“पहले पिता-बेटी… फिर मां! शहडोल में एक गेम की लत ने कैसे खत्म कर दिया पूरा परिवार?”
By Ashish Meena
मार्च 5, 2026
मध्य प्रदेश के शहडोल से एक ऐसी घटना सामने आई है जिसने पूरे शहर को हिला कर रख दिया है। ऑनलाइन गेमिंग की लत ने एक खुशहाल परिवार को ऐसा दर्द दिया कि अब घर में सन्नाटा ही बचा है। पहले पिता और बेटी की मौत हुई, और अब 8 दिन तक अस्पताल में जिंदगी की लड़ाई लड़ने के बाद मां ने भी दम तोड़ दिया।
यह घटना केवल एक परिवार की त्रासदी नहीं है, बल्कि ऑनलाइन गेमिंग की बढ़ती लत पर गंभीर सवाल खड़े करती है। BDG और Aviator जैसे ऑनलाइन गेम में पैसे लगाने की आदत ने एक पिता को इतना परेशान कर दिया कि उसने ऐसा कदम उठा लिया, जिससे पूरा परिवार खत्म हो गया और पीछे एक 15 साल का बेटा अकेला रह गया।
शहडोल में कैसे हुई यह दर्दनाक घटना
यह दर्दनाक घटना मध्य प्रदेश के शहडोल शहर के पुरानी बस्ती इलाके की है। यहां सत्यम वीडियो के पास रहने वाले शंकर लाल गुप्ता अपने परिवार के साथ रहते थे। परिवार में उनकी पत्नी राजकुमारी, बेटी स्वाति और बेटा अनिकेत थे।
बताया जा रहा है कि शंकर लाल गुप्ता को ऑनलाइन गेम BDG और Aviator खेलने की लत लग गई थी। शुरुआत में उन्होंने मनोरंजन के तौर पर गेम खेलना शुरू किया, लेकिन धीरे-धीरे यह लत बन गई।
ऑनलाइन गेमिंग के दौरान उन्होंने कई बार पैसे लगाए और धीरे-धीरे लाखों रुपये हार गए। हार के बाद उन्होंने कर्ज लेना शुरू किया और आर्थिक दबाव लगातार बढ़ता चला गया। कर्ज और मानसिक तनाव ने उन्हें इतना परेशान कर दिया कि उन्होंने एक खौफनाक फैसला ले लिया।
कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर परिवार को पिलाया
24 फरवरी की रात इस परिवार की जिंदगी हमेशा के लिए बदल गई। जानकारी के अनुसार, शंकर लाल गुप्ता ने कथित तौर पर कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाया।
बताया जा रहा है कि उन्होंने पहले अपनी पत्नी और बेटी को यह जहरीला पेय पिलाया और फिर खुद भी पी लिया। कुछ देर बाद तीनों की हालत बिगड़ने लगी। पड़ोसियों को जब इसकी जानकारी मिली तो उन्हें तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने इलाज शुरू किया, लेकिन स्थिति बहुत गंभीर थी।
पिता और बेटी की पहले ही हो चुकी थी मौत
अस्पताल में इलाज के दौरान 25 फरवरी को पिता शंकर लाल गुप्ता और बेटी स्वाति गुप्ता की मौत हो गई। इस घटना के बाद पूरे इलाके में शोक का माहौल बन गया। परिवार के लोग और आसपास के निवासी इस घटना से बेहद दुखी थे। उधर, मां राजकुमारी का इलाज मेडिकल कॉलेज शहडोल में चल रहा था। डॉक्टर लगातार उन्हें बचाने की कोशिश कर रहे थे। करीब आठ दिनों तक जिंदगी और मौत के बीच जूझने के बाद आखिरकार राजकुमारी भी जिंदगी की जंग हार गईं और उनकी भी मौत हो गई।
15 साल का बेटा ही बचा परिवार में
इस दर्दनाक घटना के बाद परिवार में केवल 15 वर्षीय बेटा अनिकेत ही बचा है। घटना के समय अनिकेत घर पर मौजूद नहीं था। इसी वजह से वह जहरीला पेय पीने से बच गया और उसकी जान बच गई। अब यह मासूम बेटा अपने माता-पिता और बहन को खोकर अकेला रह गया है। इस घटना ने पूरे शहर को झकझोर दिया है।
ऑनलाइन गेमिंग की लत पर उठे गंभीर सवाल
इस घटना के बाद ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा जैसे प्लेटफॉर्म्स पर फिर से सवाल उठने लगे हैं। BDG और Aviator जैसे कई ऑनलाइन गेम ऐसे होते हैं जिनमें लोग पैसे लगाकर खेलने लगते हैं। शुरुआत में लोग छोटी रकम से खेलते हैं, लेकिन धीरे-धीरे यह लत बन जाती है। जब लोग लगातार हारने लगते हैं तो नुकसान की भरपाई के लिए और ज्यादा पैसे लगाने लगते हैं। इससे आर्थिक और मानसिक दबाव बढ़ने लगता है। कई बार यही दबाव लोगों को गलत फैसले लेने के लिए मजबूर कर देता है।
कैसे बढ़ रही है ऑनलाइन गेमिंग की समस्या
भारत में पिछले कुछ वर्षों में ऑनलाइन गेमिंग तेजी से बढ़ी है। स्मार्टफोन और इंटरनेट की आसान उपलब्धता के कारण लाखों लोग ऑनलाइन गेम खेलने लगे हैं। कई गेम ऐसे होते हैं जो मनोरंजन के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन कुछ प्लेटफॉर्म ऐसे भी होते हैं जहां पैसे लगाने की सुविधा होती है। ऐसे गेम धीरे-धीरे जुए की तरह बन जाते हैं। लोग जल्दी पैसा कमाने की उम्मीद में पैसे लगाते रहते हैं और कई बार भारी नुकसान झेलते हैं।
समाज और परिवार पर पड़ रहा असर
ऑनलाइन गेमिंग की लत केवल व्यक्ति को ही नहीं बल्कि पूरे परिवार को प्रभावित करती है। जब कोई व्यक्ति आर्थिक नुकसान झेलता है तो उसका असर घर की आर्थिक स्थिति पर पड़ता है। इससे परिवार में तनाव बढ़ता है और कई बार रिश्तों में भी दरार आ जाती है। शहडोल की यह घटना इसी बात का उदाहरण है कि कैसे एक गलत लत पूरे परिवार को खत्म कर सकती है।
जरूरी है जागरूकता और सावधानी
विशेषज्ञों का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाना जरूरी है। अगर कोई व्यक्ति गेम खेलने की लत में पड़ रहा है तो परिवार और दोस्तों को उसे समझाने की कोशिश करनी चाहिए। इसके अलावा सरकार और प्रशासन को भी ऐसे प्लेटफॉर्म्स पर सख्त नियम लागू करने की जरूरत है ताकि लोग आर्थिक और मानसिक नुकसान से बच सकें।
