास विभाग को भी मामले की जानकारी दी गई है। ऐसे मामलों में बच्ची की पढ़ाई, भविष्य और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उचित कदम उठाना जरूरी होता है।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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