सरकारी रेस्ट हाउस में अश्लील डांस और शराबखोरी! डांसरों का अश्लील वीडियो हो रहा वायरल, जनपद सदस्य ने रखा था कार्यक्रम, जमकर छलकाए जाम
By Ashish Meena
जनवरी 13, 2026
डांसरों का अश्लील वीडियो हो रहा वायरल: छत्तीसगढ़ में सरकारी संपत्तियों के दुरुपयोग और मर्यादाओं के तार-तार होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। गरियाबंद में एसडीएम की मौजूदगी में हुए अश्लील डांस के विवाद के बाद अब सूरजपुर जिले से एक ऐसा ही शर्मनाक मामला सामने आया है। यहाँ वन विभाग के फॉरेस्ट रेस्ट हाउस में डांसरों के अश्लील ठुमकों, शराबखोरी और पैसों की बर्बादी का वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है।
पर्यटन के नाम पर ‘अयाशी’ का अड्डा?
यह पूरा मामला रामानुजनगर ब्लॉक के कुमेली रेस्ट हाउस का बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि डांसरों के अश्लील डांस पर लोग पैसे लुटा रहे हैं और शराब के जाम छलक रहे हैं। चौंकाने वाली बात यह है कि इस महफिल में कुछ स्थानीय जनप्रतिनिधि और सरकारी कर्मचारी भी शामिल नजर आ रहे हैं।
जांच में सामने आया है कि इस कार्यक्रम का आयोजन एक जनपद सदस्य (BDC) शमशेर खान द्वारा किया गया था। रेस्ट हाउस के हॉल में बकायदा गद्दे बिछाकर इस अश्लील पार्टी का इंतजाम किया गया था।
रेंजर देते थे नेताओं को चाबी
जब वन विभाग की टीम जांच के लिए कुमेली पहुंची, तो रेस्ट हाउस के चौकीदार ने बड़े खुलासे किए। चौकीदार के अनुसार, तत्कालीन रेंजर आरसी प्रजापति सीधे नेताओं को रेस्ट हाउस की चाबी सौंप देते थे। रेंजर फोन पर निर्देश देते थे कि “नेताजी लोग आ रहे हैं, उनके लिए बैठने और अन्य व्यवस्थाएं कर देना।” हालांकि, विभाग का तर्क है कि यह वीडियो 1-2 साल पुराना है, लेकिन सरकारी परिसर में ऐसी गतिविधियों ने सुरक्षा और नैतिकता पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।
गरियाबंद कांड की यादें हुई ताजा- SDM पर गिर चुकी है गाज
सूरजपुर का यह मामला ठीक उसी समय सामने आया है जब गरियाबंद में इसी तरह की एक घटना पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। गरियाबंद के मैनपुर में एक कार्यक्रम के दौरान ऑर्केस्ट्रा डांसरों ने मंच पर अश्लीलता की सभी हदें पार कर दी थीं। उस कार्यक्रम में SDM तुलसी दास मरकाम और पुलिसकर्मी खुद पैसे लुटाते दिखे थे।
DFO ने दिए जांच के आदेश (डांसरों का अश्लील वीडियो हो रहा वायरल)
सूरजपुर डीएफओ दुलेश्वर साहू ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश जारी किए हैं। एसडीओ अशोक तिवारी के नेतृत्व में वन विभाग की टीम ने सोमवार को मौके पर पहुंचकर सरपंच और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए हैं। रेंजर से लेकर जनपद सदस्य तक, सभी की भूमिका की जांच की जा रही है।
पर्यटन को बढ़ावा देने के नाम पर लाखों-करोड़ों खर्च कर बनाए गए ये सरकारी रेस्ट हाउस अब नेताओं और अधिकारियों की निजी पार्टियों के केंद्र बन गए हैं। गरियाबंद से लेकर सूरजपुर तक की ये घटनाएं बताती हैं कि व्यवस्था में किस कदर लापरवाही व्याप्त है। अब देखना यह है कि प्रशासन सूरजपुर के दोषियों पर गरियाबंद जैसी कड़ी कार्रवाई करता है या मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।
