भारत सरकार का बड़ा फैसला, टोल नहीं चुकाया तो नहीं बेच पाएंगे गाड़ी, इन 3 बड़ी सेवाओं पर लगेगा ताला

By Ashish Meena
जनवरी 21, 2026

भारत सरकार का बड़ा फैसला : देश के नेशनल हाईवेज (NH) पर सफर करने वाले वाहन स्वामियों के लिए बड़ी खबर है। भारत सरकार ने सेंट्रल मोटर व्हीकल्स रूल्स 2026 (Central Motor Vehicles Rules 2026) के तहत टोल वसूली के नियमों को और अधिक सख्त कर दिया है। अब यदि आपकी गाड़ी पर टोल का एक रुपया भी बकाया है, तो आप अपनी गाड़ी से जुड़ी कई महत्वपूर्ण सरकारी सेवाओं का लाभ नहीं उठा पाएंगे।

इन 3 बड़ी सेवाओं पर लगेगा ताला

सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय के नए आदेश के अनुसार, ‘अनपेड टोल यूजर’ (टोल न चुकाने वाले) की श्रेणी में आने वाले वाहनों को निम्नलिखित दस्तावेज जारी नहीं किए जाएंगे।

नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC)

यदि आप अपनी कार या बाइक बेचना चाहते हैं या दूसरे राज्य में ट्रांसफर करना चाहते हैं, तो बिना टोल क्लीयरेंस के NOC नहीं मिलेगी।

फिटनेस सर्टिफिकेट (Fitness Certificate)

कॉमर्शियल वाहनों के लिए अनिवार्य फिटनेस सर्टिफिकेट का रिन्युअल तब तक नहीं होगा, जब तक पुराना बकाया जमा न हो जाए।

नेशनल परमिट (National Permit)

ट्रक और बस जैसे भारी वाहनों को नेशनल परमिट तभी मिलेगा जब उनका टोल रिकॉर्ड पूरी तरह क्लीन होगा।

कैसे पकड़ी जाएगी ‘टोल चोरी’? (डिजिटल मैकेनिज्म)

अब टोल प्लाजा पर बैरियर तोड़कर भागना या फास्टैग में बैलेंस कम होने पर निकल जाना आपको भारी पड़ेगा। सरकार ने ‘वाहन’ (VAHAN) पोर्टल को सीधे टोल कलेक्शन सिस्टम से सिंक कर दिया है।

सेंसर और कैमरा

टोल पर लगे HD कैमरे और RFID रीडर वाहन की नंबर प्लेट को स्कैन करेंगे।

ऑटोमेटेड रिकॉर्ड

यदि फास्टैग से पैसा नहीं कटता है, तो इसकी सूचना तुरंत NPCI के जरिए मंत्रालय के डेटाबेस में चली जाएगी।

डिजिटल लिंकिंग

बकाया राशि आपके गाड़ी के इंजन और चेसिस नंबर के साथ डिजिटल रिकॉर्ड में जुड़ जाएगी।

‘मल्टी-लेन फ्री फ्लो’ (MLFF) की तैयारी

सरकार का यह कदम भविष्य के बिना बैरियर वाले टोल प्लाजा (Barrier-free Toll) के लिए आधार तैयार करना है। आने वाले समय में हाईवे पर गाड़ियां रुकेंगी नहीं, बल्कि लगे हुए कैमरे चलते-फिरते वाहन से पैसे काट लेंगे। चूंकि वहां कोई फिजिकल बैरियर नहीं होगा, इसलिए वसूली सुनिश्चित करने के लिए इसे गाड़ी के कागजों (NOC/Fitness) से जोड़ना अनिवार्य कर दिया गया है।

फॉर्म 28 (Form 28) में हुआ बदलाव

NOC के लिए इस्तेमाल होने वाले फॉर्म 28 को अब अपडेट कर दिया गया है। अब वाहन मालिक को खुद यह डिक्लेरेशन (घोषणा) देनी होगी कि उसका कोई टोल बकाया नहीं है। गलत जानकारी देने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान भी किया गया है।

सरकार का यह कदम टोल चोरी रोकने और हाईवे पर ट्रैफिक को सुचारू बनाने की दिशा में क्रांतिकारी है। अब वाहन मालिकों को सलाह दी जाती है कि वे अपने फास्टैग वॉलेट को हमेशा रिचार्ज रखें और समय-समय पर ‘वाहन’ पोर्टल पर अपना बकाया चेक करते रहें, ताकि गाड़ी बेचते समय या फिटनेस कराते समय कोई समस्या न आए।

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Ashish Meena

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।

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