भारत के बजट जितना खर्च केवल AI पर, ये कंपनियां बदल देंगी टेक्नोलॉजी की दुनिया, 54 लाख करोड़ के निवेश से कांप उठेगी दुनिया
By Ashish Meena
फ़रवरी 8, 2026
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की रेस अब सिर्फ नए फीचर्स तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह दुनिया के सबसे बड़े ‘पैसे के खेल’ में बदल चुकी है। ब्लूमबर्ग की हालिया रिपोर्ट ने पूरी दुनिया को चौंका दिया है। रिपोर्ट के अनुसार, साल 2026 तक चार दिग्गज टेक कंपनियाँ AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर 650 बिलियन अमेरिकी डॉलर (लगभग 54 लाख करोड़ रुपये) खर्च करने वाली हैं।
दिलचस्प बात यह है कि यह विशालकाय रकम भारत के कुल वार्षिक बजट ($670 बिलियन) के लगभग बराबर है। यानी जितना पैसा भारत अपनी 140 करोड़ जनता की शिक्षा, स्वास्थ्य और रक्षा पर एक साल में खर्च करता है, उतना पैसा ये 4 कंपनियाँ सिर्फ AI को बेहतर बनाने में लगा देंगी।
किन कंपनियों की जेब से निकल रहा है पैसा?
दुनिया की इन चार महाशक्तियों ने अपने वित्तीय विवरणों में इस भारी निवेश का खुलासा किया है।
Google (Alphabet): गूगल ने सबसे बड़ा दांव खेलते हुए 185 बिलियन डॉलर के निवेश की घोषणा की है।
Amazon: ई-कॉमर्स और क्लाउड दिग्गज अमेजन 200 बिलियन डॉलर खर्च करने की तैयारी में है।
Meta (Facebook): मार्क जुकरबर्ग की कंपनी मेटा AI पर 135 बिलियन डॉलर लगाएगी।
Microsoft: विंडोज और कोपायलट की निर्माता कंपनी 120 बिलियन डॉलर का निवेश करेगी।
आखिर कहाँ खर्च हो रहा है इतना पैसा?
आम जनता को लगता है कि AI सिर्फ चैटबॉट (जैसे ChatGPT या Gemini) है, लेकिन असल में इस निवेश का सबसे बड़ा हिस्सा AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर खर्च हो रहा है।
डेटा सेंटर्स (Data Centers): ये विशाल इमारतें होती हैं जिनमें हजारों हाई-एंड कंप्यूटिंग सर्वर लगे होते हैं।
सुपर कंप्यूटर और चिप्स: NVIDIA जैसी कंपनियों से महंगे AI चिप्स खरीदना और खुद के कस्टम प्रोसेसर बनाना।
ऊर्जा और कूलिंग: इन सेंटर्स को चलाने के लिए बिजली की भारी खपत होती है, जिसके लिए ये कंपनियाँ सोलर और न्यूक्लियर एनर्जी में भी निवेश कर रही हैं।
ये 4 एजेंट्स बदल देंगे आपकी लाइफस्टाइल
इन कंपनियों के पास अपने-अपने दमदार AI प्रोडक्ट्स हैं, जो इस निवेश के बाद और भी शक्तिशाली हो जाएंगे:
Google Gemini: यह आपके जीमेल, डॉक्स और एंड्रॉइड फोन का दिमाग बन चुका है।
Meta AI: व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक पर मौजूद यह बॉट अब आपकी भाषा में बात और इमेज जनरेट करता है।
Microsoft Copilot: ऑफिस के काम और विंडोज को आसान बनाने के लिए यह आपका डिजिटल साथी है।
Amazon Q और Alexa: अमेजन क्यू बिजनेस वर्ल्ड के लिए है, जबकि एलेक्सा अब और अधिक ‘स्मार्ट’ और ‘मानवीय’ होने वाली है।
भारत के लिए क्या है इसके मायने?
चूंकि भारत दुनिया का सबसे बड़ा डेटा उपभोक्ता है, इसलिए इन निवेशों का बड़ा हिस्सा भारत में नए डेटा सेंटर्स बनाने और स्थानीय भाषाओं के लिए AI मॉडल तैयार करने में इस्तेमाल होगा। इससे न केवल रोजगार बढ़ेगा, बल्कि भारत के डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन को भी नई गति मिलेगी।
टेक जगत की यह ‘महाजंग’ यह तय करेगी कि आने वाले समय में इंटरनेट और तकनीक पर किसका राज होगा। $650 बिलियन का यह निवेश न केवल कंपनियों का भविष्य तय करेगा, बल्कि यह भी तय करेगा कि हम और आप तकनीक का उपयोग किस तरह करेंगे।
