शहडोल जिला अस्पताल में बड़ा हादसा: लेबर टेबल टूटने से प्रसूता और नवजात गिरे, बच्चे की दर्दनाक मौत

By Ashish Meena
मार्च 8, 2026

मध्य प्रदेश के शहडोल जिला अस्पताल से एक बेहद दर्दनाक घटना सामने आई है, जिसने स्वास्थ्य व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां प्रसव के दौरान लेबर रूम में लेबर टेबल टूट जाने से एक प्रसूता महिला अपने नवजात शिशु के साथ नीचे गिर गई। इस हादसे में नवजात की मौत हो गई, जबकि प्रसूता को भी चोटें आई हैं।

घटना के बाद अस्पताल में हड़कंप मच गया और परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं अस्पताल प्रशासन ने इन आरोपों से इनकार करते हुए कहा है कि टेबल नहीं टूटी थी, बल्कि प्रसव के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया था। अब इस मामले ने जिला अस्पताल की व्यवस्था और सुरक्षा मानकों पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं।

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शहडोल जिला अस्पताल के लेबर रूम में हुआ दर्दनाक हादसा

जानकारी के अनुसार यह घटना शहडोल जिला अस्पताल के लेबर रूम में शनिवार रात हुई। एक महिला को प्रसव के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। प्रसव की प्रक्रिया चल रही थी तभी अचानक लेबर टेबल टूट गया और महिला अपने नवजात के साथ नीचे गिर गई।

इस अचानक हुए हादसे से वहां मौजूद स्टाफ और परिजन भी घबरा गए। गिरने के कारण नवजात को गंभीर चोट लगी और कुछ ही देर में उसकी मौत हो गई। वहीं प्रसूता को भी चोटें आईं और उसकी हालत बिगड़ गई। घटना के बाद अस्पताल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और स्टाफ पर लापरवाही के आरोप लगाए और मामले की जांच की मांग की।

अस्पताल की लापरवाही से गई नवजात की जान

प्रसूता के पति मुकेश साकेत ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान लेबर रूम में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया गया।मुकेश साकेत के अनुसार उनकी पत्नी उमा साकेत शनिवार रात प्रसव पीड़ा के कारण अस्पताल में भर्ती थीं। प्रसव के दौरान अचानक लेबर टेबल टूट गया और उनकी पत्नी नवजात के साथ नीचे गिर गईं।

उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि घटना के बाद अस्पताल स्टाफ ने उन्हें काफी देर तक अपनी पत्नी से मिलने नहीं दिया। बाद में जब उनकी पत्नी को बाहर लाया गया तो वह अचेत अवस्था में थीं और उन्हें बताया गया कि बच्चा मृत पैदा हुआ है। परिजनों का कहना है कि यदि अस्पताल में उपकरणों की नियमित जांच और सही रखरखाव किया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता और बच्चे की जान बच सकती थी।

प्रसूता ने भी बताई घटना की पूरी कहानी

घटना के बाद पीएनसी वार्ड में भर्ती उमा साकेत को जब होश आया तो उन्होंने भी हादसे की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि प्रसव के दौरान अचानक लेबर टेबल टूट गया और वह नीचे गिर गईं।

हालांकि उन्हें गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन गिरने के कारण उनकी हालत खराब हो गई थी। अस्पताल के कुछ सूत्रों का कहना है कि लेबर टेबल पहले से ही खराब था और उसी वजह से यह हादसा हुआ। इस घटना ने अस्पताल में मौजूद उपकरणों की स्थिति और उनकी देखरेख पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

अस्पताल प्रबंधन ने आरोपों को किया खारिज

इस पूरे मामले पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि इसमें किसी तरह की लापरवाही नहीं हुई है। शहडोल जिला अस्पताल की सिविल सर्जन डॉ. शिल्पी सराफ ने बताया कि उन्होंने स्वयं लेबर रूम का निरीक्षण किया है।

उनके अनुसार जांच के दौरान टेबल टूटने जैसी कोई तकनीकी खराबी नहीं मिली। उनका कहना है कि प्रसव के दौरान महिला का संतुलन बिगड़ गया था और वह नीचे गिर गईं।

सिविल सर्जन ने यह भी बताया कि गर्भ में बच्चा आड़ा फंसा हुआ था, जो नवजात की मौत का कारण हो सकता है। हालांकि परिजन अस्पताल प्रशासन के इस बयान से संतुष्ट नहीं हैं और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे गंभीर सवाल

इस घटना के बाद शहडोल जिला अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर कई सवाल उठ रहे हैं। जिला अस्पताल जैसे बड़े सरकारी अस्पताल में अगर उपकरणों की सही देखरेख नहीं होती तो मरीजों की सुरक्षा खतरे में पड़ सकती है।

विशेषज्ञों का कहना है कि अस्पतालों में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की नियमित जांच और रखरखाव बेहद जरूरी होता है। यदि ऐसा नहीं किया जाता तो इस तरह की घटनाएं हो सकती हैं। स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन इस तरह की घटनाएं सिस्टम की कमजोरियों को उजागर करती हैं।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई

फिलहाल इस पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी। प्रशासन की ओर से संकेत दिए गए हैं कि घटना की जांच कराई जाएगी और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

परिजन भी चाहते हैं कि इस मामले की निष्पक्ष जांच हो और दोषियों को सजा मिले, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को इस तरह के दर्दनाक हादसे का सामना न करना पड़े।

 

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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