राजस्व मंत्री के बिगड़े बोल, लाड़ली बहनों को खुलेआम दी धमकी, कहा- कार्यक्रम में नहीं आईं, तो…

By Ashish Meena
फ़रवरी 6, 2026

मध्य प्रदेश की सबसे चर्चित ‘लाड़ली बहना योजना’ (Ladli Behna Yojana) एक बार फिर सुर्खियों में है, लेकिन इस बार वजह सहायता राशि नहीं बल्कि सरकार के मंत्रियों के विवादित बयान हैं। कैबिनेट मंत्री विजय शाह के बाद अब प्रदेश के राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने लाड़ली बहनों को सार्वजनिक मंच से सख्त चेतावनी दी है, जिससे प्रदेश की राजनीति में हड़कंप मच गया है।

“जो नहीं आईं, उनका नाम काट दो” – मंत्री का फरमान

गुरुवार को सीहोर जिले की इछावर विधानसभा के ग्राम धामंदा में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में मंत्री करण सिंह वर्मा अपना आपा खो बैठे। नवीन उपस्वास्थ्य केंद्र के लोकार्पण के दौरान जब उन्होंने देखा कि कार्यक्रम में महिलाओं की उपस्थिति कम है, तो उन्होंने मंच से ही जनपद पंचायत सीईओ को कड़े निर्देश दे डाले।

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मंत्री वर्मा ने कहा, “ग्राम धामंदा में 894 लाड़ली बहनों को हर महीने 1500 रुपए मिल रहे हैं, फिर भी वे कार्यक्रम में नहीं हैं। सीईओ साहब, एक दिन सबको बुलाओ और जो नहीं आएं, उनके नाम लिस्ट से काटकर मुझे रिपोर्ट भेजो।”

पीएम मोदी और गेहूं का किया जिक्र

मंत्री यहीं नहीं रुके, उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार के एहसान गिनाते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली से मुफ्त गेहूं भेज रहे हैं और किसानों के खातों में पैसे डाल रहे हैं, लेकिन लोग ध्यान नहीं रखते। उन्होंने कांग्रेस पर तंज कसते हुए पूछा कि क्या उनके राज में बहनों को कभी पैसा मिलता था?

विजय शाह ने भी दिखाई थी आंखें

यह पहली बार नहीं है जब किसी मंत्री ने लाड़ली बहनों को जांच की धमकी दी है। 13 दिसंबर 2025 को रतलाम में मंत्री विजय शाह ने भी कहा था कि सरकार करोड़ों रुपए दे रही है, तो बहनों को धन्यवाद देने आना चाहिए। उन्होंने ‘आधार लिंक’ और ‘जांच पेंडिंग’ करने जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर दबाव बनाने की कोशिश की थी।

सीएम कह रहे 5000 देंगे, मंत्री काट रहे नाम

हैरानी की बात यह है कि एक तरफ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने 17 दिसंबर 2025 को विधानसभा में घोषणा की थी कि लाड़ली बहना योजना की राशि भविष्य में 5000 रुपए तक ले जाई जाएगी, वहीं दूसरी ओर उनके मंत्री छोटी-छोटी बातों पर नाम काटने की धमकी दे रहे हैं। विपक्ष ने इसे गरीब महिलाओं का अपमान और उन्हें डराने की साजिश करार दिया है।

सरकारी योजनाओं का लाभ देना सरकार की संवैधानिक जिम्मेदारी है या कोई ‘एहसान’? मंत्रियों के इन बयानों ने इस पर नई बहस छेड़ दी है। लाड़ली बहना योजना, जिसने भाजपा को सत्ता दिलाने में बड़ी भूमिका निभाई, अब मंत्रियों की बयानबाजी के कारण सरकार की छवि पर भारी पड़ सकती है।

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आशीष मीणा हिंदी पत्रकार हैं और राष्ट्रीय तथा सामाजिक मुद्दों पर लिखते हैं। उन्होंने पत्रकारिता की पढ़ाई की है और वह तथ्यात्मक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग पर ध्यान केंद्रित करते हैं।