वृंदावन में राष्ट्रपति मुर्मू का खास दौरा, प्रेमानंद महाराज से मुलाकात ने खींचा सबका ध्यान

By Ashish Meena
मार्च 20, 2026

वृंदावन की शांत और भक्ति से भरी सुबह उस समय खास बन गई, जब राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू सादगी भरे अंदाज में प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचीं। आमतौर पर शांत रहने वाला यह इलाका अचानक सुरक्षा और श्रद्धा के माहौल से भर गया। हर तरफ एक अलग ही ऊर्जा महसूस की जा रही थी, जहां आस्था और प्रशासनिक व्यवस्था दोनों साथ-साथ नजर आए।

सुबह करीब 7:30 बजे जैसे ही राष्ट्रपति श्री हित राधा केली कुंज आश्रम पहुंचीं, लोगों की नजरें उनकी सादगी और सहजता पर टिक गईं। इस दौरान प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकात ने पूरे ब्रज क्षेत्र में चर्चा को और तेज कर दिया।

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प्रेमानंद महाराज से मुलाकात ने बढ़ाया आकर्षण

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के वृंदावन दौरे का सबसे अहम पल प्रेमानंद महाराज से उनकी मुलाकात रही। आश्रम में पहुंचकर उन्होंने पहले दर्शन किए और फिर संत से बातचीत की। इस दौरान प्रेमानंद महाराज ने उन्हें ब्रज की महिमा, सेवा भाव और भक्ति के महत्व के बारे में बताया। यह मुलाकात केवल औपचारिक नहीं थी, बल्कि इसमें आध्यात्मिक जुड़ाव साफ नजर आया।

राष्ट्रपति मुर्मू पूरे समय बेहद शांत और श्रद्धा में डूबी हुई दिखाई दीं। उनकी सादगी और व्यवहार ने वहां मौजूद लोगों को प्रभावित किया और यह मुलाकात चर्चा का विषय बन गई।

ब्रज दौरे में कई धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रम

राष्ट्रपति का यह दौरा सिर्फ एक स्थान तक सीमित नहीं है। जानकारी के अनुसार, वह अपने इस दौरे के दौरान कई धार्मिक और सामाजिक स्थलों पर जाएंगी। उनका कार्यक्रम नीम करोली बाबा के स्मारक तक जाने का भी है, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। इसके अलावा रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में नए ऑन्कोलॉजी ब्लॉक का उद्घाटन भी उनके कार्यक्रम का हिस्सा है।

वात्सल्य ग्राम का दौरा भी इस यात्रा में शामिल है, जो साध्वी ऋतंभरा द्वारा स्थापित संस्था है। यह संस्था बुजुर्गों और अनाथ बच्चों की देखभाल के लिए जानी जाती है, जिससे इस दौरे का सामाजिक महत्व भी सामने आता है।

सुरक्षा के कड़े इंतजाम, नो-फ्लाई जोन लागू

राष्ट्रपति के इस दौरे को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट रहा। मथुरा और वृंदावन क्षेत्र में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह के निर्देश पर पूरे जिले को नो-फ्लाई जोन घोषित किया गया। 19 मार्च सुबह 10 बजे से 21 मार्च शाम 5 बजे तक ड्रोन, पतंग और गुब्बारे उड़ाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाया गया है।इस कदम का उद्देश्य सुरक्षा सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित खतरे को रोकना है। पूरे क्षेत्र में पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी कर रही हैं।

इस दौरे का आम लोगों के लिए महत्व

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का यह दौरा केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के लिए भी एक संदेश देता है। यह दिखाता है कि देश के सर्वोच्च पद पर बैठे व्यक्ति भी अपनी आस्था और संस्कृति से जुड़े रहते हैं। साथ ही, यह दौरा समाज में सेवा और भक्ति के महत्व को भी उजागर करता है। ऐसे कार्यक्रम लोगों को अपनी परंपराओं और मूल्यों के प्रति जागरूक करते हैं और समाज में सकारात्मक ऊर्जा फैलाते हैं।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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