मौसम ने धारण किया रौद्र रूप, पर्यटन स्थलों पर जमी 2 फीट बर्फ, इन जिलों में 2 फरवरी तक स्कूल बंद
By Ashish Meena
जनवरी 28, 2026
उत्तराखंड में मौसम ने रौद्र रूप धारण कर लिया है। पिछले 48 घंटों से राज्य के पहाड़ी जिलों में लगातार हो रही भारी बर्फबारी (Heavy Snowfall) और मैदानी इलाकों में बारिश ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया है। बदरीनाथ धाम, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री में बर्फ की मोटी चादर बिछ गई है, जिससे चारधाम यात्रा मार्ग और राष्ट्रीय राजमार्ग कई स्थानों पर बंद हो गए हैं।
प्रमुख पर्यटन स्थलों पर जमी 2 फीट बर्फ
राज्य के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में कड़ाके की ठंड पड़ रही है। चकराता और प्रसिद्ध स्कीइंग डेस्टिनेशन औली में अब तक दो फीट तक बर्फबारी दर्ज की जा चुकी है। वहीं, हरिद्वार और आसपास के क्षेत्रों में ओलावृष्टि (Hailstorm) ने तापमान में भारी गिरावट ला दी है।
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सुखी टॉप और जानकी चट्टी पर थमे पहिए
गंगोत्री नेशनल हाईवे: सुखी टॉप से आगे बर्फ जमा होने के कारण यातायात पूरी तरह ठप है।
यमुनोत्री हाईवे: राना चट्टी से जानकी चट्टी और राड़ी टॉप के बीच सड़क पर फिसलन और बर्फ के कारण वाहनों की आवाजाही बंद है। प्रशासन मशीनों के जरिए बर्फ हटाने का काम कर रहा है, लेकिन लगातार हो रही बर्फबारी काम में बाधा डाल रही है।
8 जिलों में स्कूलों की छुट्टी, शासन अलर्ट पर
बढ़ती ठंड और खराब मौसम को देखते हुए प्रशासन ने एहतियाती कदम उठाए हैं। चमोली, उत्तरकाशी, रुद्रप्रयाग, पिथौरागढ़, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा और ऊधम सिंह नगर में कक्षा 12 तक के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी गई है।
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हिमस्खलन की गंभीर चेतावनी
रक्षा भू-सूचना अनुसंधान संस्थान (DGRE) ने बर्फबारी के बाद हिमस्खलन का खतरा जताया है। उत्तरकाशी, चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों को ऑरेंज श्रेणी में रखा गया है। यहां मध्यम से बड़े हिमस्खलन की संभावना है।
पिथौरागढ़ जिले में छोटे हिमस्खलन की आशंका जताई गई है। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (USDMA) ने पर्यटकों और स्थानीय निवासियों को ढलानों वाले इलाकों से दूर रहने और अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी है।
पर्यटन में उछाल, लेकिन स्थानीय मुसीबतें बढ़ीं
जहां एक ओर बर्फबारी को देखकर पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिले हुए हैं और औली-मसूरी जैसे इलाकों में पर्यटकों की आमद बढ़ी है, वहीं स्थानीय लोगों के लिए बिजली कटौती और रास्तों का बंद होना बड़ी मुसीबत बन गया है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 2 फरवरी तक मौसम का यही मिजाज बने रहने के आसार हैं।
उत्तराखंड के पहाड़ों में इस समय प्रकृति का दोहरा रूप दिख रहा है—एक ओर बर्फ की खूबसूरती है, तो दूसरी ओर हिमस्खलन का जानलेवा खतरा। यदि आप उत्तराखंड की यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो मौसम विभाग और प्रशासन की गाइडलाइंस का पालन जरूर करें।
