मध्यप्रदेश के 15 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, आज कई जिलों में ओले गिरे, मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट, किसान रहे सतर्क

By Ashish Meena
जनवरी 27, 2026

बारिश-आंधी का अलर्ट: मध्य प्रदेश के आगर-मालवा, गुना और शाजापुर में मंगलवार को ओले गिरे। वहीं, 15 से ज्यादा जिलों में तेज आंधी के साथ बारिश हुई। मौसम विभाग ने रात में भी करीब 18 जिलों में ओले, बारिश और आंधी का अलर्ट जारी किया है।

मौसम विभाग के अनुसार, हरियाणा और आसपास के क्षेत्रों में एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन (चक्रवात) सक्रिय है। यहीं से ट्रफ भी गुजर रही है। यही वजह है कि आगर-मालवा, शाजापुर और गुना में ओले गिरे हैं। वहीं, गुना, शाजापुर, बड़वानी, छतरपुर, मंदसौर, रतलाम, अशोकनगर, भिंड, मुरैना, राजगढ़, शिवपुरी, ग्वालियर, टीकमगढ़, आगर-मालवा और शाजापुर में बारिश भी हुई। यहां सड़कों पर पानी बह निकला। रतलाम, शाजापुर और आगर जिलों में तेज आंधी से फसलें खेतों में ही बिछ गई।

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भिंड, मुरैना-ग्वालियर में भी ओलावृष्टि का अलर्ट
मौसम विभाग ने मंगलवार रात में आगर-मालवा, भिंड, मुरैना, शिवपुरी, ग्वालियर, निवाड़ी, दतिया में आकाशीय बिजली चमकने के साथ मध्यम तूफान और ओलावृष्टि की आशंका जताई है। वहीं, राजगढ़, गुना, श्योपुर, टीकमगढ़, अशोक नगर, छतरपुर, उज्जैन, खरगोन, बड़वानी, धार और रतलाम में हल्की गरज के साथ बिजली गिर सकती है।

बुधवार को इन जिलों में अलर्ट
बुधवार को ग्वालियर, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, उमरिया, शहडोल, कटनी में बारिश और आंधी का अलर्ट है।

फरवरी में भी होगी बारिश
उत्तर-पश्चिम भारत में अगला नया सिस्टम 30 जनवरी को एक्टिव हो रहा है। दो से तीन दिन बाद सिस्टम एमपी में भी असर दिखाएगा। यानी, फरवरी की शुरुआत में भी प्रदेश में बारिश का दौर रह सकता है।

तापमान में गिरावट आएगी
बारिश-शीतलहर की वजह से प्रदेश में न्यूनतम और अधिकतम तापमान में गिरावट देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने 2 से 3 डिग्री की गिरावट होने का अनुमान जताया है। इस वजह से कई शहरों में रात का तापमान फिर 10 डिग्री से नीचे आ जाएगा।

राजगढ़, दतिया-शिवपुरी में सबसे ज्यादा ठंड
सोमवार को भोपाल, ग्वालियर-उज्जैन समेत 20 से ज्यादा जिलों में कोहरा रहा। रीवा में कोहरा इतना घना था कि 50 मीटर बाद कुछ नहीं दिखा। वहीं, रविवार-सोमवार की रात में राजगढ़ सबसे ठंडा रहा। यहां न्यूनतम तापमान 6.6 डिग्री दर्ज किया गया।

मौसम विभाग के अनुसार, दतिया-शिवपुरी में 8 डिग्री, पचमढ़ी में 8.2 डिग्री, नौगांव में 8.6 डिग्री, श्योपुर में पारा 9.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बड़े शहरों में ग्वालियर सबसे ठंडा रहा। यहां तापमान 7.8 डिग्री दर्ज किया गया। भोपाल में 11.2 डिग्री, इंदौर में 12.2 डिग्री, उज्जैन में 12 डिग्री और जबलपुर में तापमान 13.6 डिग्री रहा।

ठंड के लिए इसलिए खास है जनवरी
मौसम विभाग के अनुसार, जिस तरह मानसून के चार महीने (जून, जुलाई, अगस्त और सितंबर) में से दो महीने जुलाई-अगस्त अहम रहते हैं और इन्हीं में 60 प्रतिशत या इससे अधिक बारिश हो जाती है, ठीक उसी तरह दिसंबर और जनवरी में कड़ाके की ठंड पड़ती है।

इन्हीं दो महीने में प्रदेश में उत्तर भारत से सर्द हवाएं ज्यादा आती हैं, इसलिए टेम्परेचर में अच्छी-खासी गिरावट आती है। सर्द हवाएं भी चलती हैं। पिछले 10 साल के आंकड़े यही ट्रेंड बताते हैं। वेस्टर्न डिस्टरबेंस (पश्चिमी विक्षोभ) के एक्टिव होने से जनवरी में मावठा भी गिरता है। पिछले साल कई जिलों में बारिश हुई थी। इस बार साल के पहले ही दिन बादल भी छाए रहे। वहीं, आखिरी सप्ताह में भी बारिश-बादल वाला मौसम शुरू हो गया है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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