देवास: कन्नोद पुलिस ने 3 बदमाशों को किया गिरफ्तार, बड़ी वारदात को अंजाम देने की बना रहे थे योजना, नेमावर का हिस्ट्रीशीटर भी गिरफ्त में
By Ashish Meena
फ़रवरी 4, 2026
बदमाशों को किया गिरफ्तार: देवास पुलिस को अपराध नियंत्रण की दिशा में एक और बड़ी सफलता मिली है। ‘ऑपरेशन त्रिनेत्रम’ (Operation Trinetram) के तहत कन्नौद थाना पुलिस ने एक सक्रिय चोर गिरोह के तीन शातिर सदस्यों को उस वक्त गिरफ्तार किया, जब वे चोरी की एक बड़ी वारदात को अंजाम देने की योजना बना रहे थे।
कैसे मिला सुराग? सीसीटीवी ने खोला राज
देवास एसपी पुनीत गेहलोत के निर्देश पर शहर में चोरी की वारदातों को रोकने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जनवरी माह से ही ऋद्धि-सिद्धि और वैष्णवी कॉलोनी में संदिग्ध गतिविधियों की शिकायतें मिल रही थीं। एएसपी (ग्रामीण) सोम्या जैन और एसडीओपी आदित्य तिवारी के मार्गदर्शन में पुलिस की एक विशेष टीम सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही थी।
खेतों की पगडंडियों पर पुलिस की घेराबंदी
2 फरवरी की रात को गश्त के दौरान मुखबिर से पक्की सूचना मिली कि ऋद्धि-सिद्धि कॉलोनी की बाउंड्रीवाल के पीछे कुछ संदिग्ध छिपे हुए हैं। निरीक्षक तहजीब काजी के नेतृत्व में तत्काल तीन टीमें बनाई गईं। पुलिस ने कॉलोनी के मुख्य रास्तों के बजाय खेतों की पगडंडियों का इस्तेमाल किया ताकि अपराधियों को भनक न लगे।
पुलिस को अचानक सामने देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद पुलिस टीमों ने चारों तरफ से घेराबंदी कर उन्हें धर दबोचा।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान
हिस्ट्रीशीटर ‘गुडपट्टी‘ गिरोह का मास्टरमाइंड है।
ओम पिता बाबूलाल: निवासी हरदा।
गोकुल उर्फ गुडपट्टी पिता श्रवण: निवासी नेमावर (गिरोह का सरगना और नेमावर थाने का लिस्टेड हिस्ट्रीशीटर)।
लल्लू उर्फ कार्तिक पिता संजू (निवासी नेमावर, हाल मुकाम भोलेनाथ कॉलोनी, इंदौर)।
लूट और चोरी का अनोखा तरीका
पूछताछ में आरोपियों ने कई सनसनीखेज खुलासे किए। गिरोह न केवल घरों और दुकानों के ताले तोड़ता था, बल्कि नेमावर जाने वाले श्रद्धालुओं को भी अपना निशाना बनाता था। ये बदमाश अकेले श्रद्धालुओं से रास्ता पूछने या तलाशी लेने के बहाने उन्हें रोकते थे और मौका मिलते ही मोबाइल व नकदी लूट लेते थे।
हथियार और औजार बरामद
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घरों के ताले चटकाने और दुकानों के शटर उखाड़ने के आधुनिक औजार जब्त किए हैं। न्यायालय ने आरोपियों को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेजा है। पुलिस को उम्मीद है कि रिमांड के दौरान इंदौर, हरदा और देवास जिलों की कई अन्य अनसुलझी चोरियों का खुलासा हो सकता है।
