इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में बड़ा उलटफेर, अचानक दो आरोपी हुए रिहा, पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी हत्या
By Ashish Meena
फ़रवरी 4, 2026
इंदौर के चर्चित और सनसनीखेज राजा रघुवंशी हत्याकांड (Raja Raghuvanshi Murder Case) में न्यायालय ने एक अहम फैसला सुनाया है। साक्ष्यों के अभाव और तकनीकी प्रमाणों की कमी के चलते अदालत ने आरोपी बनाए गए गार्ड बलवीर सिंह अहिरवार और बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर को सभी आरोपों से दोषमुक्त (Acquitted) कर दिया है।
क्या था मामला और क्यों हुई थी गिरफ्तारी?
ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की निर्मम हत्या के बाद इंदौर पुलिस ने गहन जांच शुरू की थी। शुरुआती तफ्तीश में पुलिस को संदेह था कि हत्याकांड के बाद आरोपियों को पनाह देने और साक्ष्य मिटाने (Tampering with Evidence) में स्थानीय लोगों का हाथ हो सकता है। इसी आधार पर बिल्डिंग मालिक लोकेंद्र सिंह तोमर और वहां तैनात गार्ड बलवीर सिंह को गिरफ्तार किया गया था।

पुलिस के अनुसार, हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी और विशाल चौहान लसूड़िया इलाके की एक बिल्डिंग में रुके थे। यह बिल्डिंग ‘शिलाम जेम्स’ के नाम पर थी, जिसका रेंटल एग्रीमेंट विशाल के नाम पर पाया गया था।
कोर्ट में क्यों फेल साबित हुई पुलिस की थ्योरी?
न्यायालय में चली लंबी सुनवाई के दौरान पुलिस आरोपियों के खिलाफ ठोस सबूत पेश करने में नाकाम रही। बचाव पक्ष के वकीलों ने तर्क दिया कि बिल्डिंग का प्रबंधन एक ब्रोकर के माध्यम से हो रहा था, इसलिए मालिक का सीधे तौर पर अपराधियों से संपर्क साबित नहीं हुआ। पुलिस ने बिजली बिल और तकनीकी दस्तावेजों की जांच की, लेकिन हत्या की साजिश या सबूत मिटाने में इनकी सक्रिय भूमिका का कोई प्रमाण नहीं मिला।

शिलॉन्ग के ईस्ट खासी हिल्स के एसपी विवेक सिगम ने भी पुष्टि की कि प्रारंभिक परिस्थितियों के आधार पर संदेह था, लेकिन बाद में हत्याकांड से इनका सीधा संबंध नहीं पाया गया।
मुख्य आरोपियों की वर्तमान स्थिति
जहाँ गार्ड और बिल्डिंग मालिक को रिहाई मिल गई है, वहीं इस हत्याकांड के मुख्य सूत्रधार सोनम रघुवंशी और राज कुशवाहा फिलहाल न्यायिक हिरासत (Judicial Custody) में हैं। पुलिस अन्य पहलुओं, विशेषकर वित्तीय लेनदेन और हत्या के पीछे के असली मकसद की गहरी जांच कर रही है।

शिलॉन्ग में खाई में मिला था राजा का शव
इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की 11 मई को सोनम के साथ शादी हुई थी। 20 मई को राजा और सोनम हनीमून के लिए इंदौर से मेघालय रवाना हुए थे। 22 मई को दोनों सोहरा की यात्रा पर निकले थे। उन्होंने एक एक्टिवा भी किराए पर ली थी।
पेड़ काटने वाले हथियार से की गई राजा थी हत्या
24 जून को राजा-सोनम से परिवार का संपर्क टूट गया था। 27 मई से दोनों की सर्चिंग शुरू की गई। 29 मई को तेज बारिश के कारण सर्चिंग रोकनी पड़ी थी। इसके बाद 30 मई को दोबारा सर्चिंग शुरू की गई। 2 जून को खाई में राजा का शव मिला। 3 जून को राजा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में पता चला कि उसकी हत्या पेड़ काटने वाले हथियार से की गई थी।
सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली
इसके बाद पुलिस सोनम की तलाश में जुट गई। 9 जून को सोनम यूपी के गाजीपुर स्थित एक ढाबे पर मिली थी। इसके बाद परत-दर-परत मामले में कई खुलासे हुए। इन खुलासों ने रघुवंशी परिवार सहित सभी को चौंका दिया था। इसमें मामले में पुलिस ने 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें से दो को कोर्ट ने सबूतों के अभाव में बरी कर दिया है।
