शहडोल में Aviator गेम का खौफनाक अंजाम: कर्ज में डूबे पिता ने परिवार संग पिया जहर, बेटी-पिता की मौत

By Ashish Meena
फ़रवरी 26, 2026

मध्य प्रदेश के शहडोल शहर से आई यह खबर दिल दहला देने वाली है। एक पिता, जो अपने परिवार की किस्मत बदलना चाहता था, ऑनलाइन गेम में ऐसी हार गया कि पूरा घर उजड़ गया। Aviator गेम में लाखों रुपये गंवाने और कर्ज के दबाव में टूट चुके शंकर लाल गुप्ता ने ऐसा कदम उठाया, जिसने पूरे इलाके को सदमे में डाल दिया।

बताया जा रहा है कि उन्होंने जहर मिली कोल्ड ड्रिंक अपनी पत्नी और 16 साल की बेटी को पिलाई, फिर खुद भी पी ली। इस दर्दनाक घटना में बेटी और पिता की मौत हो गई, जबकि मां जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही हैं। यह सिर्फ एक परिवार की कहानी नहीं, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग की लत का खतरनाक सच है।

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Aviator गेम में हारे लाखों, बढ़ता गया कर्ज

परिवार के करीबी लोगों के मुताबिक, शंकर लाल गुप्ता पिछले कुछ समय से Aviator गेम खेल रहे थे। यह एक ऑनलाइन सट्टा आधारित गेम है, जिसमें लोग पैसे लगाकर ज्यादा कमाने की उम्मीद करते हैं। शुरुआत में छोटी रकम लगाई जाती है, लेकिन धीरे-धीरे दांव बड़ा होता जाता है।

शंकर लाल भी इसी चक्कर में फंस गए। उन्हें भरोसा था कि एक दिन बड़ा दांव जीतेंगे और सारा कर्ज उतार देंगे। लेकिन किस्मत ने साथ नहीं दिया। जानकारी के अनुसार, उन्होंने लगभग 4 लाख रुपये ऑनलाइन गेमिंग में गंवा दिए। कर्ज बाजार में बढ़ता गया, उधार देने वालों का दबाव भी बढ़ने लगा।

Aviator गेम की लत इतनी गहरी हो चुकी थी कि वे दिन-रात मोबाइल पर लगे रहते थे। परिवार को उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन धीरे-धीरे आर्थिक तंगी ने मानसिक तनाव का रूप ले लिया।

जहर मिली कोल्ड ड्रिंक और एक खौफनाक शाम

घटना शहडोल के पुरानी बस्ती इलाके की बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, शंकर लाल ने घर में कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाया। पहले पत्नी और बेटी को पिलाया, फिर खुद भी पी लिया।

16 वर्षीय स्वाति गुप्ता को तुरंत मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजन उसका अंतिम संस्कार कर लौटे ही थे कि कुछ ही देर बाद शंकर लाल गुप्ता ने भी दम तोड़ दिया।

पत्नी राजकुमारी गुप्ता की हालत गंभीर बनी हुई है और वे ICU में भर्ती हैं। परिवार का 15 वर्षीय बेटा अनिकेत उस समय घर पर नहीं था, जिससे उसकी जान बच गई। लेकिन अब उसके सिर से पिता और बहन का साया उठ चुका है और मां अस्पताल में जिंदगी की जंग लड़ रही हैं।

दुकान बिकी, फिर भी नहीं छूटा ऑनलाइन गेमिंग का चक्कर

जानकारी के मुताबिक, शंकर लाल पहले मोबाइल शॉप में काम करते थे। बाद में अनूपपुर जिले में अपनी मोबाइल की दुकान शुरू की। शुरुआत में कारोबार ठीक चला, लेकिन ऑनलाइन गेमिंग की लत ने धीरे-धीरे सब खत्म कर दिया।

कर्ज चुकाने के लिए उन्हें अपनी दुकान बेचनी पड़ी। इसके बाद वे सड़क किनारे छोटी दुकान लगाकर मोबाइल एक्सेसरीज बेचने लगे। लेकिन Aviator गेम खेलने की आदत नहीं छूटी। जो भी कमाई होती, उसका हिस्सा ऑनलाइन गेम में लग जाता।

परिवार को उम्मीद थी कि हालात सुधरेंगे, लेकिन कर्ज और मानसिक तनाव ने उन्हें अंदर से तोड़ दिया। यह घटना बताती है कि ऑनलाइन गेमिंग की लत किस तरह धीरे-धीरे इंसान की सोचने-समझने की क्षमता पर असर डालती है।

ऑनलाइन गेमिंग का बढ़ता खतरा

पिछले कुछ सालों में ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा आधारित ऐप्स तेजी से बढ़े हैं। बड़े-बड़े विज्ञापनों और आसान कमाई के लालच में कई लोग इसमें पैसा लगाने लगते हैं। शुरुआत में छोटी जीत मिलती है, जिससे भरोसा बढ़ता है। लेकिन जब हार का सिलसिला शुरू होता है, तो लोग और ज्यादा पैसा लगाकर नुकसान की भरपाई करने की कोशिश करते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक तरह की लत बन जाती है, जो मानसिक स्वास्थ्य पर बुरा असर डालती है। आर्थिक नुकसान के साथ-साथ परिवारिक रिश्ते भी टूटने लगते हैं। शहडोल की यह घटना उसी कड़वे सच को सामने लाती है।

Aviator गेम जैसे ऑनलाइन गेम कई बार युवाओं और कामकाजी लोगों को जल्दी अमीर बनने का सपना दिखाते हैं। लेकिन हकीकत में यह सपना कई परिवारों के लिए बर्बादी का कारण बन रहा है।

पुलिस जांच और आगे की कार्रवाई

पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि जहर कहां से लाया गया और घटना से पहले क्या हुआ था। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि ऑनलाइन गेमिंग के कारण आर्थिक दबाव कितना था। परिवार के मोबाइल फोन और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच की जा सकती है, ताकि पूरी सच्चाई सामने आ सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल प्राथमिक जांच में मामला आत्मघाती कदम का प्रतीत हो रहा है, लेकिन हर पहलू से जांच की जा रही है।

 

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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